{"_id":"5fdaf7cab1c65b06bd26f825","slug":"bn-national-academy-school-manager-committed-suicide-news-update","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"स्कूल प्रबंधक ने गोली मारकर की थी आत्महत्या, इसी अनहोनी की वजह से अकेला नहीं छोड़ते थे घरवाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल प्रबंधक ने गोली मारकर की थी आत्महत्या, इसी अनहोनी की वजह से अकेला नहीं छोड़ते थे घरवाले
Thu, 17 Dec 2020 11:46 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 17 Dec 2020 11:46 AM IST
विज्ञापन
मृतक की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर में बुधवार को स्कूल प्रबंधक राजा यादव ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। बताया जा रहा है कि डिप्रेशन की वजह से घरवाले उन्हें अकेला नहीं छोड़ते थे। मौका मिलते ही उन्होंने ऐसा कदम उठा लिया कि घरवालों के सामने पछताने के अलावा कुछ नहीं बचा।
विज्ञापन
किसी को नहीं पता था कि चंद मिनटों पहले तो हंस कर घर के लोगों के साथ खाना खाने वाला राजा यादव अचानक अलमारी तोड़कर बंदूक निकालेंगे और खुद को गोली मार लेंगे। पिता कहते हैं कि उसे कभी अकेला नहीं छोड़ते थे। डॉक्टर ने भी कहा था इस वजह से इस बात का ज्यादा ध्यान देते थे। फिर भी मौका पाकर उसने खुदकुशी कर ली।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक राजा ने कई दोस्तों और रिश्तेदारों की आर्थिक मदद भी की थी। इन रुपयों की वापसी को लेकर कुछ परेशान होते थे मगर इतना भी नहीं कि आत्मघाती कदम उठा लें। वह कौन सी वजह थी जिसने राजा को डिप्रेशन में डाला यह घरवाले भी नहीं बता पा रहे हैं। उनका सिर्फ यही कहना है कि डिप्रेशन में होने की जानकारी होने के बाद से ही उनका लखनऊ में उपचार चल रहा था। और कभी उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाता था।
विज्ञापन
ऐसे रोगी अचानक ही उठाते हैं कदम
स्कूल जाते थे तब भी घर का कोई न कोई सदस्य उनके साथ होता था। मंगलवार की रात खाना भी राजा ने सबके साथ खाया। पत्नी कुछ काम करने लगीं और वह कमरे में गए। इतने में ही उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल अग्रवाल ने बताया कि डिप्रेशन में एक स्टेज ऐसा होता है जब इंसान को यह लगता है कि सबकुछ खत्म सा हो गया है। अब उसे अपनी जिंदगी खत्म कर लेनी चाहिए। अचानक ऐसे रोगी आत्मघाती कदम उठा लेते हैं।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. गोपाल अग्रवाल ने बताया कि डिप्रेशन में एक स्टेज ऐसा होता है जब इंसान को यह लगता है कि सबकुछ खत्म सा हो गया है। अब उसे अपनी जिंदगी खत्म कर लेनी चाहिए। अचानक ऐसे रोगी आत्मघाती कदम उठा लेते हैं।