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अमर उजाला पड़तालः क्वारंटीन सेंटर का बुरा हाल, कागजी व्यवस्थाओं से लोग बेहाल

Wed, 06 May 2020 06:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 06 May 2020 06:46 AM IST
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Amar Ujala investigation reveals bad conditions in Quarantine center 
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

...अरे साहब, किस सुविधा की बात करते हैं। अगर घर से भोजन और पानी की व्यवस्था न हो तो यहां कोरोना से पहले भूख से मर जाएंगे। बिजली है नहीं, रात होते ही घुप अंधेरा छा जाता है। मच्छर एक मिनट चैन से नहीं बैठने देते। व्यवस्था सिर्फ कागजों में ही है।

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मोतीराम अड्डा इलाके के गांव गहिरा में प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन किए गए लोगों की यह पीड़ा सरकारी इंतजाम की हकीकत को सामने लाने के लिए हांडी के एक चावल की तरह है। बरेली व मुंबई से चार बच्चों समेत आठ व्यक्तियों को यहां क्वारंटीन किया गया है। गांव के प्रधान जालिम प्रसाद कहते हैं, जब ब्लॉक से खाना आता है तो दे दिया जाता है। 
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कुछ क्वारंटीन सेंटरों पर अवश्य दो वक्त का भोजन दिया जा रहा है तो वहां पीने के पानी और शौचालय में गंदगी की समस्या है। दूसरे राज्यों से आए लोगों को उनके गांवों के आसपास के जिन क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया है, अधिकांश जगहों पर भोजन-पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा है।
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भोजन तथा सोने के लिए बिस्तर का  इंतजाम घरवालों ने किया है। सरकारी सुविधाएं सिर्फ कागजों में ही है। क्वारंटीन सेंटरों पर घरवालों के पहुंचने से सोशल डिस्टेसिंग के फेल होने का खतरा बना हुआ है।
 

जेल से बदतर है क्वारंटीन सेंटर

कैंपियरगंज लोहरपुरवा ग्राम पंचायत में हनुमाननगर प्राथमिक विद्यालय को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। यहां गुजरात से आए चार व्यक्तियों को रखा गया है। इनका कहना है कि भोजन, पानी, बिस्तर सबकी व्यवस्था घर से की गई है। तहसील या स्वास्थ्य विभाग के लोग आकर बाहर से ही फोटो खींच कर चले जाते हैं। हमारी तकलीफ कोई नहीं सुनता है। इसी तरह जगतबेला प्राथमिक विद्यालय बरियारपुर में हैदराबाद से आए छह लोग हैं। यहां भी सुविधाएं घरवालों के ही जिम्मे है। जंगलकौड़िया के सिहोरवा प्राथमिक विद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटर पर सात युवक हैं। यहां भी सुबह-शाम उनके घर वाले ही भोजन-पानी पहुंचा रहे हैं। कहते हैंडपाइप से पानी नहीं आता है और शौचालय दूर से ही बदबू कर रहा है। यह तो जेल से बदतर है।

पंखा है नहीं, हैंडपंप भी सूखा है
झंगहा प्राथमिक विद्यालय अमहिया में क्वारंटीन युवकों का कहना है कि भोजन बिस्तर सब व्यवस्था घर वालों ने की है। पंखा लगा नहीं है, गर्मी में रहना मुश्किल है। एक हैंडपंप है जो कई बार चलाने पर थोड़ा सा पानी देता है। प्रधान प्रतिनिधि कहते हैं सरकार की ओर से हमें कोई व्यवस्था नहीं मिली है। शिकायत करने पर लेखपाल नेतागिरी न करने की सलाह देते हैं।

एक ही शौचालय होने से दिक्कत
खजनी तहसील के कूड़ाभरत गांव के प्राथमिक विद्यालय में नौ लोगों को क्वारंटीन किया गया है। बताते हैं कि यहां कोई व्यवस्था नहीं की गई है। एक शौचालय है इससे बहुत दिक्कत होती है। एपी गुप्ता इंटर कालेज में 24 क्वारंटीन किए गए हैं। यहां पर दो वक्त का भोजन मिल रहा है। लेकिन समय से नहीं मिलता है। बांसगांव के जिगिना भियांव प्राथमिक विद्यालय में सात लोग क्वारंटीन हैं। इन्होंने बताया कि खाना घर से आ रहा है। वही बाल्टी, मग, साबुन की व्यवस्था प्रधान ने कराई है।

नाश्ता नहीं, दोपहर में मिलता है भोजन
मुरारी इंटर कालेज, सहजनवां में 6 लोग क्वारंटीन हैं। इनका कहना है सवेरे नाश्ता में कुछ नहीं मिलता। दोपहर में एक बजे के बाद भोजन मिलता है और फिर रात में। अगर घर वाले न आएं तो दोपहर तक हम लोग भूखे रहेंगे। भरोहिया के जंगल बिहुरी गांव के स्कूल में हैदाराबाद से आए एक युवक को रखा गया है। यहां भी उसे घर से ही भोजन मंगाना पड़ रहा है। बड़हलगंज के नेशनल इंटर कालेज में 76 लोग हैं। यहां के लोगों के मुताबिक व्यवस्था ठीक है। इसी तरह कैंपियरगंज स्थित निरंकारी भवन एवं जेपी इंटरमीडिएट कालेज में 126 लोग हैं। यहां भी लोगों ने व्यवस्था को सराहा जबकि रिगौली गांव के विद्यालय में सात लोग क्वारंटीन हैं। इन्होंने बताया खाना घर से आता है। सिकरीगंज के बलुआ में क्वारंटीन सेंटर में भी लोगों को घर से ही खाना मंगाना पड़ रहा है। शौचालय की सफाई न होने से लोग परेशान हैैं।

शराब पीकर क्वारंटीन सेंटर में किया उपद्रव, पुलिस ले गई

पिपरौली के ग्राम पंचायत अडीलापार के प्राथमिक विद्यालय में बने क्वारंटीन सेंटर में मुंबई से आए एक युवक को रखा गया है। सोमवार की शाम उसने उपद्रव शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि वह नशे में था। ग्राम प्रधान बजरंग देव सिंह से भी उलझ गया। प्रधान ने तत्काल ग्राम सचिव राम पलट यादव को सूचना देकर बुलाया। ग्राम सचिव के समझाने पर भी जब नहीं माना तो गीडा थाने को सूचना दी गईद। पुलिस उसे पकड़ कर थाने पर ले गई।

जिले में अब तक-

  • ग्रामीण क्षेत्र में 8479 व शहर में 1465 लोग होम क्वारंटीन
  • कुल  9944 होम क्वारंटीन , 9117 का क्वारंटीन पीरियड पूरा
  • ग्रामीण क्षेत्र के 305 सेंटर में 1602 क्वारंटीन, 6692 का क्वारंटीन पीरियड पूरा
  • शहरी क्षेत्र के 11 सेंटरों में 263 क्वारंटीन , 308 का क्वारंटीन पीरियड पूरा
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