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खुशखबर: एम्स और आरएमआरसी मिलकर करेंगे कोरोना पर शोध, इस लैब का किया जाएगा प्रयोग
Thu, 11 Jun 2020 08:03 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 11 Jun 2020 08:03 PM IST
सार
- आरएमआरसी की लैब का एम्स के डॉक्टर करेंगे उपयोग
- शोध के बाद सामने आ सकेंगी नई जानकारियां
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कोरोना वायरस की जांच के लिए सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी।
- फोटो : PTI
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विस्तार
एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) आरएमआरसी (रिजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर) के साथ मिलकर कोरोना पर शोध करेगा। एम्स के डॉक्टर आरएमआरसी के लैब का इस्तेमाल करेंगे। इसे लेकर एम्स निदेशक ने आरएमआरसी से वार्ता की है। माना जा रहा है कि इस पहल के बाद से पूर्वांचल में कोरोना को लेकर नई जानकारियां मिल सकेंगी।
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कोरोना वायरस को लेकर पूरी दुनिया में शोध चल रहे हैं। लेकिन अब तक शोध पर सटीक नतीजे सामने नहीं आए हैं। देश में कोरोना वायरस की दवाओं को लेकर भी आईसीएमआर शोध कर रहा है। आईसीएमआर की शाखा आरएमआरसी एम्स के डॉक्टरों के साथ मिलकर पूर्वांचल में कोरोना वायरस पर शोध करेगा।
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कोरोना की वजह से लैब के निर्माण में हो रही देरी
इसके लिए एम्स प्रशासन डॉक्टरों की एक टीम तैयार कर रही है, जो इस शोध इस कार्य में शामिल होगी। एम्स की निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने बताया कि एम्स के लैब अभी बनकर तैयार नहीं हुए है। इसकी वजह से आरएमआरसी के लैब का उपयोग किया जाएगा।
इसके लिए वार्ता की गई है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएंगे। शोध के बाद पूर्वांचल में कोरोना की क्या स्थिति इसका पता भी लग जाएगा। बताया कि वायरस अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरीकों से असर किए हैं।
डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि कोरोना महामारी की वजह से एम्स के लैब के निर्माण में थोड़ी देरी हो रही है। जैसे ही कोरोना का असर थोड़ा कम होगा। उस पर काम तेजी से शुरू होगा। एम्स का लैब बनकर तैयार हो जाएगा,तो कई सारे शोध कार्य होंगे।
इसके लिए वार्ता की गई है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएंगे। शोध के बाद पूर्वांचल में कोरोना की क्या स्थिति इसका पता भी लग जाएगा। बताया कि वायरस अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरीकों से असर किए हैं।
डॉ. सुरेखा किशोर ने बताया कि कोरोना महामारी की वजह से एम्स के लैब के निर्माण में थोड़ी देरी हो रही है। जैसे ही कोरोना का असर थोड़ा कम होगा। उस पर काम तेजी से शुरू होगा। एम्स का लैब बनकर तैयार हो जाएगा,तो कई सारे शोध कार्य होंगे।