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Gorakhpur: गाल ब्लैडर कैंसर पर शोध करेगा एम्स, डॉक्टरों ने लिया 300 मरीजों का डाटा

Fri, 16 Dec 2022 04:29 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 16 Dec 2022 04:29 PM IST
सार

एम्स निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने कहा कि गाल ब्लैडर पूर्वांचल सहित बिहार के कुछ जिलों में तेजी से बढ़े हैं। इस तरह के मरीज एम्स में आ रहे हैं। विभाग ने 300 मरीजों की जानकारी इकट्ठा की है। इस पर शोध का फैसला लिया गया है। शोध से बीमारी के कारण का पता चलेगा।

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aiims will research on gall bladder cancer
गोरखपुर एम्स। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पूर्वांचल सहित बिहार के सिवान, छपरा, पश्चिमी और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों में गाल ब्लैडर कैंसर के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। एम्स की ओपीडी में ऐसे मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। गाल ब्लैडर के बढ़ते मामलों के बीच एम्स ने इस बीमारी पर शोध का फैसला लिया है। इसके तहत एम्स में इलाज करा रहे 300 मरीजों की पूरी जानकारी इकट्ठा की गई है। इन मरीजों की उम्र 40 से 60 वर्ष के बीच है। इनमें 200 महिलाएं और 100 पुरुष शामिल हैं।  

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जानकारी के मुताबिक, पूर्वांचल के गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, मऊ, आजमगढ़, संतकबीरनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती समेत बिहार के सिवान, छपरा, रक्सौल, गोपालगंज जैसे जिलों से मरीज एम्स में इलाज के लिए आते हैं। इनमें कैंसर के भी मरीज शामिल हैं। इन जिलों में मुंह और गले के अलावा गाल ब्लैडर कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं।
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एम्स में पिछले दो साल के अंदर कैंसर के एक हजार के आसपास मरीज इलाज के लिए पहुंचे हैं। इनमें तीन-तीन सौ मरीज मुंह-गले, सर्वाइकल (बच्चेदानी के मुंह) और गाल ब्लैडर कैंसर के हैं। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. शशांक शेखर ने बताया कि गाल ब्लैडर कैंसर के मामले पूर्वांचल में 30 फीसदी के करीब मिले हैं जो चिंता का विषय है। जबकि, दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में इस कैंसर से पीड़ित मरीजों की संख्या दो प्रतिशत के आसपास है। ऐसे में इसका पता लगाना जरूरी है। आखिर कारण क्या है? कही इसकी वजह खान-पान तो नहीं है। इस पर शोध का फैसला लिया गया है।
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इन वजहों से होता है गाल ब्लैडर कैंसर

डॉ. शशांक शेखर ने बताया कि गाल ब्लैडर कैंसर का सबसे बड़ा कारण पथरी है। लोगों को इसकी जानकारी बाद में होती है। कुछ लोग दर्द को नजर अंदाज करके दर्द की दवा खाते रहते हैं, जो बाद में कैंसर का रूप ले लेता है। पथरी होने की वजह वसायुक्त आहार, तेल-मसालों का उपयोग है। यह रोग भी अनुवांशिक है।

एम्स निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर ने कहा कि गाल ब्लैडर पूर्वांचल सहित बिहार के कुछ जिलों में तेजी से बढ़े हैं। इस तरह के मरीज एम्स में आ रहे हैं। विभाग ने 300 मरीजों की जानकारी इकट्ठा की है। इस पर शोध का फैसला लिया गया है। शोध से बीमारी के कारण का पता चलेगा।
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