{"_id":"638c2f0a3e58297af618f7c1","slug":"891-students-stopped-enrollment-of-six-thousand-students","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: 891 विद्यार्थियों ने रोके छह हजार छात्रों के इनरोलमेंट, फर्जीवाड़ा करने वालों की मांगी गई सूची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: 891 विद्यार्थियों ने रोके छह हजार छात्रों के इनरोलमेंट, फर्जीवाड़ा करने वालों की मांगी गई सूची
Sun, 04 Dec 2022 10:54 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 04 Dec 2022 10:54 AM IST
सार
प्रदेश के 85 सरकारी और निजी कॉलेजों को मिलाकर आयुष, यूनानी और होम्योपैथी की 7,338 सीटें हैं। इस बार नीट काउंसिलिंग के जरिए इन सीटों पर प्रवेश हुआ है। लेकिन, प्रवेश के बाद रजिस्ट्रेशन और फार्म भरने की प्रक्रिया के दौरान 891 विद्यार्थी ऐसे मिले, जिन्होंने कागजात में हेरफेर कर प्रदेश के कॉलेजों में 2021-22 सत्र के लिए प्रवेश ले लिया।
विज्ञापन
आयुष विश्विद्यालय ।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश के आयुष कॉलेजों में फर्जीवाड़ा कर प्रवेश लेने वाले 891 निलंबित छात्रों की सूची महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय को अब तक नहीं मिली है। इसकी वजह से करीब छह हजार छात्रों का इनरोलमेंट नंबर जारी नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर आयुष विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. आरबी सिंह ने निदेशक, आयुर्वेद सेवा को पत्र भेजकर निलंबित छात्रों की पूरी सूची मांगी है।
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 85 सरकारी और निजी कॉलेजों को मिलाकर आयुष, यूनानी और होम्योपैथी की 7,338 सीटें हैं। इस बार नीट काउंसिलिंग के जरिए इन सीटों पर प्रवेश हुआ है। लेकिन, प्रवेश के बाद रजिस्ट्रेशन और फार्म भरने की प्रक्रिया के दौरान 891 विद्यार्थी ऐसे मिले, जिन्होंने कागजात में हेरफेर कर प्रदेश के कॉलेजों में 2021-22 सत्र के लिए प्रवेश ले लिया। इनमें 22 छात्र ऐसे थे, जो नीट की प्रवेश परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए थे, लेकिन इनका भी प्रवेश आयुष कॉलेजों में हो गया था। मामले में जांच शुरू हुई तो सभी छात्रों को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा कई अधिकारियों पर भी गाज गिर गई।
मामले में आयुष विश्वविद्यालय ने इन छात्रों के इनरोलमेंट नंबर जारी करने पर रोक लगाने का फैसला लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आयुर्वेद सेवा के निदेशक से इन छात्रों की सूची मांगी है, लेकिन अब तक निदेशक ने विश्वविद्यालय को सूची उपलब्ध नहीं कराई है। दूसरी बार फिर से पत्र भेजा गया है। इसमें इस बात का भी जिक्र है कि इन्हीं छात्रों की वजह से प्रदेश के करीब छह हजार छात्रों का भी इनरोलमेंट नंबर जारी नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
85 कॉलेजों को मिलनी है मान्यता
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आरबी सिंह ने बताया कि प्रदेश में 85 आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी कॉलेज हैं। इनमें 2022-23 के लिए मान्यता देने की प्रक्रिया दिसंबर माह से शुरू कर दी गई है। इनमें कुल 19 कॉलेज सरकारी हैं। इनमें आयुर्वेद के आठ, होम्योपैथी के 11 और दो यूनानी कॉलेज शामिल हैं। शेष 66 कॉलेज निजी हैं। ये सभी कॉलेज इस माह तक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। बताया कि पिछले सत्र में 104 कॉलेजों में केवल 85 ने ही मान्यता ली थी।
फर्जीवाड़ा करने वाले सभी छात्रों की सूची निदेशक, आयुर्वेद सेवा से मांगी गई है। सूची न मिलने से करीब छह हजार छात्रों का इनरोलमेंट नंबर नहीं जारी किया गया है। सूची मिलते ही इनरोलमेंट नंबर जारी कर दिए जाएंगे। - आरबी सिंह, रजिस्ट्रार, आयुष विश्वविद्यालय।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 85 सरकारी और निजी कॉलेजों को मिलाकर आयुष, यूनानी और होम्योपैथी की 7,338 सीटें हैं। इस बार नीट काउंसिलिंग के जरिए इन सीटों पर प्रवेश हुआ है। लेकिन, प्रवेश के बाद रजिस्ट्रेशन और फार्म भरने की प्रक्रिया के दौरान 891 विद्यार्थी ऐसे मिले, जिन्होंने कागजात में हेरफेर कर प्रदेश के कॉलेजों में 2021-22 सत्र के लिए प्रवेश ले लिया। इनमें 22 छात्र ऐसे थे, जो नीट की प्रवेश परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए थे, लेकिन इनका भी प्रवेश आयुष कॉलेजों में हो गया था। मामले में जांच शुरू हुई तो सभी छात्रों को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा कई अधिकारियों पर भी गाज गिर गई।
विज्ञापन
मामले में आयुष विश्वविद्यालय ने इन छात्रों के इनरोलमेंट नंबर जारी करने पर रोक लगाने का फैसला लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आयुर्वेद सेवा के निदेशक से इन छात्रों की सूची मांगी है, लेकिन अब तक निदेशक ने विश्वविद्यालय को सूची उपलब्ध नहीं कराई है। दूसरी बार फिर से पत्र भेजा गया है। इसमें इस बात का भी जिक्र है कि इन्हीं छात्रों की वजह से प्रदेश के करीब छह हजार छात्रों का भी इनरोलमेंट नंबर जारी नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
85 कॉलेजों को मिलनी है मान्यता
महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आरबी सिंह ने बताया कि प्रदेश में 85 आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी कॉलेज हैं। इनमें 2022-23 के लिए मान्यता देने की प्रक्रिया दिसंबर माह से शुरू कर दी गई है। इनमें कुल 19 कॉलेज सरकारी हैं। इनमें आयुर्वेद के आठ, होम्योपैथी के 11 और दो यूनानी कॉलेज शामिल हैं। शेष 66 कॉलेज निजी हैं। ये सभी कॉलेज इस माह तक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। बताया कि पिछले सत्र में 104 कॉलेजों में केवल 85 ने ही मान्यता ली थी।
फर्जीवाड़ा करने वाले सभी छात्रों की सूची निदेशक, आयुर्वेद सेवा से मांगी गई है। सूची न मिलने से करीब छह हजार छात्रों का इनरोलमेंट नंबर नहीं जारी किया गया है। सूची मिलते ही इनरोलमेंट नंबर जारी कर दिए जाएंगे। - आरबी सिंह, रजिस्ट्रार, आयुष विश्वविद्यालय।