टिकट कटने से हैं नाराज: गोरखपुर नगर विधायक राधा मोहन खामोश, पर गतिविधियां कुछ बोल रहीं
डॉ. राधा मोहनदास ने दो साल बाद जमा किया बिजली बिल, मांगी एनओसी, अचानक बिजली बिल के भुगतान से चुनाव लड़ने की चर्चाओं को मिला बल।
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भाजपा के नगर विधायक डॉ. राधा मोहनदास अग्रवाल इस बार विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे या नहीं, ये तो राम जानें, लेकिन वे चुनाव लड़ने-जैसी तैयारी कर रहे हैं। दो दिन पहले विधायक ने दो साल का अपना बकाया बिजली का बिल जमा कराया है। अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी मांगा है। इससे पहले विधानसभा की वोटर लिस्ट भी मंगाई थी। हाउस टैक्स भी जमा किया है। लिहाजा, नगर विधायक के चुनाव लड़ने की चर्चाओं को बल मिल रहा है।
चुनाव कार्यालय से जुड़े अधिकारी के मुताबिक चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति को सारी देयता खत्म करनी पड़ती है। इनमें गृहकर, बिजली बिल व अन्य टैक्स शामिल हैं। सबकी एनओसी लगती है। लिहाजा, नगर विधायक के अचानक बिजली बिल और हाउस टैक्स जमा करने से सुगबुगाहट तेज हो गई है।
भाजपा ने इस बार डॉ. राधा मोहनदास अग्रवाल को प्रत्याशी नहीं बनाया है। उनकी जगह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नगर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी हैं। हर मसले पर बेबाक बोलने वाले नगर विधायक इस मामले पर खामोश हैं। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, नगर विधायक को सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का न्योता दे चुके हैं। हालांकि, इस पर भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उनकी रहस्यमयी खामोशी पर, उन्हें जानने वाले कहते हैं कि विधायक के मन में जरूर कुछ चल रहा है। कोई कह रहा है कि वह चुनाव मैदान में निर्दलीय उतर सकते हैं।
कुछ सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का दम भर रहे हैं। कुछ कहते हैं कि खामोशी लंबी हो चुकी है। यानी भाजपा में उनके लिए सब कुछ सेटल हो गया है। वो चुनाव नहीं लड़ेंगे। इस संबंध में नगर विधायक पूछने पर कुछ भी कहने से इनकार करते हैं।
पांच वर्ष में तीन बार किया भुगतान
नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने पांच साल में तीन बार अपने बिजली बिल का भुगतान किया है। पहली बार 24 नवंबर 2016 को 53 हजार रुपये, दूसरी बार छह जुलाई 2019 को 77,397 रुपये और अंतिम बार 31 जनवरी 2022 को एक लाख पांच हजार रुपये का भुगतान किया है।
टाउनहाल अधिशासी अभियंता नवनीत प्रजापति ने कहा कि नगर विधायक के आवास के कनेक्शन पर करीब एक लाख 15 हजार बकाया था। उन्होंने सोमवार को आरटीजीएस के जरिए एक लाख पांच हजार रुपये का भुगतान किया था। करीब 10 हजार रुपये का भुगतान बाकी था। सोमवार शाम को विधायक के प्रतिनिधि ने अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मांगा था। उनसे पूरा भुगतान होने पर एनओसी देने के लिए कहा गया था। मंगलवार को शेष धनराशि का भी भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से कर दिया गया है। बुधवार को कारपोरेशन के खाते में धनराशि आने के बाद एनओसी जारी कर दी जाएगी।