Gorakhpur Weather: कोहरे के साथ हवा में बढ़ी प्रदूषण की मात्रा, सुबह की सैर बंद, घर में करें व्यायाम
जानकारों का कहना है कि कोहरे की वजह से हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। चौक-चौराहों पर गाड़ियों के काफी देर तक रुकने और इंजन के स्टार्ट रहने की वजह से वातावरण में काफी मात्रा में धुआं पहुंच रहा है। विभिन्न तरह के निर्माण कार्यों की वजह से धूल भी उड़ती रहती है। कोहरे की वजह से वाहनों, कारखानों का धुआं और धूल ऊपरी वायुमंडल में नहीं जा पा रहे हैं।
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गोरखपुर जिले में कोहरे के साथ हवा का प्रदूूषण स्तर भी बढ़ने लगा है। मंगलवार को गोरखपुर की वायु गुणवत्ता का सूचकांक खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। जानकारों कहना है कि अगले कुछ दिनों तक कोहरे की वजह से हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है। मंगलवार को गोरखपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 222 दर्ज किया गया।
बताया जा रहा है कि बिहार के अलावा दिल्ली के वातावरण में नमी के साथ धुआं मिल गया है। इस वजह से बिहार के विभिन्न शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (हवा गुणवत्ता सूचकांक) 350 से 410 के बीच पहुंच गया है। इसी तरह दिल्ली, गाजियाबाद, हरियाणा और नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स मंगलवार को 400 के करीब दर्ज किया। इसका असर गोरखपुर में भी देखने को मिला।
जानकारों का कहना है कि कोहरे की वजह से हवा की गुणवत्ता खराब हुई है। चौक-चौराहों पर गाड़ियों के काफी देर तक रुकने और इंजन के स्टार्ट रहने की वजह से वातावरण में काफी मात्रा में धुआं पहुंच रहा है। विभिन्न तरह के निर्माण कार्यों की वजह से धूल भी उड़ती रहती है। कोहरे की वजह से वाहनों, कारखानों का धुआं और धूल ऊपरी वायुमंडल में नहीं जा पा रहे हैं। इससे हवा में प्रदूषण बढ़ गया है, जोकि सेहत के नुकसानदायक है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय का कहना है कि फिलहाल मौसम कुछ दिन तक ऐसा ही बना रहेगा।
स्थान एयर क्वालिटी इंडेक्स
गोरखपुर 222
दिल्ली 363
ग्रेटर नोएडा 393
मुजफ्फरपुर 366
पटना 409
लखनऊ 201
कानपुर 184
वाराणसी 128
सुबह की सैर पर न जाएं, घर में करें व्यायाम
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मौसम में ब्रेन स्ट्रोक और हृदयघात की आशंका बढ़ जाती है। वहीं, अस्थमा के रोगियों की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में मॉर्निंग वॉक बंद कर देनी चाहिए। घर के भीतर ही व्यायाम करना चाहिए। घर से बाहर निकलने के समय सिर और कानों को अच्छी तरह ढंक कर निकलें। सांस के रोगियों के लिए कोहरे वाला मौसम काफी नुकसानदायक होता है। वातावरण में नमी के साथ धूलकण और धुआं बढ़ने की वजह से दमा के रोगियों की तकलीफ बढ़ जाती है। इस तरह के रोगियों को कोशिश करनी चाहिए कि घर से कम निकलें। मास्क का प्रयोग करें। दवा का नियमित रूप से इस्तेमाल करें।