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गोरखपुर: बाढ़ पीड़ितों को बीमारियों से बचाने में जुटीं 83 मेडिकल टीमें
Thu, 26 Aug 2021 03:53 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 26 Aug 2021 03:53 PM IST
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर जिले में बाढ़ प्रभावित 125 गांवों के लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की 83 टीमें लगाई गई हैं। प्रत्येक टीम में चिकित्सक समेत चार स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। अब तक 5616 लोगों की जांच कर बुखार और उल्टी दस्त की दवाएं दी जा चुकी हैं।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि इन इलाकों में 62681 क्लोरीन के टेबलेट वितरित किए गए हैं। लोगों से कहा गया है कि बीस लीटर पानी में एक टेबलेट का घोल बनाकर दो घंटे बाद ही सेवन करें और डायरिया से सुरक्षित रहें। 12970 हैंडपंप का क्लोरिफिकेशन किया गया है ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके। डॉ. चौधरी ने बताया कि मेडिकल टीम में एक चिकित्सक, एक स्वास्थ्यकर्मी, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को रखा गया है।
पानी उतरने पर बढ़ती हैं बीमारियां
जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में डायरिया और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बाढ़ का पानी उतरने के साथ बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को बुखार के प्रति खासतौर से सतर्कता बरतनी है। अगर किसी भी किस्म का बुखार हो तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
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एंटी स्नेक वेनम का भी इंतजाम
बरसात के मौसम और बाढ़ के कारण सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर 20-20 वायल एंटी स्नेक वेनम भी रखवाए गए हैं।
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जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि इन इलाकों में 62681 क्लोरीन के टेबलेट वितरित किए गए हैं। लोगों से कहा गया है कि बीस लीटर पानी में एक टेबलेट का घोल बनाकर दो घंटे बाद ही सेवन करें और डायरिया से सुरक्षित रहें। 12970 हैंडपंप का क्लोरिफिकेशन किया गया है ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके। डॉ. चौधरी ने बताया कि मेडिकल टीम में एक चिकित्सक, एक स्वास्थ्यकर्मी, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को रखा गया है।
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पानी उतरने पर बढ़ती हैं बीमारियां
जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में डायरिया और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बाढ़ का पानी उतरने के साथ बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को बुखार के प्रति खासतौर से सतर्कता बरतनी है। अगर किसी भी किस्म का बुखार हो तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
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एंटी स्नेक वेनम का भी इंतजाम
बरसात के मौसम और बाढ़ के कारण सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर 20-20 वायल एंटी स्नेक वेनम भी रखवाए गए हैं।