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Gorakhpur News: अफसरों की उदासीनता से बढ़ रही रेलवे में मनमानी

Wed, 13 Dec 2023 01:31 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Dec 2023 01:31 AM IST
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Arbitrariness in railways is increasing due to indifference of officers
पीआरकेएस के महामंत्री ने अफसरों को भेजा शिकायती पत्र
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। ट्रेनों में गंदे बेडरोल की आपूर्ति की शिकायतें आम हो चली हैं। ट्रेन परिचालन से जुड़े कर्मचारी भी 12 से 14 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं, जबकि नौ घंटे ही ड्यूटी लेने का नियम है। इन सबसे रेलवे की छवि खराब हो रही है, लेकिन अफसर इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने इन समस्याओं के समाधान के लिए वरिष्ठ अफसरों को पत्र भेजा है।
महामंत्री का कहना है कि ठेका पर रखे गए कर्मियों को प्रतिमाह 15 से 18 हजार रुपये रेलवे की तरफ से मिलते हैं, लेकिन ठेकेदार कार्य करने वालों को पांच से सात हजार रुपये ही देते हैं। कई बार रेल अधिकारियों को इससे अवगत कराया जा चुका है। ठेके पर रखे गए कर्मचारी ट्रेन में बिना टिकट यात्रियों को अपने साथ यात्रा कराते हैं और जांच करने पर टीटीई के साथ मारपीट करते हैं। इसी तरह ट्रेन परिचालन से जुड़े कर्मचारी भी 12 से 14 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड के एचओईआर रूल के तहत रनिंग संवर्ग के कर्मचारियों को साइन ऑन से साइन ऑफ तक केवल नौ घंटे ड्यूटी का ही प्रावधान है। आपातकालीन परिस्थिति या मुख्यालय की ओर नजदीक पहुंचने की स्थिति में इसे बढ़ाकर 11 घंटे तक किया जा सकता है। लेकिन कर्मचारी चार्जशीट से डर की वजह से बिना विश्राम किए ड्यूटी कर रहे हैं।
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