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UP Election 2022: मतदाता सूची से वोटरों के नाम कटने से सारी मेहनत पर फिर गया पानी

Sat, 05 Mar 2022 10:55 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 05 Mar 2022 10:55 AM IST
सार

उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने कहा कि बहुत से मतदाताओं के नाम दो या उससे अधिक विधानसभा में दर्ज थे। कई ऐसे थे, जिनका फोटो मिल रहा था। ऐसे में जांच के बाद एक विधानसभा में छोड़, बाकी जगहों पर संबंधित मतदाताओं के नाम काट दिए गए।

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All hard work lost due to deducting of names of voters from voter list
गोरखपुर में मतदान 2022 - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए करीब दो महीने से चल रही तमाम तरह की कवायदों, जागरुकता अभियान पर पानी फिर गया। मतदाता सूची में नाम होने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर नहीं निकले तो वहीं कई मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से कट जाना भी एक प्रमुख वजह बताई जा रही है। ऐसा हुआ मतदाता सूची को दुरुस्त रखने, उसकी निगरानी करने की जिम्मेदारी निभाने वाले बीएलओ और पर्यवेक्षकों की मनमानी से।

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इन्होंने ईमानदारी से नए वोटरों के नाम तो मतदाता सूची में नहीं जोड़े, मगर 25-30 साल से वोट डाल रहे लोगों तक के नाम काट जरूर दिए। निर्वाचन आयोग के नियमों की भी धज्जियां उड़ा दी। न किसी को नोटिस दिया न किसी को फोन कर ही सूचना देने की जहमत उठाई।  
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बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में लोगों को बूथों पर पहुंचकर भी इसलिए वापस लौटना पड़ा क्योंकि उनके नाम ही मतदाता सूची से काट दिए गए थे। मनमानी कर मतदाता सूची से किस कदर नाम काटे गए,  इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मतदान वाले दिन एक अफवाह मात्र ने पोलिंग पार्टियों और प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दीं।
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मतदान वाले दिन अचानक तमाम लोगों के मोबाइल पर यह मैसेज वायरल होने लगा कि जिनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं, या कट गए वे बूथों पर ही फॉर्म सात भरकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। बड़ी संख्या में ऐसे लोग जब बूथों पर पहुंचकर पोलिंग पार्टियों से अचानक फॉर्म सात मांगने लगे तो प्रशासन को एक आदेश जारी करना पड़ा कि वायरल हो रहा संबंधित मैसेज फर्जी है। जिनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं, वे किसी भी दशा में मतदान नहीं कर सकते।

तुर्कमानपुर के भगवती प्रसाद शुक्ला कहते हैं कि वह पिछले दो दशक से अधिक समय से हर विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते आ रहे थे। मगर बृहस्पतिवार को जब अपने नार्मल स्कूल स्थित बूथ पर पहुंचे तो पता चला कि नाम ही कट गया है। उन्होंने इस संबंध में कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम में शिकायत भी दर्ज कराई।

उनका कहना है कि आखिर बिना किसी नोटिस या सूचना के बीएलओ, मतदाता सूची से नाम कैसे काट देते हैं। प्रशासन को इसपर मंथन करने के साथ ही कड़ी कार्रवाई कर संदेश भी देने की जरूरत है। इसी तरह शहर व ग्रामीण विधानसभा, खजनी, चौरीचौरा, कैंपियरगंज, चिल्लूपार समेत तकरीबन सभी विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में वोटरों के नाम कटने की शिकायतें आ रही हैं।

व्यक्तिगत तौर पर करें शिकायत, जांच होगी : डिप्टी डीईओ

उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम फाइनेंस राजेश कुमार सिंह ने कहा कि बहुत से मतदाताओं के नाम दो या उससे अधिक विधानसभा में दर्ज थे। कई ऐसे थे, जिनका फोटो मिल रहा था। ऐसे में जांच के बाद एक विधानसभा में छोड़, बाकी जगहों पर संबंधित मतदाताओं के नाम काट दिए गए। उन्होंने बताया कि यदि किसी मतदाता का नाम एक ही विधानसभा की वोटर लिस्ट में था और उसे लगता है कि गलत तरीके से उसका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है तो वह व्यक्तिगत तौर पर कलेक्ट्रेट स्थित उनके कार्यालय पर आकर शिकायत करे, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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