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गोरखपुर: सख्ती के बाद अभियंताओं ने सुधारे पांच हजार गलत बिल, 16 हजार बकाएदारों से वसूले जाएंगे 20 करोड़ रुपये
Fri, 28 Oct 2022 01:36 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 28 Oct 2022 01:36 PM IST
सार
मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि बिलिंग एजेंसी को अपने मीटर रीडरों पर नजर रखने के साथ ही उन पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। उपभोक्ताओं के पास गलत बिजली बिल जाएगा तो वह भुगतान कैसे करेंगे? अभियंता समय-समय पर अपने क्षेत्र के उपभोक्ताओं की समस्याओं और इनके बिलों के निस्तारण की जांच करवाएं। इससे उन्हें अपने स्तर से कमी पता चल सकेगी।
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बिजली का बिल। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिजली का बिल एजेंसी के माध्यम से बनवाने का खामियाजा उपभोक्ताओं के साथ बिजली निगम के अभियंताओं को भी भुगतना पड़ रहा है। गलत श्रेणी में लंबित 10 हजार बिलों की सूची चेयरमैन के पास पहुंची, तो उन्होंने अभियंताओं को सूची भेजकर सही करवाने का निर्देश दिया। चेयरमैन के तेवर को देखते हुए अभियंताओं ने पांच हजार बिल सही कर दिए, मगर पांच अब भी लंबित हैं।
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बिलिंग एजेंसी के कर्मचारी मीटर रीडिंग के लिए उपभोक्ताओं के घर या परिसर न जाकर टेबल रीडिंग से बिल बना दे रहे हैं। इस वजह से अधिकतर बिल गलत बन जाते हैं। जब किसी उपभोक्ता को गलत बिल मिलता है तो वह उसे सही कराने की शिकायत करता है। ऐसे ही 10 हजार बिल गलत बन गए थे। इसकी शिकायत चेयरमैन एम देवराज तक पहुंची तो उन्होंने गलत बिल ठीक करने का निर्देश दिया।
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इसके बाद अभियंताओं ने पांच हजार बिल ठीक किए हैं। यही नहीं, चेयरमैन ने मीटर परीक्षण खंड के जूनियर मीटर टेस्टरों को सभी कनेक्शनों में लगे मीटरों की जांच करने और खराब मीटरों को बदलने का भी निर्देश दिया है। मीटर खंड की तरफ से 4000 खराब मीटर बदले भी गए हैं।
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मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि बिलिंग एजेंसी को अपने मीटर रीडरों पर नजर रखने के साथ ही उन पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। उपभोक्ताओं के पास गलत बिजली बिल जाएगा तो वह भुगतान कैसे करेंगे? अभियंता समय-समय पर अपने क्षेत्र के उपभोक्ताओं की समस्याओं और इनके बिलों के निस्तारण की जांच करवाएं। इससे उन्हें अपने स्तर से कमी पता चल सकेगी।
16 हजार बकाएदारों से वसूले जाएंगे 20 करोड़ रुपये
वर्षों पहले बिजली का कनेक्शन लेने के बाद भी शहरी व ग्रामीण इलाकों के 16 हजार उपभोक्ताओं ने बिल का भुगतान नहीं किया है। इनमें 75 प्रतिशत ने 2019 में कनेक्शन लिया था। इन पर करीब 20 करोड़ रुपये का बिल बकाया है। पावर कॉरपोरेशन ने अब अभियंताओं को सभी बकाएदारों से बिल वसूली का लक्ष्य दिया है।
दरअसल, शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में अवर अभियंताओं ने बड़ी संख्या में कनेक्शन जारी किए। नियमानुसार, ऐसे कनेक्शनों पर पहला बिल बनाना अभियंताओं की जिम्मेदारी होती है। इसके बाद बिलिंग एजेंसी की तरफ से मीटर रीडर जाकर उपभोक्ताओं का बिजली बिल बनाते हैं। सूत्रों की मानें तो 16 हजार में ज्यादातर कनेक्शन वहीं हैं, जिनका पहला बिल ही नहीं बना।
पावर कारपोरेशन के निर्देश पर ग्रामीण वितरण मंडल द्वितीय के अधीक्षण अभियंता ने अवर अभियंताओं को इन उपभोक्ताओं से बकाया वसूली का लक्ष्य दिया है। बकाया जमा नहीं करने वालों का कनेक्शन काटकर नोटिस जारी करने को भी कहा गया है। मुख्य अभियंता आशू कालिया ने बताया कि 10 नवंबर तक इन बकाएदारों से बिजली बिल जमा करवाना है। लापरवाही पर अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में अवर अभियंताओं ने बड़ी संख्या में कनेक्शन जारी किए। नियमानुसार, ऐसे कनेक्शनों पर पहला बिल बनाना अभियंताओं की जिम्मेदारी होती है। इसके बाद बिलिंग एजेंसी की तरफ से मीटर रीडर जाकर उपभोक्ताओं का बिजली बिल बनाते हैं। सूत्रों की मानें तो 16 हजार में ज्यादातर कनेक्शन वहीं हैं, जिनका पहला बिल ही नहीं बना।
पावर कारपोरेशन के निर्देश पर ग्रामीण वितरण मंडल द्वितीय के अधीक्षण अभियंता ने अवर अभियंताओं को इन उपभोक्ताओं से बकाया वसूली का लक्ष्य दिया है। बकाया जमा नहीं करने वालों का कनेक्शन काटकर नोटिस जारी करने को भी कहा गया है। मुख्य अभियंता आशू कालिया ने बताया कि 10 नवंबर तक इन बकाएदारों से बिजली बिल जमा करवाना है। लापरवाही पर अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।