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एग्री स्टैक परियोजना: किस किसान की खेत में कौन सी फसल, सबका होगा रिकार्ड

Sat, 12 Aug 2023 06:11 PM IST
vivek shukla टीपी शाही, गोरखपुर।
टीपी शाही, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 12 Aug 2023 06:11 PM IST
सार

जिला कृिष अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि एग्री स्टेक परियोजना के तहत फसलों का डिजिटल सर्वे शुरू हो रहा है। इसमें प्रदेश के पहले 19 जिले शामिल थे। बाद में गोरखपुर और देवरिया जिले को भी शामिल किया गया है। सर्वे से यह पता चल जाएगा कि किस किसान के खेत में कौन सी फसल बोई गई है।

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Agri Stack Project Which crop in which farmer field everyone will have record
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रदेश में उगाई जाने वाली फसलों के रियल टाइम सर्वेक्षण के लिए एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत डिजिटल क्राप सर्वे शुरू होने जा रहा है। इससे यह पता चलेगा कि किस किसान ने अपने खेत में कौन सी फसल बोई है। बाढ़, आपदा सूखा के समय या बीमा कंपनी को जब फसल के नुकसान के लिए धन देना पड़ेगा, तब यह पता चल जाएगा कि किस किसान का कितना नुकसान हुआ है। इस सर्वे से पूरा रिकार्ड विभाग के पास मौजूद रहेगा। सरकार बुआई से लेकर उपज तक का सटीक आकलन के लिए यह सर्वे करा रही है।

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मुख्य सचिव दुर्गा प्रसाद मिश्रा की तरफ से सभी जिलाधिकारी को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर से पोषित डिजिटल मिशन आन एग्रीकल्चर के अंतर्गत प्रदेश में उगाई जाने वाली फसलों के रियल टाइम सर्वेक्षण के लिए एग्री स्टैक परियोजना की शुरूआत की गई है।
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इसके अंतर्गत फसलों की फोटो के साथ डिजिटल क्राप सर्वे वर्तमान वित्तीय वर्ष में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के 19 जिलों का चयन पहले किया गया था। बाद में गोरखपुर मंडल के दो जिलों गोरखपुर और देवरिया को शामिल किया गया है।

पहले होता था मैनुअल आकलन

किस जिले में कौन सी फसल कितने रकबे में बोई जा रही है कृषि व राजस्व विभाग के कर्मचारी पहले मैनुअल तरीके से सर्वें करके सरकार को आकड़े उपलब्ध कराते थे। उसमें पूरी तरह से सही आंकड़े नहीं उपलब्ध होते थे। अब सरकार ने सटीक आंकड़े जुटाने के लिए अत्याधुनिक तरीके अपना कर डिजिटल क्राप सर्वे करा रही है।

एप के माध्यम से होगा सर्वे
ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल क्राप सर्वे के लिए लेखपाल, सहायक लेखपाल, पंचायत सहायक और कृषि विभाग के कर्मचारी को शामिल किया गया है। सर्वे करने के लिए खास तौर पर तैयार किए गए एप का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कार्य तकनीक से लैस युवा सर्वेयर करेंगे। एप पर डेटा अंकित करने के लिए मास्टर ट्रेनर की ट्रेनिग करा ली गई है। सर्वे का कार्य 10 अगस्त से शुरू होजाएगा।

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सर्वे से मिलेंगी ये सुविधाएं

  • विभिन्न योजनाओं का किसानों को मिलेगा लाभ।
  • बैंक की ओर से फसली ऋण का सत्यापन किया जा सकेगा।
  • फसल बीमा प्रस्ताव का सत्यापन हो सकेगा।
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पाद की खरीद।
  • सूखे के दौरान फसल नुकसान होने पर राहत अनुदान का वितरण।
  • राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान।
  • किसानों के संस्थागत खरीदारों से जोड़ने का अवसर।
  • किसानों को लक्षित फसल सलाह प्रदान किया जाना।

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जिला कृिष अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि एग्री स्टेक परियोजना के तहत फसलों का डिजिटल सर्वे शुरू हो रहा है। इसमें प्रदेश के पहले 19 जिले शामिल थे। बाद में गोरखपुर और देवरिया जिले को भी शामिल किया गया है। सर्वे से यह पता चल जाएगा कि किस किसान के खेत में कौन सी फसल बोई गई है। सर्वे करने वाले कर्मचारी एप के माध्यम से खेत में जाकर सर्वे करेंगे।
 

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