{"_id":"636e1005ba57d4262f6048e5","slug":"ayush-university-85-colleges-have-got-recognition-out-of-104","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुष विश्वविद्यालय: 104 में 85 कॉलेजों को मिली है मान्यता, 200 से अधिक फर्जी छात्रों की मिली सूची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुष विश्वविद्यालय: 104 में 85 कॉलेजों को मिली है मान्यता, 200 से अधिक फर्जी छात्रों की मिली सूची
Fri, 11 Nov 2022 02:34 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 11 Nov 2022 02:34 PM IST
सार
रजिस्टार आरबी सिंह ने बताया कि इनरोलमेंट नंबर एक तरह से छात्रों की यूनिक आईडी होती है। इसी आईडी से उनकी पहचान होती है। इनरोलमेंट नंबर जारी नहीं होने पर छात्रों की पढ़ाई अवैध मानी जाएगी और डिग्री भी मान्य नहीं होगी।
विज्ञापन
आयुष विश्विद्यालय।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में 104 आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी कॉलेज हैं। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय से इनमें 2021-22 के लिए 85 आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी कॉलेजों को मान्यता दे दी गई है। विश्वविद्यालय के रजिस्टार आरबी सिंह ने बताया कि इनमें कुल 69 निजी कॉलेजों को मान्यता दी गई है, जबकि शेष सरकारी कालेज हैं।
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 104 सरकारी और निजी कॉलेजों में आयुष, यूनानी और होम्योपैथी की 7338 सीटें हैं। इन सीटों पर इस बार नीट काउंसिलिंग के जरिए प्रवेश हुआ है। जांच में पता चला कि इनमें 22 छात्र ऐसे हैं, जो नीट की प्रवेश परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए थे, लेकिन इनका भी दाखिला आयुष कॉलेजों में हो गया है। कई अन्य छात्रों का दाखिला मेरिट में हेर-फेर के जरिए आयुष कॉलेजों में हुआ है।
रजिस्टार आरबी सिंह ने बताया कि प्रदेश के 12 कॉलेज ऐसे हैं, जिन्होंने 200 ऐसे छात्रों की सूची भेज दी है, जिन्होंने फर्जीवाड़ा कर दाखिला लिया है। अन्य कॉलेज भी ऐसे छात्रों की सूची भेज रहे हैं। इन छात्रों के इनरोलमेंट नंबर पर रोक लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
विज्ञापन
क्या है इनरोलमेंट नंबर
रजिस्टार आरबी सिंह ने बताया कि इनरोलमेंट नंबर एक तरह से छात्रों की यूनिक आईडी होती है। इसी आईडी से उनकी पहचान होती है। इनरोलमेंट नंबर जारी नहीं होने पर छात्रों की पढ़ाई अवैध मानी जाएगी और डिग्री भी मान्य नहीं होगी।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 104 सरकारी और निजी कॉलेजों में आयुष, यूनानी और होम्योपैथी की 7338 सीटें हैं। इन सीटों पर इस बार नीट काउंसिलिंग के जरिए प्रवेश हुआ है। जांच में पता चला कि इनमें 22 छात्र ऐसे हैं, जो नीट की प्रवेश परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए थे, लेकिन इनका भी दाखिला आयुष कॉलेजों में हो गया है। कई अन्य छात्रों का दाखिला मेरिट में हेर-फेर के जरिए आयुष कॉलेजों में हुआ है।
विज्ञापन
रजिस्टार आरबी सिंह ने बताया कि प्रदेश के 12 कॉलेज ऐसे हैं, जिन्होंने 200 ऐसे छात्रों की सूची भेज दी है, जिन्होंने फर्जीवाड़ा कर दाखिला लिया है। अन्य कॉलेज भी ऐसे छात्रों की सूची भेज रहे हैं। इन छात्रों के इनरोलमेंट नंबर पर रोक लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
विज्ञापन
क्या है इनरोलमेंट नंबर
रजिस्टार आरबी सिंह ने बताया कि इनरोलमेंट नंबर एक तरह से छात्रों की यूनिक आईडी होती है। इसी आईडी से उनकी पहचान होती है। इनरोलमेंट नंबर जारी नहीं होने पर छात्रों की पढ़ाई अवैध मानी जाएगी और डिग्री भी मान्य नहीं होगी।