Bakrid 2021: अकीदत और सादगी से मनाया गया कुर्बानी का पर्व, अमन चैन की मांगी गई दुआ
ईद उल अजहा पर ईदगाह समेत बड़ी मस्जिदों में अदा की गई नमाज, मुल्क को कोरोना वबा से निजात और अमन चैन की मांगी गई दुआ।
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ऐ अल्लाह, तेरी रजा के लिए अपने बेटे हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी देने वाले हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की इबादतों के सदके मुल्क को कोरोना वबा से महफूज अता फरमा। मुल्क में रहने वालों में आपस में मोहब्बत, भाईचारा और अमन अता फरमा। ईद उल अजहा की नमाज अदा के बाद ईदगाह में इमाम ने दुआ की तो सैकड़ों नमाजियों ने आमीन कहा। कुर्बानी का पर्व जिले में अकीदत और सादगी से मनाया गया।
ग्रामीण और शहरी इलाकों में बुधवार सुबह से ही ईद उल अजहा का जोश नजर आया। बच्चे, जवान और बुजुर्ग ईद की नमाज अदा करने के लिए गुस्ल, नए कपड़े और इत्र लगाकर तकबीर ए तशरीक पढ़ते हुए मस्जिदों को रवाना हुए। ग्रामीण इलाकों तुलू आफताब सूर्योदय के बाद मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई।
शहरी इलाकों में शासन के आदेश के अनुसार ईदगाह और मस्जिदों में ईद उल अजहा की नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने घरों पर कुर्बानी की। घर में आने वालों का सिवईं, शीरिनी से मुंह मीठा किया गया। सुबह से देर रात तक बकरीद की मुबारकबाद देने का सिलसिला जारी रहा।
उलेमा-ए-किराम ने की तकरीर
क़ादरिया मस्जिद नखास चौक में कारी मो. मोईनुद्दीन निजामी ने क़ुर्बानी का बयान किया। बताया कि कुर्बानी से हमें दर्स मिलता है। दीन के लिए जब भी जरूरत पड़े तो माल व जान देने से पीछे नहीं हटना चाहिए। मोती जामा मस्जिद दशहरी बाग रसूलपुर में मुफ्ती खुश मोहम्मद मिस्बाही ने कहा कि कुर्बानी अल्लाह को बहुत प्यारी है। बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर में मौलाना अली अहमद ने कहा कि मुसलमानों को कुर्बानी में सभी का ख्याल रखना चाहिए। यह खुशी मेहमान नवाजी का पर्व है, किसी की दिल शिकनी नहीं होनी चाहिए।
बरसात ने बिगाड़ा मजा
रात भर हुई बरसात के कारण कई मुस्लिम बहुल इलाकों में सुबह जलभराव की समस्या रही। जिसके कारण लोगों को ईद की नमाज अदा करने के लिए मस्जिद पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। चिल्मापुर, तारामंडल क्षेत्र, चक्शा हुसैन रसूलपुर, हुमायूंपुर, जफर कॉलोनी बहरामपुर आदि मुस्लिम बहुल इलाकों में जलभराव के कारण नमाजियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चिल्मापुर के फर्रुख जमाल ने बताया कि सुबह गलियों से लेकर मुख्य सड़क और नूर जामा मस्जिद, ईदगाह जाने वाली सड़क पर टखनों तक पानी भरा था।