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गोरखपुर: बिल दिया नहीं, थमा दिया लाखों रुपये का बकाया, सामने आई बड़ी लापरवाही

Tue, 08 Nov 2022 02:58 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 08 Nov 2022 02:58 PM IST
सार

मुख्य अभियंता आशू कालिया ने कहा कि बड़े कनेक्शनों पर सांठगांठ कर कारपोरेशन को वित्तीय क्षति पहुंचाने की शिकायतें सामने आई हैं। 5 से 9 किलोवाट तक के कनेक्शनों पर गोपनीय जांच करवाई जाएगी। इनका बिल समय से नहीं बन रहा है तो ये बिलिंग एजेंसी की भी गलती है। अपने काम में सुधार लाएं, नहीं तो कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।

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Bill not given pending dues of lakhs of rupees in Gorakhpur
बिजली का बिल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बिजली निगम के अभियंताओं और मीटर रीडरों की लापरवाही का परिणाम उपभोक्ता भुगत रहे हैं। पांच से नौ किलोवाट तक के बिजली कनेक्शनों पर बिल नहीं बनाया गया। कॉरपोरेशन से जब सख्ती हुई तो एक साथ कई उपभोक्ताओं को लाखों रुपये का बिल थमा दिया गया। हालांकि, इनमें कुछ उपभोक्ता ऐसे भी हैं, जो मीटर रीडर और जेएमटी से मिलीभगत कर खुद बिल बनवाने सामने नहीं आते। इन उपभोक्ताओं को खंडवार खोजा जा रहा है।

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मोहद्दीपुर के अभय कुमार अग्रवाल के घर सात किलोवाट का कनेक्शन है। पांच महीने से उपभोक्ता के परिसर में बिजली बिल नहीं बना। स्वीकृत कनेक्शन की क्षमता के सापेक्ष लंबित बिलों की जांच के दौरान इनका नाम सामने आया। जांच की गई तो पता चला इनके मीटर में कुल 13,612 हजार रीडिंग स्टोर थी।
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परीक्षण किया गया तो इनका 1,18,570 रुपये का बकाया है। ऐसे ही, आवास विकास के रामधनी, धर्मपुर के क्रांति कुमार झा और अन्य कुछ उपभोक्ताओं के नाम सामने आए हैं। अभियंताओं ने बताया कि इनमें कई तो मीटर रीडर की गलती का खामियाजा भुगत रहे हैं, जबकि कई जेएमटी और मीटर रीडर की सांठगांठ से कारपोरेशन को वित्तीय क्षति पहुंचा रहे।
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दरअसल, बिजली निगम में बिजली बिल के नाम पर गड़बड़ी की शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं। चर्चा है कि जेएमटी और मीटर रीडर मिलकर हैवी कनेक्शनों पर खेल करते हैं। जैसे, उपभोक्ता के परिसर में 5 से 9 किलोवाट का कनेक्शन है और उनके परिसर में बिजली की खपत भी खूब होती है। ऐसे में उपभोक्ता को लाभ दिलाने के लिए जेएमटी और मीटर रीडर मिलकर न तो उसके परिसर में बिल बनाते हैं और न ही जांच करते हैं।

ऐसे बिलों पर अब कारपोरेशन के साथ मुख्य अभियंता की नजर सख्त हो गई है। अधीक्षण अभियंता शहरी ने तो इस मिलीभगत को देखते हुए 5 से 9 किलोवाट तक के हैवी कनेक्शनों पर बिना उनकी अनुमित लिए मीटर बदलने पर रोक लगा दी है।

मुख्य अभियंता आशू कालिया ने कहा कि बड़े कनेक्शनों पर सांठगांठ कर कारपोरेशन को वित्तीय क्षति पहुंचाने की शिकायतें सामने आई हैं। 5 से 9 किलोवाट तक के कनेक्शनों पर गोपनीय जांच करवाई जाएगी। इनका बिल समय से नहीं बन रहा है तो ये बिलिंग एजेंसी की भी गलती है। अपने काम में सुधार लाएं, नहीं तो कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।

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