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Gorakhpur News: अभाव और अपमान में भी बाबा साहब ने बनाया रास्ता
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गोरखपुर क्लब में डॉ. भीमराव आंबेडकर सम्मान अभियान के अंतर्गत विचार गोष्ठी में शामिल हुए मुख्यमंत्री
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर क्लब में आंबेडकर सम्मान अभियान के अंतर्गत आयोजित विचार गोष्ठी में कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने अभाव व अपमान में भी रास्ता बनाया। सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए पूरे देश को सम्मान दिलाया। बाबा साहब के कारण ही बिना भेदभाव हर व्यक्ति को समान मताधिकार के उपयोग की स्वतंत्रता प्राप्त हुई। यूरोप के तमाम देशों में अश्वेतों व महिलाओं को वोट देने का अधिकार बहुत बाद में दिया। लेकिन भारत ने संविधान निर्माण के साथ ही 1952 के पहले आम चुनाव में ही एससी/एसटी, अतिपिछड़ी व महिलाओं को मत देने का अधिकार दे दिया था।
भाजपा की ओर से आयोजित गोष्ठी में मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब ने मेहनत के साथ संविधान तैयार कराया, लेकिन कांग्रेस उन्हें संविधान सभा में जाने नहीं देना चाहती थी। उन्हें ड्राफ्टिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। पं. नेहरू नहीं चाहते थे कि उन्हें यह पद मिले। इसके लिए काफी षडयंत्र भी किया गया। कांग्रेस ने 1952 में बाबा साहब को चुनाव नहीं जीतने दिया। उन्हें हराने वाले को पद्म पुरस्कार दिया। जब हिंदू महासभा के एक सदस्य ने पुणे की सीट छोड़ी, तब बाबा साहब संसद में गए। सीएम ने कहा कि बाबा साहब ने जो 65 वर्ष में किया, वह लोग सैकड़ों वर्ष में नहीं कर पाए। बाबा साहब के नाम पर लोकलुभावन नारे-भाषण देने वाले अनेक आएंगे, लेकिन उनके मूल्यों-आदर्शों को आत्मसात करने वाले एकमात्र दल भारतीय जनता पार्टी है।
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गरीब भूख से मरता था और सपा के लोग उनके नाम पर लेते थे राशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सांसद था तो कुशीनगर में मुसहर समाज की लोगों की भूख से मौत की जानकारी लेने गया था। उस समय प्रदेश में सपा सरकार थी। पता चला कि मुसहर समाज के लोगों के राशन कार्ड सपा पदाधिकारियों के पास थे। गरीब भूख से मरता था और सपा के लोग उनके नाम पर राशन लेते थे। आज प्रदेश में हर मुसहर, थारू, वनटांगिया, चेरो, कोल के पास जमीन, मकान, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौत से सर्वाधिक प्रभावित अल्पसंख्यक, एससी व एसटी बच्चे थे। अकेले आंदोलन करता था। सपा, कांग्रेस कभी जनता के सुख-दुख में सहभागी नहीं बनी। 2012 में सत्ता में आते ही सपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कहा था कि सामाजिक न्याय के पुरोधा भीमराव आंबेडकर, ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फुले, छत्रपति साहू जी महाराज के नाम पर लखनऊ में बने स्मारक तोड़ेंगे। तब भाजपा ने विरोध किया था। सपा जब सरकार में आई तो लखनऊ में कांशीराम के नाम पर विश्वविद्यालय का नाम ऊर्दू-फारसी, अरबी विश्वविद्यालय कर दिया। कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब का नाम बदल दिया। 2015-16 में अनुसूचित जाति की छात्रवृत्ति रोक दी थी।
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मई तक पूरा करें गोड़धोइया नाला परियोजना
मुख्यमंत्री योगी ने किया नाले के निर्माण कार्यों का निरीक्षण
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए मई तक इसे पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूर्ण हो जाने से शहर के उत्तरी क्षेत्र के लोगों को जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी। यह स्वच्छता, ग्रीनरी का भी प्रतिमान बनेगा।
जेल बाईपास के समीप स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद नाले के समीप जाकर वाटर लेवल के बारे में पूछा। निरीक्षण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि गोड़धोइया नाले का सिकुड़ा स्वरूप आधे गोरखपुर के लिए जलभराव का सबसे बड़ा कारण था। पहले यह नाला पूरे उत्तर क्षेत्र के बरसाती जल की निकासी का माध्यम था। धीरे-धीरे करके वह सिकुड़ता गया। इसके बाद उसमें सिल्ट जमा हो गया। कभी सफाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब कोई निर्माण होता है तो तात्कालिक रूप से कुछ लोगों को परेशानी होती है। जब यह परियोजना पूरी हो जाएगी तब जलनिकासी की समस्या का समाधान हो जाएगा।
सीएम ने कहा कि जल निगम और स्थानीय प्रशासन ने उन्हें आश्वस्त किया है कि मई तक इसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। जहां वाटर डायवर्जन को दिक्कत आएगी, वहां कच्चे मार्ग से इसका समाधान किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ सांसद रविकिशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और कई पार्षद तथा भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहे।
रविकिशन घूरेंगे तो बाेल नहीं पाएंगे
निरीक्षण के बाद जनता को संबोधित करने के कार्यक्रम की शुरूआत में मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव जैसे स्वागत भाषण देने माइक पर पहुंचे तो सांसद रविकिशन उन्हें बड़े गौर से देख रहे थे। इस पर मेयर ने चुटकी लेने वाले अंदाज में कहा कि जब रविकिशन इस तरह घूरकर देखेंगे तो हम बोल नहीं पाएंगे। इस पर रविकिशन और बगल में बैठे मुख्यमंत्री समेत सभी लोग ठहाके लगाकर हंस पड़े।
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गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर क्लब में आंबेडकर सम्मान अभियान के अंतर्गत आयोजित विचार गोष्ठी में कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने अभाव व अपमान में भी रास्ता बनाया। सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए पूरे देश को सम्मान दिलाया। बाबा साहब के कारण ही बिना भेदभाव हर व्यक्ति को समान मताधिकार के उपयोग की स्वतंत्रता प्राप्त हुई। यूरोप के तमाम देशों में अश्वेतों व महिलाओं को वोट देने का अधिकार बहुत बाद में दिया। लेकिन भारत ने संविधान निर्माण के साथ ही 1952 के पहले आम चुनाव में ही एससी/एसटी, अतिपिछड़ी व महिलाओं को मत देने का अधिकार दे दिया था।
भाजपा की ओर से आयोजित गोष्ठी में मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब ने मेहनत के साथ संविधान तैयार कराया, लेकिन कांग्रेस उन्हें संविधान सभा में जाने नहीं देना चाहती थी। उन्हें ड्राफ्टिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। पं. नेहरू नहीं चाहते थे कि उन्हें यह पद मिले। इसके लिए काफी षडयंत्र भी किया गया। कांग्रेस ने 1952 में बाबा साहब को चुनाव नहीं जीतने दिया। उन्हें हराने वाले को पद्म पुरस्कार दिया। जब हिंदू महासभा के एक सदस्य ने पुणे की सीट छोड़ी, तब बाबा साहब संसद में गए। सीएम ने कहा कि बाबा साहब ने जो 65 वर्ष में किया, वह लोग सैकड़ों वर्ष में नहीं कर पाए। बाबा साहब के नाम पर लोकलुभावन नारे-भाषण देने वाले अनेक आएंगे, लेकिन उनके मूल्यों-आदर्शों को आत्मसात करने वाले एकमात्र दल भारतीय जनता पार्टी है।
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गरीब भूख से मरता था और सपा के लोग उनके नाम पर लेते थे राशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सांसद था तो कुशीनगर में मुसहर समाज की लोगों की भूख से मौत की जानकारी लेने गया था। उस समय प्रदेश में सपा सरकार थी। पता चला कि मुसहर समाज के लोगों के राशन कार्ड सपा पदाधिकारियों के पास थे। गरीब भूख से मरता था और सपा के लोग उनके नाम पर राशन लेते थे। आज प्रदेश में हर मुसहर, थारू, वनटांगिया, चेरो, कोल के पास जमीन, मकान, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौत से सर्वाधिक प्रभावित अल्पसंख्यक, एससी व एसटी बच्चे थे। अकेले आंदोलन करता था। सपा, कांग्रेस कभी जनता के सुख-दुख में सहभागी नहीं बनी। 2012 में सत्ता में आते ही सपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कहा था कि सामाजिक न्याय के पुरोधा भीमराव आंबेडकर, ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फुले, छत्रपति साहू जी महाराज के नाम पर लखनऊ में बने स्मारक तोड़ेंगे। तब भाजपा ने विरोध किया था। सपा जब सरकार में आई तो लखनऊ में कांशीराम के नाम पर विश्वविद्यालय का नाम ऊर्दू-फारसी, अरबी विश्वविद्यालय कर दिया। कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब का नाम बदल दिया। 2015-16 में अनुसूचित जाति की छात्रवृत्ति रोक दी थी।
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मई तक पूरा करें गोड़धोइया नाला परियोजना
मुख्यमंत्री योगी ने किया नाले के निर्माण कार्यों का निरीक्षण
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए मई तक इसे पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूर्ण हो जाने से शहर के उत्तरी क्षेत्र के लोगों को जलभराव से मुक्ति मिल जाएगी। यह स्वच्छता, ग्रीनरी का भी प्रतिमान बनेगा।
जेल बाईपास के समीप स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद नाले के समीप जाकर वाटर लेवल के बारे में पूछा। निरीक्षण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि गोड़धोइया नाले का सिकुड़ा स्वरूप आधे गोरखपुर के लिए जलभराव का सबसे बड़ा कारण था। पहले यह नाला पूरे उत्तर क्षेत्र के बरसाती जल की निकासी का माध्यम था। धीरे-धीरे करके वह सिकुड़ता गया। इसके बाद उसमें सिल्ट जमा हो गया। कभी सफाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब कोई निर्माण होता है तो तात्कालिक रूप से कुछ लोगों को परेशानी होती है। जब यह परियोजना पूरी हो जाएगी तब जलनिकासी की समस्या का समाधान हो जाएगा।
सीएम ने कहा कि जल निगम और स्थानीय प्रशासन ने उन्हें आश्वस्त किया है कि मई तक इसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। जहां वाटर डायवर्जन को दिक्कत आएगी, वहां कच्चे मार्ग से इसका समाधान किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ सांसद रविकिशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और कई पार्षद तथा भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहे।
रविकिशन घूरेंगे तो बाेल नहीं पाएंगे
निरीक्षण के बाद जनता को संबोधित करने के कार्यक्रम की शुरूआत में मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव जैसे स्वागत भाषण देने माइक पर पहुंचे तो सांसद रविकिशन उन्हें बड़े गौर से देख रहे थे। इस पर मेयर ने चुटकी लेने वाले अंदाज में कहा कि जब रविकिशन इस तरह घूरकर देखेंगे तो हम बोल नहीं पाएंगे। इस पर रविकिशन और बगल में बैठे मुख्यमंत्री समेत सभी लोग ठहाके लगाकर हंस पड़े।