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पाकिस्तान से युद्ध के बाद लाल बहादुर शास्त्री की अपील पर शुरू हुई थी खेती, गोरखपुर में उगाया गया था ये खास चीज
Fri, 02 Oct 2020 02:20 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 02 Oct 2020 02:20 PM IST
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गोरखपुर में ट्रेन से नीचे उतरते पीएम लाल बहादुर शास्त्री।(file)
- फोटो : अमर उजाला।
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दो अक्तूबर को आज देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 116वीं जयंती है। उनकी सादगी अपने आप में मिसाल है। ईमानदारी और स्वाभिमानी छवि की वजह से आज भी उन्हें बहुत सम्मान के साथ याद किया जाता है। लाल बहादुर शास्त्री के जयंती के मौके पर हम आपको पूर्वोत्तर रेलवे में लाल बहादुर शास्त्री से जुड़ी एक खास बात बताने जा रहे हैं।
पाकिस्तान से युद्ध के बाद 1965 के अंत मे जब तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया था तो उनकी अपील पर पूर्वोत्तर रेलवे में भी खेती शुरू की गई। हालांकि यह खेती रेलवे अफसरों के बंगले और खाली जमीन पर हुई।
पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक 25 नवंबर 1965 तक हर जगह खेती शुरू कर दी गई। 31 जनवरी 1966 को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने गोरखपुर का विजिट किया और गेहूं, आलू व सब्जियों को देखकर आश्चर्यचकित रह गए। गोरखपुर एरिया से ही गेहूं के 800 टीले (मन) और आलू के 1000 टीले उत्पादन किया गया था। इस प्रयास को पूरे देश में सराहा गया।
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पाकिस्तान से युद्ध के बाद 1965 के अंत मे जब तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया था तो उनकी अपील पर पूर्वोत्तर रेलवे में भी खेती शुरू की गई। हालांकि यह खेती रेलवे अफसरों के बंगले और खाली जमीन पर हुई।
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पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक 25 नवंबर 1965 तक हर जगह खेती शुरू कर दी गई। 31 जनवरी 1966 को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने गोरखपुर का विजिट किया और गेहूं, आलू व सब्जियों को देखकर आश्चर्यचकित रह गए। गोरखपुर एरिया से ही गेहूं के 800 टीले (मन) और आलू के 1000 टीले उत्पादन किया गया था। इस प्रयास को पूरे देश में सराहा गया।
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