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गोरखपुर: इस संस्था के कर्मचारी ने ही रची थी साजिश, बिहार के गैंग के साथ मिलकर दिया था 22 लाख की लूट को अंजाम
Thu, 05 Nov 2020 01:25 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 05 Nov 2020 01:25 PM IST
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कैंट इलाके के सिंघड़िया आदर्श नगर कॉलोनी स्थित गल्फ टेक्निकल इंस्टीट्यूट में घुसकर 22 लाख रुपये की लूट की घटना को बिहार के गैंग ने अंजाम दिया था। लूट की साजिश संस्था के कर्मचारी पवन सिंह ने ही रची थी। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को फटहिया मोड़ से गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया है।
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आरोपियों की पहचान बिहार के सीवान के जीरादेई निवासी अजय सिंह, पवन सिंह, मुफस्सिल निवासी सोनू कुमार शाह और जियांव निवासी डब्लू यादव के रूप में हुई है। एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं। घटना में चार से अधिक लोगों के शामिल होने की वजह से लूट की धारा में दर्ज केस को डकैती में तरमीम किया जाएगा। आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी। आरोपियों के पास से लूट के 12 लाख 16 हजार रुपये, घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन, बाइक भी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने आरोपितोंयों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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एसएसपी जोगेंद्र कुमार और एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि गल्फ संस्था के संचालक संतोष सिंह ने लूट का केस दर्ज कराया था। जांच के दौरान नौ लाख रुपये कार्यालय से उसी समय बरामद हो गए थे, जिस वजह से घटना पर पुलिस को संदेह हुआ था, मगर सीसी टीवी फुटेज और अन्य स्रोतों की मदद से जांच की गई तो पता चला कि संतोष के कर्मचारी पवन (नंदानगर में मकान बनवाकर रहता है) ने ही पूरी साजिश रची थी। उसने अपने बिहार के साथी अजय सिंह और अन्य आरोपियों से वारदात को अंजाम दिलाया था।
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कंपनी वाले ठगी के जरिए रुपए कमा रहे हैं, लिहाजा पवन को उम्मीद थी कि वे एफआईआर ही नहीं दर्ज कराएंगे। एसएसपी ने बताया कि घटना में शामिल एक आरोपी फरार है। वह भी बिहार का रहने वाला है, जल्द ही उसकी भी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानेदार कैंट दिनेश कुमार मिश्रा, स्वॉट टीम के सादिक परवेज आदि शामिल रहे।
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घटना के सप्ताह पहले की थी रेकी
पुलिस अफसरों ने बताया कि घटना के एक सप्ताह पहले पवन ने अजय को कार्यालय भी दिखाया था। उसे रकम के रखे जाने का स्थान के बारे में भी बताया। इसके बाद अजय ने अपने साथियों के साथ 27 अक्तूबर को रकम लूट ली। जैसा कि पहले से तय था पवन ने अपने हिस्से का नौ लाख रुपये पहले ही किनारे कर दिया था, जिसकी जानकारी संतोष को नहीं थी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर वही नौ लाख रुपये बरामद कर लिया था। संतोष या अन्य किसी को शक ना होने पाए, इस वजह से घटना वाले दिन पवन भी वहां मौजूद था। उसने खुद ही अपनी चेन भी तोड़ी थी, जिसे वह बदमाशों की हरकत बता रहा था। चेन को भी बरामद कर लिया गया है।
इनके पास से यह हुआ बरामद
अजय सिंह के पास से एक लाख 50 हजार रुपये नकद, एक तमंचा और दो कारतूस
पवन सिंह के पास से नौ लाख 13 हजार 650 रुपया, एक चेन और एक मोबाइल
सोनू कुमार के पास से एक लाख 40 हजार नकद, एक तमंचा, एक कारतूस, घटना में इस्तेमाल बाइक
डब्लू यादव उर्फ प्रमोद के पास से दस हजार रुपये नकद
जेल में हुई थी दोस्ती
पवन और अजय एक साथ बिहार में जेल में बंद थे। बिहार पुलिस ने दोनों को मारपीट के मामले में जेल भिजवाया था। इसी दौरान दोनों की दोस्ती हो गई थी। तब से ही दोनों एक दूसरे के घर आते-जाते थे।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर वही नौ लाख रुपये बरामद कर लिया था। संतोष या अन्य किसी को शक ना होने पाए, इस वजह से घटना वाले दिन पवन भी वहां मौजूद था। उसने खुद ही अपनी चेन भी तोड़ी थी, जिसे वह बदमाशों की हरकत बता रहा था। चेन को भी बरामद कर लिया गया है।
इनके पास से यह हुआ बरामद
अजय सिंह के पास से एक लाख 50 हजार रुपये नकद, एक तमंचा और दो कारतूस
पवन सिंह के पास से नौ लाख 13 हजार 650 रुपया, एक चेन और एक मोबाइल
सोनू कुमार के पास से एक लाख 40 हजार नकद, एक तमंचा, एक कारतूस, घटना में इस्तेमाल बाइक
डब्लू यादव उर्फ प्रमोद के पास से दस हजार रुपये नकद
जेल में हुई थी दोस्ती
पवन और अजय एक साथ बिहार में जेल में बंद थे। बिहार पुलिस ने दोनों को मारपीट के मामले में जेल भिजवाया था। इसी दौरान दोनों की दोस्ती हो गई थी। तब से ही दोनों एक दूसरे के घर आते-जाते थे।