रूट एक, ट्रेन एक मगर ड्राइवर-गार्ड की ड्यूटी अलग-अलग, जानिए क्या है पूरा मामला
- कई ट्रेनों में ड्राइवर की ड्यूटी अधिक, गार्ड पहले ही बदल दिए जाते हैं
- गार्ड एसोसिएशन की मांग, होता है राजस्व का नुकसान, बदला जाए यह नियम
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रूट एक, ट्रेन भी एक और ड्राइवर (लोको पायलट) व गार्ड की ड्यूटी का समय अलग-अलग। हो यह रहा है कि कुछ रेल गाड़ियों में ड्राइवर जितनी दूरी तक ड्यूटी करते हैं, उतने में दो गार्ड लगाए जाते हैं। जबकि कई रेल गाड़ियों में चालक और गार्ड बराबर की ड्यूटी कर रहे हैं। अब ऑल इंडिया गार्ड एसोसिएशन ने संरक्षा और रेल राजस्व के नुकसान का हवाला देकर नियमों में बदलाव की मांग की है।
गार्ड की ड्यूटी निर्धारण में खामी की वजह से कभी-कभी गार्ड की कमी होने पर पैसेंजर और मालगाड़ी के गार्ड को एक्सप्रेस रेल गाड़ियों में भेजा जाता है, जोकि नियमानुसार सही नहीं है। इससे हादसे की गुंजाइश रहती है। वहीं, गार्ड की ड्यूटी पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त माइलेज भत्ता भी देना पड़ता है। इसके अलावा वैशाली एक्सप्रेस, पाटिलीपुत्र और अवध एक्सप्रेस आदि रेल गाड़ियों में चालक और गार्ड की बराबर ड्यूटी होती है। जहां तक चालक रेल गाड़ी लेकर जाता है, वहां तक गार्ड भी जाता है।
पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में ड्राइवर और गार्ड की ड्यूटी में अधिक असमानता है। इस मंडल में दस से ज्यादा ट्रेनें हैं, जिनमें ड्राइवर सात से आठ घंटे तक ड्यूटी करते हैं और गार्ड की ड्यूटी तीन से चार घंटे होती है। रास्ते में गार्ड को बदलना पड़ता है। जबकि चालक गंतव्य तक जाता है।
बता दें कि वाराणसी मंडल में गोरखपुर पूर्व में एक्सप्रेस, पैसेंजर और मालगाड़ी में कुल स्वीकृत पद 107 हैं और वर्तमान में कुल 81 गार्ड ही तैनात हैं। 26 गार्ड की कमी है।
कब-कब एक्सप्रेस ट्रेन में गए पैसेंजर ट्रेन के गार्ड
- 03 जनवरी 2020 : बापूधाम एक्सप्रेस में गोरखपुर से नरकटियागंज तक
- 05 दिसंबर 2019 : पूर्वांचल एक्सप्रेस में गोरखपुर से मुजफ्फरपुर तक
- 02 दिसंबर 2019 : गरीब रथ में गोरखपुर से छपरा तक
गोरखपुर पूर्व में गार्ड के पद व वर्तमान तैनाती
ट्रेन पद तैनाती
एक्सप्रेस ट्रेन 47 35
पैसेंजर ट्रेन 37 24
मालगाड़ी 23 22
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेस्ट और लिंक इंफारमेशन के हिसाब से मंडल स्तर पर गार्ड की ड्यूटी लगाई जाती है। इसमें ट्रेन की उपलब्धता का भी ध्यान दिया जाता है।
जोनल महामंत्री ऑल इंडिया गार्ड कौंसिल शीतल प्रसाद ने बताया कि रेलवे में मानक के हिसाब से गार्ड की ड्यूटी लगनी चाहिए। एक मंडल में एक ही रूट पर दो गार्ड ड्यूटी करते हैं, जबकि समयावधि में एक ही गार्ड से ट्रेन पहुंच जाएगी। तीन घंटे में गार्ड को बदल देने से रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
चार जोड़ी ट्रेनें, जिनमें ड्यूटी में है असमानता
पूर्वांचल एक्सप्रेस (05047/48) गोरखपुर-बरौनी ड्राइवर बरौनी तक, गार्ड छपरा तक
बिहार संपर्क क्रांति (02565/64) गोरखपुर-सोनपुर ड्राइवर सोनपुर तक, गार्ड छपरा तक
दरभंगा-नई दिल्ली क्लोन (02569/70) गोरखपुर-छपरा ड्राइवर मुजफ्फरपुर, गार्ड छपरा तक
सहरसा-दिल्ली क्लोन (02563/64) गोरखपुर-छपरा ड्राइवर मुजफ्फरपुर, गार्ड छपरा तक