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बांध निर्माण में सुस्ती से ग्रामीणों में नाराजगी
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बांध निर्माण में सुस्ती से ग्रामीणों में नाराजगी
बरहज। सरयू नदी की कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड विभाग कटइलवा से कपरवार संगम तट तक बांध बनवा रहा है। निर्माण कार्य में सुस्ती से गांवों के लोगों में नाराजगी है। गांवों को बचाने के लिए सरकार की ओर से 59 करोड़ की लागत से कटइलवा से कपरवार संगम तट तक बांध निर्माण होना है।
हर वर्ष कटान से किसानों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में विलीन हो रही है। बाढ़ खंड विभाग की ओर से कटइलवा गांव को बचाने के लिए तटबंध पर 380 मीटर स्टेपिंग फ्लो पिचिंग, पर्कोपाइन आदि कार्य कराए जाने हैं। अब तक 200 मीटर ही कार्य हो सका है, जबकि कपरवार संगम तट तक 2450 मीटर सामान्य पिचिंग में करीब एक किलोमीटर कार्य कराया जा सका है। निर्माण कार्य में हो रही देरी से लोगों में रोष है। गांव के जवाहिर यादव, मुखलाल, चंदन आदि का कहना है कि कुछ काम हुआ है, लेकिन रफ्तार धीमी पड़ गई है। निर्माण कार्य में भी खामियां प्रतीत हो रही हैं। 2007 से नदी से हो रही कटान के कारण कुरह परसियां और गोरखपुर जनपद का कोलखास गांव नदी में विलीन हो चुका है। दर्जनों गांवों और रामजानकी मार्ग को बचाने के लिए शासन की ओर से 5883.26 लाख रुपये की मंजूरी मिलने के बाद बांध निर्माण के लिए 25 सितंबर को शिलान्यास किया गया था। एई अशोक द्विवेदी ने बताया कि 70 प्रतिशत कार्य करा लिया गया है। रही बात अनियमितता की तो जांच कराकर दुरुस्त कराया जाएगा।
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बरहज। सरयू नदी की कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड विभाग कटइलवा से कपरवार संगम तट तक बांध बनवा रहा है। निर्माण कार्य में सुस्ती से गांवों के लोगों में नाराजगी है। गांवों को बचाने के लिए सरकार की ओर से 59 करोड़ की लागत से कटइलवा से कपरवार संगम तट तक बांध निर्माण होना है।
हर वर्ष कटान से किसानों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि नदी में विलीन हो रही है। बाढ़ खंड विभाग की ओर से कटइलवा गांव को बचाने के लिए तटबंध पर 380 मीटर स्टेपिंग फ्लो पिचिंग, पर्कोपाइन आदि कार्य कराए जाने हैं। अब तक 200 मीटर ही कार्य हो सका है, जबकि कपरवार संगम तट तक 2450 मीटर सामान्य पिचिंग में करीब एक किलोमीटर कार्य कराया जा सका है। निर्माण कार्य में हो रही देरी से लोगों में रोष है। गांव के जवाहिर यादव, मुखलाल, चंदन आदि का कहना है कि कुछ काम हुआ है, लेकिन रफ्तार धीमी पड़ गई है। निर्माण कार्य में भी खामियां प्रतीत हो रही हैं। 2007 से नदी से हो रही कटान के कारण कुरह परसियां और गोरखपुर जनपद का कोलखास गांव नदी में विलीन हो चुका है। दर्जनों गांवों और रामजानकी मार्ग को बचाने के लिए शासन की ओर से 5883.26 लाख रुपये की मंजूरी मिलने के बाद बांध निर्माण के लिए 25 सितंबर को शिलान्यास किया गया था। एई अशोक द्विवेदी ने बताया कि 70 प्रतिशत कार्य करा लिया गया है। रही बात अनियमितता की तो जांच कराकर दुरुस्त कराया जाएगा।
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