कुशीनगर: तेज बुखार से एक और बच्चे की मौत, एक माह में तीन मासूम की जा चुकी है जान
खड्डा ब्लॉक के रामपुर जंगल गांव का निवासी था मासूम, बच्चे के परिजनों ने इंसेफेलाइटिस से मौत होने की बात कही।
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कुशीनगर जिले के खड्डा क्षेत्र के रामपुर जंगल गांव में तेज बुखार से दो साल के बच्चे के दम तोड़ देने से परिजनों में कोहराम मच गया। बच्चे के परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने उसकी मौत की वजह मस्तिष्क ज्वर बताया है। इस गांव में एक माह के अंदर तीन बच्चों की मौत और एक के बीमार होने से लोग भयभीत हैं। लोगों की नाराजगी इस बात से है कि गांव में गंदा पानी और मच्छरों की भरमार है, जिससे जलजनित बीमारियां पांव पसार रही हैं।
खड्डा ब्लॉक के ग्राम रामपुर जंगल के दक्षिण टोला निवासी जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि उनका दो वर्ष के बेटा धर्मा को करीब 15 दिनों से तेज बुखार था। जब परेशानी बढ़ी तो उसे पडरौना के एक बालरोग विशेषज्ञ के यहां ले गए।
कुछ दिन इलाज के बाद हालत में सुधार नहीं हुआ तो गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। डॉक्टर मस्तिष्क ज्वर बता रहे थे। बुधवार की सुबह इलाज के दौरान धर्मा की मौत हो गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। रोते-बिलखते पिता ने बच्चे के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
एक माह में तीन बच्चों की मौत
बीते 28 जुलाई को इसी गांव के राजा पाठक के इकलौते बेटे अथर्व की मृत्यु भी मेडिकल कॉलेज में मस्तिष्क ज्वर से हो गई थी। गांव के लोगों ने बताया कि लगभग एक माह पहले इसी गांव के राजकुमार साहनी के दो वर्षीय बेटे नितेश की मृत्यु बुखार से हो गई थी।
घरवाले मामूली बुखार समझ कर इधर-उधर दवा करा रहे थे। बुधवार को इसी गांव के राजकुमार गुप्त के आठ माह के बेटे पीयूष को तेज बुखार आने पर उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ग्रामीण राजकुमार जायसवाल, चंद्रभान गुप्त, सुरेश साहनी, प्रेम, नागेंद्र, रामायन, सुनीता देवी, विशाल आदि का कहना है कि ग्राम पंचायत व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से बच्चों के जीवन पर संकट बना हुआ है। खड्डा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विमलेंदु भूषण ने बताया कि इसकी जानकारी नहीं थी। जांच कराकर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।