खुशखबर: 157 और निजी अस्पतालों को मिली इमरजेंसी में इलाज की मंजूरी, एक गलती पर होगी सख्त कार्रवाई
- इंफेक्शन कंट्रोल को लेकर निजी अस्पतालों के रिफ्रेशर को दी गई ट्रेनिंग
- नियम तोड़ने पर की जाएगी सख्त कार्रवाई
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गोरखपुर शहर के 157 और निजी अस्पतालों को इमरजेंसी में इलाज की मंजूरी मिल गई है। विभाग ने शपथ पत्र भरवाते हुए इलाज की सशर्त अनुमति दी है। अनुमति के बाद लगभग अब शहर के सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम इमरजेंसी में इलाज कर सकते हैं।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने निजी अस्पताल के संचालकों से अपील की है कि वह इंफेक्शन कंट्रोल को पूरी तरह से ध्यान में रखते ही सेवाएं दें। अगर लापरवाही मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर शुक्रवार को उनकी अगुवाई में एनेक्सी भवन में इंफेक्शन कंट्रोल के लिए 157 निजी अस्पतालों को रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी दी गई।
सीएमओ ने बताया कि जिले में इमरजेंसी सेवा के लिए खुल रहे निजी अस्पतालों के संचालकों और उनके कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. संदीप पाटिल और डॉ. सागर घोड़ेकर की मदद से अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोटोकॉल को बताया गया है।
ये हैं इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी में शामिल
इस बीच एसीएमओ डॉ. आईबी विश्वकर्मा, डॉ नंद कुमार और जिला क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट डॉ. मुस्तफा खान नेअस्पतालों को इंफेक्शन कंट्रोल के उपायों के बारे में बताया। सीएमओ ने बताया निजी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि अगर उनके यहां फ्लू के लक्षण वाले मरीज आते हैं, तो स्वास्थ्य विभाग के सक्षम अधिकारियों को उनके पूरा ब्योरा बताए।
अगर मरीज कहीं बाहर से आया है या बाहर से आए किसी व्यक्ति के संपर्क में रहा है तो विशेष ध्यान दें। बताया कि इससे पूर्व 110 निजी अस्पतालों को इमरजेंसी में इलाज की अनुममि दी जा चुकी है।
सीएमओ ने बताया कि एसीएमओ डॉ आईबी विश्वकर्मा इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी के अध्यक्ष है। इसके अलावा डॉ एके श्रीवास्तव, नगर मजिस्ट्रेट, डॉ एनके पांडेय, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधि डॉ एमनाथ, डॉ शुभ्रा श्रीवास्तव, आईएमए सचिव डॉ राजेश गुप्ता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि डॉ मुस्तफा खान समिति में शामिल है।