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#Gorakhpur: सोशल मीडिया ने की फैशन की 'बारिश', लोकल फॉर वोकल पर जोर दे रहीं वैशाली
Thu, 02 Mar 2023 10:49 AM IST
vivek shukla
विवेक शुक्ला, गोरखपुर।
विवेक शुक्ला, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 02 Mar 2023 10:49 AM IST
सार
बारिश बुटीक के खुलने के कुछ दिन बाद ही कोरोना शुरू हो गया। इस दौरान हम लोग पूरी तरह से सोशल मीडिया पर निर्भर हो गए। कोरोना काल में इंस्टाग्राम की मदद से उन्हें खाली बैठने का समय नहीं मिला। इस दौरान कई कंपनियों ने मास्क बनाने का भी आर्डर दिया।
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फैशन डिजाइनर वैशाली सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले की बांसगांव निवासी वैशाली सिंह पिछले चार वर्षों से फैशन के क्षेत्र में काम कर रही हैं। उनके स्टार्टअप का नाम ''बारिश'' है। वैशाली का कहना है कि उनके स्टार्टअप का मुख्य उद्देश्य महिला कारीगरों व स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। इस काम में सोशल मीडिया ने बड़ा साथ दिया है। उनके प्रोडक्ट के इंस्टाग्राम पर किए गए पोस्ट को देखकर लोग बड़े-बड़े ऑर्डर दे रहे हैं। वैशाली के इस काम में उनका हाथ कौड़ीराम के मृत्युंजय राय बंटा रहे हैं।
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मृत्युंजय ने बताया कि कौड़ीराम में एक छोटी सी दुकान में अक्तूबर 2018 में ''बारिश'' की शुरूआत हुई। शुरुआती दौर में दुकानों पर जाकर अपने डिजाइन दिखाए गए। इसी दौरान सोशल मीडिया के जरिए भी अपने प्रोडक्ट के प्रचार प्रसार का ख्याल आया। कुछ समय में ही सोशल मीडिया की अहमियत समझ में आ गई। जितने आर्डर दुकानों पर जाकर मिल रहे थे, उससे कहीं ज्यादा इंस्टाग्राम के जरिए मिलने लगे।
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इसका परिणाम रहा कि छोटी सी जगह में शुरू हुई ''बारिश'' जल्द ही शोरुम में तब्दील हो गई। यहां लोग गोरखपुर के अलावा प्रयागराज व दिल्ली से आर्डर दे रहे हैं। इस स्टार्टअप की मुख्य बात यह है कि जो डिजाइनर कपड़े शहरों में महंगे दर पर मिलते हैं, उन्हें ''बारिश'' मामूली दर पर उपलब्ध करवाती है।
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कोरोना काल में सोशल मीडिया बना हथियार
मृत्युंजय ने बताया कि बारिश बुटीक के खुलने के कुछ दिन बाद ही कोरोना शुरू हो गया। इस दौरान हम लोग पूरी तरह से सोशल मीडिया पर निर्भर हो गए। कोरोना काल में इंस्टाग्राम की मदद से उन्हें खाली बैठने का समय नहीं मिला। इस दौरान कई कंपनियों ने मास्क बनाने का भी आर्डर दिया।
इंस्टाग्राम @baarish53
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