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मुश्किलें कम करने के लिए 'रूपचंद' ने छोड़ा था घर, न खुद लौटे न शरीर
Fri, 12 Jun 2020 06:37 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 12 Jun 2020 06:37 PM IST
सार
- कुवैत में ही दफनाया गया गोरखपुर निवासी का शव
- जटेपुर उत्तरी के रूपचंद कनौजिया की कुवैत में हो गई थी हार्ट अटैक से मौत
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
गोरखपुर के जटेपुर उत्तरी निवासी रूपचंद कनौजिया का शव कुवैत में ही दफना दिया गया। 30 अप्रैल को हार्ट अटैक से उनकी कुवैत में ही मौत हो गई थी। हालांकि उनके शव को सरकार की पहल पर भारतीय दूतावास की ओर से छह जून को भारत भेजने की तैयारी भी पूरी कर ली गई थी। अफसोस कि घर की मुश्किलें कम करने के लिए विदेश पहुंचे रूपचंद न खुद घर लौट सके और न उनका शरीर ही।
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12 साल से रूपचंद कुवैत में एक लॉंड्री में काम कर रहे थे। 30 अप्रैल को हार्टअटैक से उनकी मौत वहीं पर हो गई। इसके बाद उनके परिवार ने भाजपा पार्षद ऋषि मोहन वर्मा के साथ दो मई को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पर प्रार्थना पत्र दिया था। पार्षद इस प्रकरण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में लाए।
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सीएम योगी ने लिखा था पत्र
मुख्यमंत्री ने चार मई को विदेश मंत्री एस.जयशंकर को पत्र लिखकर जांच करने का आग्रह किया था। भारतीय दूतावास के अनुबंधित एनजीओ के वालंटियर मोहम्मद हुसैन सैफुद्दीन कागदी ने इस बात की पुष्टि की थी कि छह जून को रूपचंद का शव दिल्ली एयरपोर्ट पर हवाई मार्ग से भेजा जाएगा।
इसके लिए औपचारिकताएं कुवैत के भारतीय दूतावास द्वारा पूरी कर ली गईं। उधर, रूपचंद की पत्नी ने पार्षद ऋषि मोहन के साथ सदर सांसद रवि किशन से मुलाकात करके अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति की जानकारी दी और दिल्ली से शव गोरखपुर लाने में असमर्थता जताई। सांसद ने दिल्ली से गोरखपुर रूपचंद का शव लाने की पूरी जिम्मेदारी ली।
रूपचंद के परिजनों ने भी ट्रेन से गोरखपुर से दिल्ली के लिए छह जून का टिकट करा लिया था। परंतु उसी दिन शव को दफना दिए जाने की सूचना मिली। इससे परिवार वालों को गहरा सदमा लगा। पार्षद ऋषि ने बताया कि परिवार ने अब प्रार्थना पत्र देकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं सांसद रवि किशन से न्याय की गुहार लगाई है तथा पूरे प्रकरण की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच कराने की मांग भी की है।
इसके लिए औपचारिकताएं कुवैत के भारतीय दूतावास द्वारा पूरी कर ली गईं। उधर, रूपचंद की पत्नी ने पार्षद ऋषि मोहन के साथ सदर सांसद रवि किशन से मुलाकात करके अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति की जानकारी दी और दिल्ली से शव गोरखपुर लाने में असमर्थता जताई। सांसद ने दिल्ली से गोरखपुर रूपचंद का शव लाने की पूरी जिम्मेदारी ली।
रूपचंद के परिजनों ने भी ट्रेन से गोरखपुर से दिल्ली के लिए छह जून का टिकट करा लिया था। परंतु उसी दिन शव को दफना दिए जाने की सूचना मिली। इससे परिवार वालों को गहरा सदमा लगा। पार्षद ऋषि ने बताया कि परिवार ने अब प्रार्थना पत्र देकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं सांसद रवि किशन से न्याय की गुहार लगाई है तथा पूरे प्रकरण की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच कराने की मांग भी की है।