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गोरखपुर: आधार कार्ड से पकड़ेंगे परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों का फर्जीवाड़ा, प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड की जाएगी डिटेल
Thu, 15 Jul 2021 01:30 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 15 Jul 2021 01:30 PM IST
सार
अभिभावकों का बैंक खाता और आधार नंबर प्रेरणा पोर्टल पर होगा अपलोड
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले में एक साथ कई स्कूलों में नामांकन कराकर छात्रवृत्ति समेत अन्य विभागीय योजनाओं का दोहरा लाभ लेने वाले परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर शिकंजा कस गया है। शिक्षा विभाग अभिभावकों के बैंक व आधार नंबर के जरिए इस फर्जीवाड़े को पकड़ेगा। वहीं विद्यार्थी का अब सिर्फ एक ही स्कूल में नामांकन होगा। यह डिटेल प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। साथ ही अभिभावक से सहमति पत्र भरवाकर विद्यालय के रिकॉर्ड में सुरक्षित रखा जाएगा।
महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरण आनंद ने इसको लेकर सभी बीएसए को निर्देशित किया है। इससे फर्जीवाड़ा रुकने की उम्मीद है। महानिदेशक ने अपने आदेश में कहा कि आधार कार्ड व्यक्ति की पहचान को साबित करता है। इसके माध्यम से ही सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिलता है। विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति, एमडीएम समेत अन्य लाभकारी योजनाओं के बदले दी जाने वाली धनराशि अभिभावकों के खाते में भेजी जाती है। इसमें पारदर्शिता के लिए विभाग के पास अभिभावकों का आधार नंबर समेत अन्य डाटा होना जरूरी है। उन्होंने सभी बीएसए को 25 जुलाई तक अभिभावकों का आधार व बैंक खाता नंबर समेत अन्य डिटेल प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड कराने का निर्देश दिया है।
ब्योरा तैयार करने में जुटा विभाग
महानिदेशक के निर्देश के बाद से विभागीय अधिकारी-कर्मचारी इस कार्य में जुट गए हैं। अभिभावकों के आधार व बैंक डिटेल का सत्यापन किया जा रहा है। वहीं जिन अभिभावकों का ब्योरा नहीं है, उसे जुटाया जा रहा है। सभी की डिटेल नाम-पता के साथ प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। वहीं विभाग को एक सहमति पत्र भी निर्धारित प्रारूप पर भरवाना होगा। इसे विभाग को अपने रिकॉर्ड में सुरक्षित रखना होगा। ऑनलाइन डाटा फीडिंग के बाद फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। कई स्कूलों में नामांकन कराकर लाभ लेने वालों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
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महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरण आनंद ने इसको लेकर सभी बीएसए को निर्देशित किया है। इससे फर्जीवाड़ा रुकने की उम्मीद है। महानिदेशक ने अपने आदेश में कहा कि आधार कार्ड व्यक्ति की पहचान को साबित करता है। इसके माध्यम से ही सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिलता है। विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति, एमडीएम समेत अन्य लाभकारी योजनाओं के बदले दी जाने वाली धनराशि अभिभावकों के खाते में भेजी जाती है। इसमें पारदर्शिता के लिए विभाग के पास अभिभावकों का आधार नंबर समेत अन्य डाटा होना जरूरी है। उन्होंने सभी बीएसए को 25 जुलाई तक अभिभावकों का आधार व बैंक खाता नंबर समेत अन्य डिटेल प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड कराने का निर्देश दिया है।
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ब्योरा तैयार करने में जुटा विभाग
महानिदेशक के निर्देश के बाद से विभागीय अधिकारी-कर्मचारी इस कार्य में जुट गए हैं। अभिभावकों के आधार व बैंक डिटेल का सत्यापन किया जा रहा है। वहीं जिन अभिभावकों का ब्योरा नहीं है, उसे जुटाया जा रहा है। सभी की डिटेल नाम-पता के साथ प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। वहीं विभाग को एक सहमति पत्र भी निर्धारित प्रारूप पर भरवाना होगा। इसे विभाग को अपने रिकॉर्ड में सुरक्षित रखना होगा। ऑनलाइन डाटा फीडिंग के बाद फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। कई स्कूलों में नामांकन कराकर लाभ लेने वालों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
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