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अब दूरदर्शन पर लगेगी बच्चों की पाठशाला, जानिए कब शुरू होगा प्रसारण

Wed, 09 Sep 2020 04:10 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 09 Sep 2020 04:10 PM IST
सार

  • 30-30 मिनट के वीडियो लेक्चर का होगा प्रसारण
  • 20 सितंबर के बाद प्रसारण शुरू होने की उम्मीद

 

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Basic children will also run classes on Doordarshan
doordarshan - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोरोना संकट के दौर में एंड्रायड मोबाइल, इंटरनेट या कंप्यूटर के अभाव में पांच महीने से ऑनलाइन शिक्षा से महरूम बेसिक स्कूलों के हर बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने के नजरिए से अब बेसिक शिक्षा विभाग ने भी कमर कस ली है। इसके तहत कक्षा एक से आठवीं के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम पर आधारित वीडियो को दूरदर्शन पर प्रसारित किया जाएगा।

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गोरखपुर जिले में ही करीब ढाई लाख विद्यार्थी ऑनलाइन क्लास से नहीं जुड़ सके है। बमुश्किल 50 हजार विद्यार्थियों को ही ऑनलाइन पढ़ाई से जोड़ा जा सका है। 20 सितंबर के बाद प्रसारण शुरू होने की उम्मीद है।
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मार्च में स्कूल बंद होने के बाद से शिक्षा विभाग ने कक्षाओं को ऑनलाइन किया और बच्चों को घर पर रहकर पढ़ाने के लिए ऑडियो, वीडियो बनाए। ऑनलाइन कक्षा संचालित करने के लिए दीक्षा एप और व्हाट्सएप का सहारा लिया। मगर स्मार्ट फोन या इंटरनेट के अभाव के चलते बच्चों की बड़ी संख्या ऑनलाइन पढ़ाई से दूर थी।
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माध्यमिक विद्यालयों से समस्या को भांप कर दूरदर्शन के माध्यम से वीडियो का प्रसारण शुरू किया। परिणाम सकारात्मक देख अब बेसिक शिक्षा विभाग भी उस राह पर निकल पड़ा है। वीडियो निर्माण का कार्य लखनऊ और नोएडा में 65 शिक्षकों की टीम से किया जा रहा है। 400 घंटे का पाठ्यक्रम तैयार होगा।

30-30 मिनट की चार घंटे चलेगा क्लास

राज्य परियोजना कार्यालय (गुणवत्ता प्रकोष्ठ) के अकादमिक सेल ने पांच सदस्यीय विषय विशेषज्ञ सुरेश कुमार सोनी, जय प्रकाश ओझा, डॉ. अवनीश यादव, पवन श्रीवास्तव और अजय कुमार को वीडियो के गुणवत्ता जांच दी है। इनमें गोरखपुर के डायट प्रवक्ता जयप्रकाश ओझा भी कमेटी के सदस्य हैं। ये सदस्य टीचिंग प्लान से लेकर स्क्रिप्ट और पीपीटी (पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन) तैयार कराने और अवलोकन में सहायता करेंगे।

कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन और सामाजिक विषयों की पढ़ाई कराने के लिए वीडियो तैयार कराया जा रहा है। 30-30 मिनट का रोजाना क्लास चलेगी। कक्षाओं की समय सारिणी स्कूलों से साझा की जाएगी। रिकॉर्डिंग का काम 13 अगस्त से शुरू हो चुका है। 80 पुस्तकों से 40 घंटे की पाठ्यक्रम सामग्री तैयार हो चुकी है।

राज्य परियोजना कार्यालय (गुणवत्ता प्रकोष्ठ) सदस्य जयप्रकाश ओझा ने कहा कि रिकार्ड लेक्चर की गुणवत्ता की जांच 14-20 सितंबर के बीच लखनऊ में गुणवत्ता प्रकोष्ठ की पांच सदस्यीय टीम की ओर से की जाएगी। उसके बाद इन्हें प्रसारण के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को सौंप दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की अनुभवी टीम वीडियो को तैयार करने में जुटी है। इस पहल से ऑनलाइन शिक्षा से दूर बच्चों को घर बैठे अध्ययन करने में सफलता मिलेगी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से दूरदर्शन के माध्यम से बच्चों को घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। वीडियो लेक्चर का निर्माण हो रहा है। प्रसारण का विस्तृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है। मगर शिक्षकों के माध्यम से अभिभावकों और बच्चों को तक जानकारी दी जा रही है। कोरोना संकट में बेसिक शिक्षा को सृदृढ़ करने में ये फैसला मील का पत्थर साबित होगा।
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