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अमर उजाला लाइव: पुलिस से लोग लगा रहे हैं गुहार, बुजुर्ग मां ने हड़पा तौलिया, दिलवाइए मुख्यमंत्री जी

Sat, 23 Apr 2022 01:25 PM IST
vivek shukla शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 23 Apr 2022 01:25 PM IST
सार

गोरखपुर जिले में सर्वाधिक शिकायत वाले 56 लोग बुलाए गए, इसमें 9 की समस्या उल-जुलूल मिली है। वहीं सात मुकदमों के अभियुक्त को हज यात्रा के लिए पासपोर्ट चाहिए।

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Amar Ujala Live People pleading with police elderly mother grabbed towel
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock

विस्तार

घर बैठे मुख्यमंत्री से शिकायत करने की ऑनलाइन सुविधा के पीछे का सच शुक्रवार को सामने आया तो पुलिस अफसर भी हैरान रह गए। एक महिला ने अपनी 80 साल की मां पर तौलिया-बर्तन हड़पने का आरोप लगाकर 20 से ज्यादा शिकायतें समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर की है। इस समस्या का समाधान पुलिस को ढूंढे नहीं मिल रहा है। इसी तरह सात मुकदमों के अभियुक्त को हज यात्रा के लिए पासपोर्ट चाहिए, जो नियमानुसार संभव ही नहीं है। मुकदमों के आरोपी ने तीन महीने के भीतर ही आईजीआरएस पर 23 शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसमें पासपोर्ट बनवाने के एवज में पुलिस पर धनउगाही के आरोप भी शामिल हैं।

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जानकारी के मुताबिक, एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने आईजीआरएस पर बिगड़ी पुलिस की छवि को सुधारने के लिए शुक्रवार को एक अनूठी पहल की है। एसएसपी ने जिले से सर्वाधिक शिकायत करने वाले 56 फरियादियों को एसपी क्राइम के कार्यालय में बुलवाया। एक-एक करके फरियादियों को सुना गया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
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56 में से नौ फरियादी ऐसे मिले, जिनकी शिकायतें उलूल-जुलूल पाई गईं। इनमें बुजुर्ग मां पर तौलिया हड़पने का आरोप लगाने का मामला भी शामिल है। इन नौ मामलों में पुलिस ने जांच के आदेश दिए हैं। एसएसपी का कहना है कि कुछ शिकायतें गलत इरादे से की गई हैं। जांच में सच सामने आएगा। इसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  
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एक ही युवक ने कर डाली 1,200 शिकायतें
मेगा आईजीआरएस मेला में एक युवक ऐसा मिला, जो अब तक 1,200 शिकायतें कर चुका है। हरपुर बुदहट निवासी विकास दुबे ने तीन महीने में ही 600 शिकायतें दर्ज कराई हैं। 400 शिकायत पहले की थी। 200 शिकायती पत्र पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को दे चुका है। इस प्रकरण से हैरान एसएसपी ने खुद शिकायतकर्ता विकास दुबे से बात की तो सच सामने आ गया।

पता चला कि विकास अपने फूफा पर जमीन कब्जाने का आरोप लगा रहा है। इस प्रकरण में 2015 में ही केस दर्ज हुआ था। कैंट पुलिस की जांच में कुछ नहीं मिला तो मामले में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी गई थी। इस पर विकास ने आईजीआरएस डाला और केस की पुन: विवेचन की गई, लेकिन दोबारा कुछ नहीं मिला। इस तरह एक ही केस की तीन बार जांच हुई। अब भी विकास असंतुष्ट है। विकास ने बताया कि वह रोजाना दो से तीन शिकायत करता है।

एक ही शख्स की कई शिकायतों से किरकिरी
अगर आईजीआरएस पर एक ही शख्स एक से ज्यादा शिकायत करता है तो उसकी गिनती एक में नहीं, बल्कि जितनी शिकायतें करता है, उतनी होती है। यही वजह है कि असंतुष्ट लोगों के आधार पर जिले की रैंकिंग पिछड़ने पर एसएसपी ने मेगा आईजीआरएस मेला का आयोजन किया था। अकेले 9 लोग ऐसे हैं, जिसकी वजह से 1,500 से ज्यादा लोग असंतुष्ट नजर आते हैं।

एक ही मामले में मिली पुलिस की नाकामी, जांच का आदेश
जिले में सर्वाधिक शिकायत करने वाले 56 लोग बुलाए गए थे। इसमें से एक ही ऐसी शिकायत मिली, जिसमें पुलिस की नाकामी सामने आई है। मामला पैडलेगंज का है। एसएसपी ने बताया कि इस प्रकरण में कुर्की का आदेश हुआ था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले में पुलिस के भूमिका की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

70 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा संभव ही नहीं
राजस्व व जमीन से जुड़े 70 प्रतिशत मामले ऐसे हैं,  जिसका निपटारा सीधे तौर पर पुलिस कर ही नहीं कर सकती है। इन मामलों के निपटारे में मुख्य भूमिका राजस्व टीम की रहती है। ऐसे मामलों में फरियादियों को राजस्व विभाग में शिकायत करने की सलाह दी गई, ताकि समस्या का समाधान हो सके।

केस एक
चिलुआताल इलाके की एक महिला अपनी बुजुर्ग मां पर आरोप लगाते हुए आईजीआरएस पर 20 शिकायतें दे चुकी है। एसपी नार्थ को महिला ने बताया कि बुजुर्ग मां ने उसका एक छोटा तौलिया, एक बड़ा तौलिया, बेडसीट, बर्तन हड़प लिया है। यह सुनते ही बुजुर्ग मां की आंखें डबडबा गईं। मां रुंधे गले से बोली, बेटी के पति का निधन हो चुका है। उसे व उसके छोटे बच्चे को सहारा दिया। अब चोरी का आरोप लग रहा है। इस मामले में चौकी इंजार्च सुलह कराने का प्रयास कर रहे हैं।

केस दो
उरुवा बाजार के रिजवान का आरोप है कि रुपये के लिए पुलिस पासपोर्ट मामले में रिपोर्ट नहीं लगा रही है। प्रार्थना पत्र की जांच कराई गई तो पता चला कि रिजवान पर सात अलग-अलग गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अब मुकदमा दर्ज होने की वजह से नियमानुसार पुलिस रिपोर्ट लगा ही नहीं सकती है। एसपी ने सवाल पूछा कि केस दर्ज हैं तो कैसे होगा? इसपर रिजवान का जो जवाब था, वह और चौंकाने वाला था। उसने बताया कि केस को खत्म करा लूंगा, बस आप निर्देश दे दें। मुझे हज यात्रा करना है, इस वजह से पासपोर्ट तो चाहिए ही। इस प्रकरण में एसएसपी ने जांच कर अपराध की गंभीरता के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

केस तीन
हरपुर बुदहट के एक शख्स का सामने आया, जिसमें पता चला कि वह खुद ही एक दुकान को कब्जा कर लिया है। दुकान खाली कराने के लिए जब भी मालिक कहता है तो वह सेक्स रैकेट चलाने जाने की शिकायत कर देता है। पुलिस जांच को पहुंचती है और मालिक फिर पीछे हट जाता है। इस तरह से वह 15 से ज्यादा शिकायतें तीन महीने में कर चुका है। इस प्रकरण में पुलिस रिपोर्ट लगाती है तो फिर शिकायत करता है और असंतुष्ट नजर आता है। एसएसपी ने इस प्रकरण में भी पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई का निर्देश जारी कर दिया है।

एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि आईजीआरए पर आने वाली सभी शिकायतों को लेकर फरियादियों को बुलाया गया था। जिले में सर्वाधिक शिकायत करने वाले 56 लोग बुलाए गए थे। इसमें से 9 लोग ऐसे मिले, जिनकी किसी को परेशान करने के उद्देश्य से बार-बार शिकायत करने की आदत है। 70 प्रतिशत मामले भूमि विवाद के सामने आए, जिसमें पुलिस राजस्व टीम के बिना कुछ नहीं कर सकती है। एक शिकायत पुलिस से संबंधित मिली है। इसमें पुलिस की भूमिका की जांच कराई जा रही है। बेवजह शिकायत करने वालों की भी जांच कराई जा रही है। इसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

 

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