फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   176 children orphaned from Corona in Gorakhpur got financial help of 12-12 thousand

यूपी: गोरखपुर जिले में कोरोना से अनाथ 176 बच्चों को मिली 12-12 हजार की आर्थिक मदद

Thu, 22 Jul 2021 08:12 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 22 Jul 2021 08:12 PM IST
सार

लखनऊ से मुख्यमंत्री ने की बाल सेवा योजना का शुरुआत, एनेक्सी भवन में हुआ लाइव प्रसारण, मंच से 20 लाभार्थियों को विधायकों-अधिकारियों ने दिए योजना के स्वीकृति पत्र

विज्ञापन
176 children orphaned from Corona in Gorakhpur got financial help of 12-12 thousand
CM yogi - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोरोना की वजह से अनाथ हुए जिले के 176 बच्चों के विधिक अभिभावकों के बैंक खातों में बृहस्पतिवार को तीन महीने की एक साथ आर्थिक मदद के तौर पर 12-12 हजार रुपये पहुंच गए। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसे बेसहारा बच्चों के लिए शुरू की गई बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया। इसका लाइव प्रसारण जिले के एनेक्सी भवन सभागार में लगे एलईडी स्क्रीन पर भी किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मंच से जिले के 20 लाभार्थियों को योजना का स्वीकृति पत्र भी दिया।

विज्ञापन


नगर विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि निराश्रित महिलाओं एवं बच्चों के पूनर्वास एवं संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार संकल्पित है।  कोविड-19 महामारी के प्रकोप की वजह से जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो गई है उनके माता पिता की कमी दूर तो नहीं की जा सकती मगर ऐसे निराश्रित बच्चों के भरण पोषण, शिक्षा, सुरक्षा आदि की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की गई है।
विज्ञापन


ग्रामीण विधायक विपिन सिंह ने कहा कि ऐसे बच्चे जिनके माता पिता दोनों का निधन हो गया है, बाल समिति के आदेश से विभाग के तहत संचालित बाल देखभाल संस्थाओ में आवासित कराए जाएंगे। विधायक चौरीचौरा संगीता यादव ने महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का सुझाव दिया जिससे उनका आर्थिक उन्नयन होने के साथ ही वे आत्मनिर्भर हो सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


कार्यक्रम का संचालन जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने किया।  लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र का वितरण विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल, ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, खजनी विधायक संत प्रसाद, चौरीचौरा की विधायक संगीता यादव, डीएम के विजयेंद्र पांडियन एवं  सीडीओ इन्द्रजीत सिंह ने किया।

 

क्या है बाल सेवा योजना

उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कोरोना में अनाथ हुए शून्य से 18 साल के बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में 4000 रूपये प्रतिमाह दिए जाएंगे । योजना के तहत चिन्हित बालिकाओं के शादी के योग्य होने पर शादी के लिए 1.01 लाख (एक लाख एक हजार रूपये) मिलेंगे। श्रेणी में आने वाले कक्षा-9 या इससे ऊपर की कक्षा में अथवा व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे 18 साल तक के बच्चों को टैबलेट या लैपटॉप की सुविधा मिलेगी।

हाथ में स्वीकृति पत्र, आंखों में आंसू, जुबां पर सीएम के प्रति आभार
जिले में जो 176 बच्चें कोरोना की वजह से अनाथ हुए उनमें छह को छोड़ बाकी सभी में से किसी के पिता नहीं रहे तो किसी की मां। कार्यक्रम में ऐसे ही कुछ बच्चों के अभिभावकों को भी बुलाया गया था। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक रही। एनेक्सी भवन में जनप्रतिनिधियों, अफसरों ने उन्हें स्वीकृति पत्र वितरित करना शुरू किया तो कई की आंखों से आंसू छलक पड़े। सभी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी वजह से उनके बच्चों को भविष्य सुरक्षित हो गया। वे पढ़-लिख लेंगे।

लाभार्थी विमलावती ने कहा कि उनकी पांच बेटियां और एक बेटा है। अक्तूबर महीने में कोरोना से पीड़ित उनके पति की निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। घर, उनकी ही कमाई से चलता था। पति के गुजरने के बाद इनके भविष्य को लेकर वह सर्वाधिक फिक्रमंद थी। मगर  बाल सेवा योजना में बच्चों की पढ़ाई लिखाई और बेटियों की शादी पर सरकार एक लाख रुपये देगी। यह खबर सुनकर उन्होंने काफी राहत महसूस की।

कहती है कि सरकार उन्हें भी काम दिलाएगी तो वे खुशी -खुशी करेंगी ताकि बच्चे और ठीक से पढ़ लिख सके। पति को याद कर भावुक हो गईं सरिता देवी, रश्मी सिंह और इश्रावती देवी की भी पीड़ा विमलावती जैसी ही है। सभी को अपने बच्चों की ही चिंता सता रही थी। उनका कहना था कि दो वक्त की रोटी  का इंतजाम तो वे किसी तरह  मेहनत-मजदूरी से कर लेंगी मगर बच्चों की पढ़ाई और उनकी परवरिश की चिंता सता रही थी। सरकार ने मदद  के लिए हाथ बढ़ाया तो अब राहत की उम्मीद जगी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed