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इंसेफलाइटिस के थे लक्षण: 20 बच्चे ठीक होकर घर गए, बीमारी का पता नहीं
Sat, 17 Jun 2023 02:24 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 17 Jun 2023 02:24 PM IST
सार
इंसेफेलाइटिस वार्ड में इस साल अब तक भर्ती 40 में से 14 बच्चों में जेई और एईएस की पुष्टि हुई है। इनमें केवल एक बच्चे में जापानी इंसेफेलाइटिस का वायरस मिला है। अन्य बच्चों में कोई भी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम नहीं मिला है।
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- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती 20 बच्चे डिस्चार्ज होकर घर चले गए, लेकिन इन बच्चों में बीमारी का पता नहीं चल सका है। इंसेफेलाइटिस वार्ड में इस वर्ष अब तक 40 बच्चे भर्ती हुए हैं। इनमें 20 बच्चे ऐसे थे, जिनमें शुरुआती लक्षण इंसेफेलाइटिस के थे, लेकिन जांच में इंसेफेलाइटिस का वायरस नहीं मिला। इन सभी की खून और सीएसएफ जांच हुई थी। यह जांच रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) में की गई थी।
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आरएमआरसी के सीनियर वैज्ञानिक और मीडिया प्रभारी डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि इस तरह के मामले सामने आने के बाद शोध का फैसला लिया गया है। शोध के जरिए यह पता किया जाएगा कि आखिर बच्चों में लक्षण मिलने के बाद भी वायरस क्यों नहीं मिला।
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उधर, बिना मौसम के जेई के मरीज भी मिलना विशेषज्ञों को चौका रहा है। क्योंकि, 15 जुलाई के बाद से बरिश का मौसम शुरू होता है। इसके बाद जेई और एईएस के मरीज मिलते हैं। डॉ. अशोक पांडेय ने बताया कि गर्मी के मौसम में अगर वायरस पनप रहे हैं तो यह भी चिंता की बात है। इस पर टीम काम कर रही है।
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14 बच्चों में जेई और एईएस की हुई है पुष्टि
इंसेफेलाइटिस वार्ड में इस साल अब तक भर्ती 40 में से 14 बच्चों में जेई और एईएस की पुष्टि हुई है। इनमें केवल एक बच्चे में जापानी इंसेफेलाइटिस का वायरस मिला है। अन्य बच्चों में कोई भी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम नहीं मिला है।
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इंसेफेलाइटिस मरीजों की पांच तरह की जाती है जांच
इंसेफेलाइटिस के लक्षण वाले मरीजों की जांच पांच तरह की होती है। इनमें जेई, स्क्रब टाइफस, चिकनगुनिया, मलेरिया और डेंगू की जांच शामिल हैं। इसके अलावा पांच विशेष जांच भी होती है। इन जांचों में लैप्टोस्पाइरा, हर्पीज सिंपलेक्स, एंट्रोवायरस, क्रिप्टो और मेनिन्जाइटिस हैं। ठीक होकर घर जाने वाले बच्चों में किसी तरह के मामले नहीं मिले हैं।
एक नजर मस्तिष्क ज्वर के मरीजों पर
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इंसेफेलाइटिस मरीजों की पांच तरह की जाती है जांच
इंसेफेलाइटिस के लक्षण वाले मरीजों की जांच पांच तरह की होती है। इनमें जेई, स्क्रब टाइफस, चिकनगुनिया, मलेरिया और डेंगू की जांच शामिल हैं। इसके अलावा पांच विशेष जांच भी होती है। इन जांचों में लैप्टोस्पाइरा, हर्पीज सिंपलेक्स, एंट्रोवायरस, क्रिप्टो और मेनिन्जाइटिस हैं। ठीक होकर घर जाने वाले बच्चों में किसी तरह के मामले नहीं मिले हैं।
एक नजर मस्तिष्क ज्वर के मरीजों पर
| वर्ष | मरीज | मौत |
| 2017 | 38 | 12 |
| 2018 | 29 | 13 |
| 2019 | 16 | 03 |
| 2020 | 06 | 01 |
| 2021 | 15 | 04 |
| 2022 | 11 | 0 |
| 2023 | 14 | 0 |