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आंगनबाड़ी संघ: 'जब फोन मिला नहीं, कैसे होगा एप लोड'
Wed, 26 May 2021 03:16 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 26 May 2021 03:16 PM IST
सार
बाल विकास परियोजना अधिकारी सहजनवां संजय कुमार के वायरल ऑडियो से नाराज हैं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
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ऑडियो वायरल
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बाल विकास परियोजना अधिकारी सहजनवां संजय कुमार के वायरल ऑडियो से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। ऑडियो में सीडीपीओ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताों को धमका रहे हैं। कह रहे हैं कि जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मोबाइल में पोषण ट्रैकर अपलोड नहीं हुआ है, उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। ऐसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की क्या जरूरत है, जो निर्देश का पालन न करें। वहीं आंगनबाड़ी संघ ने कहा कि जब एंड्राएड फोन ही नहीं मिला है तो एप कैसे डाउनलोड करेंगे।
सीडीपीओ, वायरल ऑडियो में कह रहे हैं कि पोषण ट्रैकर अपलोड कर फीडिंग करना एक दिन का काम है। इसके बावजूद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उसे अपलोड नहीं कर रहीं हैं। इसलिए वे यह मान लें कि उनकी सेवा समाप्त है। वह इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं करेंगे। वह सभी का मानदेय समाप्त कर रहे हैं।
प्रकरण पर आंगनबाड़ी सहायिका एसोसिएशन की अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। कहा-एक तरफ सरकार कोरोना काल में लोगों की हर तरह से मदद कर रही है। रेहड़ी, पटरी वाले, दुकानदार से लेकर गरीबों तक की मदद की जा रही है। वहीं सीडीपीओ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताों को धौंस दे रहे हैं। वे पहले संसाधन उपलब्ध कराएं, फिर बात करें। उनकी धौंस बर्दाश्त नहीं करेंगे। वह गलतफहमी में न रहें कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उनसे डर जाएंगी।
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सहजनवां सीडीपीओ संजय कुमार ने बताया कि डाटा फीड नहीं होने के कारण पोषाहार कम आ रहा है। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को वह सेवा समाप्त करने की बात कहे हैं। वह वायरल ऑडियो उनका है। कम पोषाहार आएगा तो कम बच्चों को मिलेगा। जो कुछ भी कहा, उसमें कोई अनुचित बात नहीं है।
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सीडीपीओ, वायरल ऑडियो में कह रहे हैं कि पोषण ट्रैकर अपलोड कर फीडिंग करना एक दिन का काम है। इसके बावजूद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उसे अपलोड नहीं कर रहीं हैं। इसलिए वे यह मान लें कि उनकी सेवा समाप्त है। वह इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं करेंगे। वह सभी का मानदेय समाप्त कर रहे हैं।
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प्रकरण पर आंगनबाड़ी सहायिका एसोसिएशन की अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। कहा-एक तरफ सरकार कोरोना काल में लोगों की हर तरह से मदद कर रही है। रेहड़ी, पटरी वाले, दुकानदार से लेकर गरीबों तक की मदद की जा रही है। वहीं सीडीपीओ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताों को धौंस दे रहे हैं। वे पहले संसाधन उपलब्ध कराएं, फिर बात करें। उनकी धौंस बर्दाश्त नहीं करेंगे। वह गलतफहमी में न रहें कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उनसे डर जाएंगी।
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सहजनवां सीडीपीओ संजय कुमार ने बताया कि डाटा फीड नहीं होने के कारण पोषाहार कम आ रहा है। इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को वह सेवा समाप्त करने की बात कहे हैं। वह वायरल ऑडियो उनका है। कम पोषाहार आएगा तो कम बच्चों को मिलेगा। जो कुछ भी कहा, उसमें कोई अनुचित बात नहीं है।
निदेशक के फरमान से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में आक्रोश
लाभार्थियों का पंजीकरण व अन्य डाटा एंट्री को लेकर दिए गए, निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार के आदेश पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एंड्रायड फोन दिए नहीं गए, फिर वे यह काम कैसे कर सकती हैं ?
निदेशक बाल विकास सारिका मोहन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के दीया पोर्टल पर अंकित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल नंबर पर पोषण ट्रेकर अपलोड कर दिए गए हैं। इसलिए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निर्देश दिया जाता है कि लाभार्थियों का पंजीकरण व अन्य डाटा एंट्री करना सुनिश्चित करें। निदेशक के इस निर्देश के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।
आंगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या ने कहा कि सरकार की तरफ से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एंड्रॉयड फोन आज तक नहीं मिला। बहुत से आंगनबाड़ी कार्यकताओं के पास यह फोन है ही नहीं। कई ने पति या बेटे का नंबर नोट कराया है। वह उनके पास हमेशा उपलब्ध नहीं रहता है। ऐसे में बिना फोन के एप को कैसे लोड किया जाएगा ? सरकार पहले फोन उपलब्ध कराए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर अनावश्यक दबाव डाला गया तो वे लोग सड़क पर उतरने को बाध्य होंगी।
निदेशक बाल विकास सारिका मोहन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के दीया पोर्टल पर अंकित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल नंबर पर पोषण ट्रेकर अपलोड कर दिए गए हैं। इसलिए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को निर्देश दिया जाता है कि लाभार्थियों का पंजीकरण व अन्य डाटा एंट्री करना सुनिश्चित करें। निदेशक के इस निर्देश के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।
आंगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या ने कहा कि सरकार की तरफ से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एंड्रॉयड फोन आज तक नहीं मिला। बहुत से आंगनबाड़ी कार्यकताओं के पास यह फोन है ही नहीं। कई ने पति या बेटे का नंबर नोट कराया है। वह उनके पास हमेशा उपलब्ध नहीं रहता है। ऐसे में बिना फोन के एप को कैसे लोड किया जाएगा ? सरकार पहले फोन उपलब्ध कराए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर अनावश्यक दबाव डाला गया तो वे लोग सड़क पर उतरने को बाध्य होंगी।