Amar Ujala Investigation: जंगलकौड़िया-मोहद्दीपुर फोरलेन का हाल, 300 मीटर सड़क के निर्माण में 'स्पीड ब्रेकर'
विवाद की वजह से तीन साल बाद भी नहीं बन सकी एक हिस्से की सड़क, 2018 में स्वीकृत फोरलेन का निर्माण 2020 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक नहीं हुआ।
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पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आवास के ठीक सामने फोरलेन पर स्पीड ब्रेकर बनाने के विवाद में मोहद्दीपुर-जंगलकौड़िया फोरलेन के 300 मीटर हिस्से का निर्माण तीन साल बाद भी नहीं हो सका है। यह विवाद फोरलेन का निर्माण करा रहे नेशनल हाइवे व रेल अफसरों के बीच है।
नतीजा रहा कि व्ही पार्क के पास रेलवे की गोल्फ कॉलोनी से पेट्रोल पंप के पहले तक सड़क के एक लेन का हिस्सा जस का तस पड़ा है। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। राहगीर उल्टी दिशा से आकर रेलवे कॉलोनी की तरफ जाते हैं, फिर पैडलेगंज रोड पर निकलते हैं। जिस रास्ते से निकलते हैं, वह ऊबड़-खाबड़ है।
मोहद्दीपुर-जंगलकौड़िया फोरलेन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। 17.25 किलोमीटर फोरलेन के निर्माण पर 267 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 2018 में स्वीकृत इस फोरलेन का निर्माण 2020 तक पूरा होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब दिसंबर तक सड़क निर्माण पूरा कराने का दावा किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि सड़क की जमीन रेलवे की है। लिहाजा, रेलवे की तरफ से महाप्रबंधक आवास के सामने सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की जा रही थी, लेकिन कार्यदायी संस्था नेशनल हाइवे ने इसे बनाने से साफ इंकार कर दिया। कार्यदायी संस्था की तरफ से कहा गया कि फोरलेन पर स्पीड ब्रेकर बनाने का कोई प्रावधान नहीं है। इसी विवाद में सड़क के एक हिस्से का निर्माण कार्य ठप हो गया।
मामला कमिश्नर, डीएम तक गया, फिर भी सकारात्मक नतीजा सामने नहीं आ सका। सड़क के एक हिस्से के निर्माण में देरी पर आसपास के लोगों ने नाराजगी जताई है। गोल्फ कॉलोनी में रहने वाले लोगों का कहना है कि मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया के बीच ज्यादातर सड़क बन गई है। सड़क का एक हिस्सा ऐसा है, जो लंबे समय से नहीं बन पा रहा है। इससे राहगीरों को असुविधा हो रही है।
बिना बनी सड़क से गुजरने वाले राहगीर बोले
मोहद्दीपुर से जंगलकौड़िया फोरलेन निर्माण के लिए ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर की दुकानें तुड़वा दी थीं। यह मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके बावजूद स्पीड ब्रेकर बनाने के विवाद में 300 मीटर सड़क का निर्माण लटकाए रखा गया है। -जितेंद्र मिश्रा, निवासी चार फाटक
सड़क का एक हिस्सा नहीं बना है। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। मोहद्दीपुर से व्ही पार्क के कोने तक सड़क चौड़ी है, फिर अचानक सकरी हो जाती है। लेटलतीफी की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। -मोहम्मद रईस, शाहपुर
इस सड़क से रोज गुजरते हैं। सोचते हैं कि सड़क कब बनेगी, लेकिन जवाब नहीं मिल पाता है। तीन साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। सड़क का ज्यादातर हिस्सा बना चुका है, लेकिन एक हिस्से के निर्माण पर ब्रेक लगा है। -योगेंद्र यादव, मोहद्दीपुर
अधूरी सड़क दुर्घटना की बड़ी वजह बन सकती है। चौड़ी सड़क अचानक सकरी हो जाती है। ऐसे में वाहनों का संतुलन बना पाना कठिन रहता है। कई बार लोगों को गिरते हुए देखा है। -अब्दुल अली, मोहद्दीपुर
परियोजना अधिकारी प्रभात चौधरी ने कहा कि रेलवे के अभियंताओं के साथ बैठक करके बीच का रास्ता निकाला जा रहा है। जल्द ही सड़क का निर्माण पूरा कराया जाएगा। मानीराम के पास रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाने का काम तेजी से चल रहा है। दिसंबर 2022 तक मोहद्दीपुर-जंगलकौड़िया फोरलेन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।