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गोरखपुर: बैंक खाता दुबे का, लेनदेन करते रहे चीन के दो युवक, जांच में जुटी पुलिस
Wed, 19 Oct 2022 10:14 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 19 Oct 2022 10:14 AM IST
सार
सच्चिदानंद दुबे का कहना है कि जून-2022 में एक रिश्तेदार ने एक निजी बैंक में उनका बचत खाता खुलवाया। रिश्तेदार ने बैंक ले जाकर एक महिला कर्मचारी से मिलवाया था। महिला कर्मचारी ने बचत खाता खोलने का फायदा बताते हुए कहा था कि अन्य बैंकों से ज्यादा ब्याज मिलेगा। खाता खोलने के बाद इन लोगों ने उससे कोई लेनदेन नहीं किया।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
चीन के दो युवकों ने यूपीआई के माध्यम से सच्चिदानंद दुबे के बैंक खाते से एक सप्ताह में 1.52 करोड़ रुपये का लेनदेन किया है। रुपये केरल के करीब एक हजार बैंक खातों में भेजे गए हैं। अधिकतर बैंक खाते जोसेफ नामक व्यक्ति के नाम पर हैं। एसपी सिटी ने मामले की जांच सीओ गोरखनाथ को सौंपी है।
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गोरखनाथ इलाके के शांतिपुरम निवासी सच्चिदानंद दुबे ने 10 अक्तूबर को एसएसपी गौरव ग्रोवर को प्रार्थनापत्र देकर अपने बैंक खाते से गलत तरीके से पैसों के लेनदेन का आरोप लगाया था और मामले की जांच करने का अनुरोध किया था। दुबे ने पुलिस को अपने बैंक खाते से हुए लेनदेन का 250 से अधिक पेजों का स्टेटमेंट दिया है।
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सच्चिदानंद दुबे का कहना है कि जून-2022 में एक रिश्तेदार ने एक निजी बैंक में उनका बचत खाता खुलवाया। रिश्तेदार ने बैंक ले जाकर एक महिला कर्मचारी से मिलवाया था। महिला कर्मचारी ने बचत खाता खोलने का फायदा बताते हुए कहा था कि अन्य बैंकों से ज्यादा ब्याज मिलेगा। खाता खोलने के बाद इन लोगों ने उससे कोई लेनदेन नहीं किया।
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पुलिस की जांच में सामने आया है कि सच्चिदानंद दुबे के खाते में दूसरे व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज करके इंटरनेट बैंकिंग को एक्टिवेट किया गया था। इसी के माध्यम से जालसाज खाते से लेनदेन करते थे। दुबे का बैंक में खाता खुलवाने वाले उनके रिश्तेदार से पूछताछ में पता चला कि इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से लेनदेन करने वाले निकोलस और काइल्स को वह केवल नाम से जानता है, उनसे कभी कोई मुलाकात नहीं हुई है। वह दोनों चीन की एक कंपनी से जुड़े हैं।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि सीओ गोरखनाथ मामले की जांच कर रहे हैं। जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।