‘हमारे संघर्ष को अपमानित किया’: देवेंद्र प्रताप के पत्र से गरमाई एमएलसी चुनाव की सियासत, सपा क्यों हो रही गदगद
सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के समर्थक इस पत्र को अपने पक्ष में बता रहे हैं। वहीं, भाजपा पदाधिकारी पत्र से चुनाव पर असर पड़ने की संभावना को खारिज कर रहे हैं।
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यूपी के गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव के ठीक पहले भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को शिक्षकों के नाम खुला पत्र लिखा है। इस पत्र से सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। एमएलसी ने पत्र में लिखा है कि न्याय के खिलाफ हमारे संघर्ष को अपमानित किया गया। उनके इस बयान को 12 अक्तूबर को मुख्यमंत्री के शिक्षक संवाद सम्मेलन से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें उन्हें मंच पर जाने से रोक दिया गया था और भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय से बहस हो गई थी।
अपमान के खिलाफ वोट देने की अपील
भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने 23 अक्तूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव में अन्याय और अपमान के खिलाफ वोट देने की अपील की है। एमएलसी ने अपने पत्र की पुष्टि करते हुए कहा कि मैंने पत्र लिखकर अपनी बात कही है। शिक्षक समुदाय समझदार हैं वह खुद निर्णय ले लेगा। हालांकि, देवेंद्र प्रताप सिंह ने पत्र में किसी उम्मीदवार या पार्टी का नाम नहीं लिखा है। लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।
सपा प्रत्याशी पत्र को बता रहे अपने पक्ष में
सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के समर्थक इस पत्र को अपने पक्ष में बता रहे हैं। वहीं, भाजपा पदाधिकारी पत्र से चुनाव पर असर पड़ने की संभावना को खारिज कर रहे हैं। हाल में ही सपा में जाने की एलान कर चुके बेतियाहाता से भाजपा पार्षद ने सोमवार शाम को एमएलसी देवेंद्र सिंह से मुलाकात की और इसके बाद पत्र के साथ एमएलसी के साथ फोटो भी फेसबुक वॉल पर पोस्ट की है। लिखा है, एमएलसी चुनाव में मतदान को लेकर भावनात्मक अपील के लिए आभार।
पत्र में एमएलसी ने की है अपील
सम्मानित शिक्षक साथियों, शिक्षकों और प्रतिभाशाली प्रतियोगी नौजवानों के हित के लिए मेरा पूरा जीवन समर्पित है। जैसे देश की सरहदों पर सैनिक देश की सीमाओं की प्रतिकूल परिस्थितियों में अदम्य साहस के साथ रक्षा करता है, ठीक उसी तरह मैं सदन से लेकर सड़क तक उसी भाव और निष्ठा के साथ आप सबके हितों के लिए संघर्ष करता हूं।
अन्याय किसी के भी साथ हो, उस अन्याय के खिलाफ पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करता हूं। सबको न्याय मिले इसके लिए मैं संघर्ष की पराकाष्ठा तक चला जाता हूं। आज तक मेरे दरवाजे से कोई निराश और खाली हाथ नहीं गया।
शिक्षक और प्रतियोगी नौजवान मेरे परिवार का हिस्सा हैं। न्याय के लिए हमारे संघर्ष को अपमानित किया गया। जिनके मन में न्याय पाने की ललक हो, जिन्हें मेरे संघर्ष में विश्वास हो, जो मेरे प्रति स्नेह, सम्मान और आत्मीय भाव रखते हों, ऐसे सभी शिक्षक साथियों से अन्याय व अपमान के खिलाफ 23 अक्तूबर को सशक्त जनादेश की प्रार्थना करता हूं।