ऑपरेशन शिकंजा: पुलिस ने किया प्रयास, 132 मुलजिम को हुई आजीवन कारावास
डीआईजी जे रविंद्र ने कहा कि गंभीर अपराध के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस की मॉनिटरिंग सेल प्रभावी पैरवी कर रही है। कोर्ट में लगातार पैरवी का असर है कि हत्या, दुष्कर्म, दहेज हत्या जैसे मामलों में ज्यादातर आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा हुई है। आगे भी पुलिस की यह मुहिम जारी रहेगी।
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कोर्ट में साक्ष्यों के साथ पैरवीकार बन पुलिस सात महीने में 132 मुलजिमों को आजीवन कारावास की सजा दिलाने में सफल रही है। रेंज (गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर व महराजगंज) में ऑपरेशन शिकंजा के तहत हत्या, दुष्कर्म और दहेज हत्या जैसे 293 मुकदमों में 472 मुलजिमों को सजा हुई है। इसके तहत पुलिस को कामयाबी मिलने के बाद डीआईजी जे रविंद्र ने रेंज के सभी जिलों के मानीटरिंग सेल को प्रोत्साहित किया है।
जानकारी के मुताबिक, एक जनवरी से 31 जुलाई के बीच गोरखपुर में 30 मामलों में 76 को आजीवन कारावास, 20 मामलों में 29 को 10 साल की सजा, 11 मामलों में 24 लोगों को सात साल की सजा व 83 को सात साल से कम की सजा हुई है।
देवरिया जिले में 12 मुकदमों में 42 को आजीवन कारावास, आठ मामलों में 13 को 10 साल की सजा, पांच को सात वर्ष की सजा और 100 लोगों को सात साल से कम की सजा हुई है। कुशीनगर जिले में आठ मामलों में 13 को आजीवन कारावास, छह मामलों में आठ को 10 साल की सजा, सात को सात साल की सजा व 26 लोगों को सात साल से कम सजा हुई है।
इसी तरह महराजगंज में पांच मामलों में पांच को आजीवन कारावास, चार मामलों में चार को 10 साल की सजा, एक को सात साल की सजा व 40 को सात साल से कम की सजा हुई है।
ये है ऑपरेशन शिकंजा
पुलिस कई महीने से लगातार ऑपरेशन शिकंजा चला रही है। जिसके तहत जिला न्यायालय गोरखपुर में जघन्य अपराधों में गंभीरता पूर्वक कार्रवाई कर तेजी से मुकदमों का निस्तारण किया गया। हत्या व महिला संबंध अपराधों में प्रभावी प्रयास करते करते हुए मॉनिटरिंग सेल, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी, विशेष लोक अभियोजक, संयुक्त निदेशक अभियोजक व पैरोकारों ने प्रभावी पैरवी की। गवाहों से समय से बयान दर्ज कराया और मजबूत साक्ष्य पेश किया।
डीआईजी जे रविंद्र ने कहा कि गंभीर अपराध के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस की मॉनिटरिंग सेल प्रभावी पैरवी कर रही है। कोर्ट में लगातार पैरवी का असर है कि हत्या, दुष्कर्म, दहेज हत्या जैसे मामलों में ज्यादातर आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई है। आगे भी पुलिस की यह मुहिम जारी रहेगी।