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बाल सेवा योजना: कोरोना से अनाथ 57 और बच्चों तक जल्द पहुंचेगी सहायता राशि, पढ़ें पूरी जानकारी
Fri, 30 Jul 2021 01:52 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 30 Jul 2021 01:52 PM IST
सार
डीएम की अध्यक्षता में 31 को होने वाली बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद भेजी जाएगी रकम। जिले के 176 बच्चों के अभिभावकों के खातों में भेजी जा चुकी है आर्थिक सहायता।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
कोरोना की वजह से अनाथ हुए गोरखपुर जिले के 57 और बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों में जल्द आर्थिक सहायता पहुंच जाएगी। एक साथ तीन महीने की आर्थिक मदद के तौर पर 12 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसे लेकर तैयारियां पूरी हो गईं हैं। 31 जुलाई को डीएम की अध्यक्षता में बैठक होगी। इस बैठक में सभी आवेदनों पर स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद संबंधित के बैंक खातों में सहायता राशि भेज दी जाएगी।
हाल ही में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में बाल विकास योजना का शुभारंभ किया था। उसी दिन योजना के तहत जिले के 176 अनाथ बच्चों के अभिभावकों के खातों में 12-12 हजार रुपये पहुंच गए थे। इसके बाद भी सर्वे जारी था जिसमें 57 और बच्चे चिह्नित किए गए जिनके मां-बाप में से किसी एक की कोरोना की वजह से मृत्यु हो चुकी है। जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने बताया कि सर्वे का काम जारी है। कोरोना काल में जितने भी बच्चे बेसहारा हुए हैं, सभी को योजना के तहत मदद दी जाएगी।
क्या है बाल सेवा योजना
उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कोरोना में अनाथ हुए 18 साल से कम के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खातों में 4000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। योजना के तहत चिह्नित बालिकाओं के शादी के योग्य होने पर शादी के लिए 1.01 लाख (एक लाख एक हजार रुपये) मिलेंगे। श्रेणी में आने वाले कक्षा-9 या इससे ऊपर की कक्षा में अथवा व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 साल से कम तक के बच्चों को टैबलेट या लैपटॉप भी दिया जाएगा।
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कोरोना से अनाथ हुए बच्चों से मिले नगर विधायक, मदद का आश्वासन
जटेपुर उत्तरी से एक महिला के फोन करने पर नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल उनके घर पहुंचे और मुलाकात कर उन्हें मदद का आश्वासन दिया। महिला ने नगर विधायक को बताया कि कोरोना की वजह से अप्रैल में ही उनके पति का देहांत हो गया था। बाल विकास योजना के तहत विभाग की तरफ से सर्वे आदि के बाद भी उनके बच्चों को योजना का लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ। इसपर नगर विधायक ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को फोन कर नाराजगी जताई और तत्काल योजना का लाभ दिलाने की बात कही। इस मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी का कहना है कि तहसील स्तर पर रिपोर्ट लंबित है। जैसे ही रिपोर्ट पहुंचेगी, पीड़ितों को आर्थिक मदद दिला दी जाएगी।
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हाल ही में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में बाल विकास योजना का शुभारंभ किया था। उसी दिन योजना के तहत जिले के 176 अनाथ बच्चों के अभिभावकों के खातों में 12-12 हजार रुपये पहुंच गए थे। इसके बाद भी सर्वे जारी था जिसमें 57 और बच्चे चिह्नित किए गए जिनके मां-बाप में से किसी एक की कोरोना की वजह से मृत्यु हो चुकी है। जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने बताया कि सर्वे का काम जारी है। कोरोना काल में जितने भी बच्चे बेसहारा हुए हैं, सभी को योजना के तहत मदद दी जाएगी।
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क्या है बाल सेवा योजना
उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कोरोना में अनाथ हुए 18 साल से कम के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खातों में 4000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। योजना के तहत चिह्नित बालिकाओं के शादी के योग्य होने पर शादी के लिए 1.01 लाख (एक लाख एक हजार रुपये) मिलेंगे। श्रेणी में आने वाले कक्षा-9 या इससे ऊपर की कक्षा में अथवा व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 साल से कम तक के बच्चों को टैबलेट या लैपटॉप भी दिया जाएगा।
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कोरोना से अनाथ हुए बच्चों से मिले नगर विधायक, मदद का आश्वासन
जटेपुर उत्तरी से एक महिला के फोन करने पर नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल उनके घर पहुंचे और मुलाकात कर उन्हें मदद का आश्वासन दिया। महिला ने नगर विधायक को बताया कि कोरोना की वजह से अप्रैल में ही उनके पति का देहांत हो गया था। बाल विकास योजना के तहत विभाग की तरफ से सर्वे आदि के बाद भी उनके बच्चों को योजना का लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ। इसपर नगर विधायक ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को फोन कर नाराजगी जताई और तत्काल योजना का लाभ दिलाने की बात कही। इस मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी का कहना है कि तहसील स्तर पर रिपोर्ट लंबित है। जैसे ही रिपोर्ट पहुंचेगी, पीड़ितों को आर्थिक मदद दिला दी जाएगी।