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यूपी: परिजनों की डांट से नाराज होकर किशोरी ने उठाया खतरनाक कदम, पुजारी ने बचाई जान
Thu, 19 Nov 2020 08:22 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 19 Nov 2020 08:22 PM IST
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मानसरोवर मंदिर का तालाब। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां परिजनों की डांट से नाराज 17 वर्षीय किशोरी बुधवार की रात करीब 10 बजे मानसरोवर मंदिर के तालाब में कूदकर खुदकुशी का प्रयास करने लगी।
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साथ में मौजूद उसका पुरुष मित्र उसे बचाने की कोशिश कर रहा था। तभी मंदिर के पुजारी की नजर दोनों पर पड़ी। पुजारी ने तत्काल इसकी सूचना सूर्य विहार चौकी इंचार्ज को दी। चौकी इंचार्ज विकास कुमार सिंह तत्काल महिला कांस्टेबल के साथ मौके पर पहुंचे और किशोरी व युवक को साथ लेकर चौकी आए।
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यहां घंटों समझाने के बाद चौकी इंचार्ज ने दोनों को महिला कांस्टेबल के साथ गोरखनाथ थाने भेज दिया। गोरखनाथ पुलिस ने परिजनों को बुलाकर किशोरी को उन्हें सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, गोरखनाथ इलाके की एक कॉलोनी की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी परिजनों की डांट से नाराज थी।
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इसी बात पर वह घर छोड़कर निकल गई। घर से निकलने के बाद मोहल्ले के ही रहने वाले अपने पुरुष मित्र को बुलाया। उससे कहा कि वह अब जीना नहीं चाहती। युवक ने बताया कि वह किशोरी को रोकने लगा और कहा कि चलो तुम्हें घर छोड़ देता हूं। लेकिन किशोरी उसकी एक भी बात सुनने को तैयार नहीं थी।
पुलिस ने किशोरी को परिजनों के हाथ सौंपा
वह पहले सूरजकुंड स्थित रेल की पटरी की ओर खुदकुशी करने जाने लगी। किसी तरह उसे रोका तो मानसरोवर मंदिर स्थित तालाब के पास पहुंच गई। वह उसे कूदने से रोक ही रहा था कि पुजारी और लोगों के साथ आ गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दोनों को साथ लेकर चौकी लाई।
चौकी इंचार्ज विकास सिंह ने बताया कि किशोरी परिजनों के घर जाने को तैयार नहीं थी। उसे समझाने में दो घंटे लगे। नहीं मानी तो गोरखनाथ थाने की महिला सिपाही को बुलाकर दोनों को वहां भेज दिया। इसके बाद गोरखनाथ पुलिस ने किशोरी को समझाया और घर वालों को बुलाकर उनके हवाले कर दिया।
इस संबंध में गोरखनाथ थानेदार रामाज्ञा सिंह ने बताया कि किशोरी को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया है। उसे दोबारा ऐसा नहीं करने की हिदायत दी गई है। पुलिस के अनुसार किशोरी अल्पसंख्यक समुदाय की है, वहीं उसका मित्र बहुसंख्यक समुदाय का है। दोनों की मित्रता को लेकर परिजन नाराज थे और किशोरी को अक्सर फटकार लगाते थे।
चौकी इंचार्ज विकास सिंह ने बताया कि किशोरी परिजनों के घर जाने को तैयार नहीं थी। उसे समझाने में दो घंटे लगे। नहीं मानी तो गोरखनाथ थाने की महिला सिपाही को बुलाकर दोनों को वहां भेज दिया। इसके बाद गोरखनाथ पुलिस ने किशोरी को समझाया और घर वालों को बुलाकर उनके हवाले कर दिया।
इस संबंध में गोरखनाथ थानेदार रामाज्ञा सिंह ने बताया कि किशोरी को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया है। उसे दोबारा ऐसा नहीं करने की हिदायत दी गई है। पुलिस के अनुसार किशोरी अल्पसंख्यक समुदाय की है, वहीं उसका मित्र बहुसंख्यक समुदाय का है। दोनों की मित्रता को लेकर परिजन नाराज थे और किशोरी को अक्सर फटकार लगाते थे।