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Gorakhpur News: स्वाइन फ्लू की जांच वाली 147 किट हुईं एक्सपायर, अब 200 नई किट की मांग
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गोरखपुर। स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के साथ ही पूर्वांचल में भी स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। बीआरडी मेडिकल कालेज में संदिग्ध मरीजों के नमूने लिए जा रहे हैं। इसी बीच मेडिकल कालेज ने जांच के लिए 200 नई किट की मांग भेजी है।
पिछले वर्ष जून में बीआरडी मेडिकल कालेज में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए 150 किट मंगाई गई थीं। इनका इस्तेमाल काफी कम हुआ। पिछले साल सिर्फ दो नमूनों की जांच की गई जबकि इस वर्ष अब तक एक नमूने की जांच हुई है। इस दौरान 147 किट एक्सपायर हो गईं।
हालांकि, मेडिकल कालेज प्रशासन का कहना है कि एक्सपायर हो चुकी किट का वैलिडेशन कराया गया है। जांच के बाद इन्हें उपयोग के योग्य पाया गया और जरूरत के अनुसार इनसे जांच की जा रही है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किट के एक्सपायर होने और जांच की कम संख्या को देखते हुए व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। माइक्रोबायोलाजी विभागाध्यक्ष डाॅ. अमरेश कुमार सिंह के अनुसार, स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण से मिलते-जुलते हैं। ऐसे में मरीज की स्थिति गंभीर होने पर बीमारी की पुष्टि के लिए जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मामलों को देखते हुए आने वाले दिनों में संदिग्ध मरीजों की जांच बढ़ने की संभावना है। डाॅ. सिंह ने बताया कि एक्सपायर हो चुकी किट का वैलिडेशन कराया गया है और जांच के लिए उनकी उपयोगिता की पुष्टि की गई है। आवश्यकता को देखते हुए 200 नई किट की मांग भी भेजी गई है। नई किट मिलने के बाद जांच व्यवस्था को और सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
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पिछले वर्ष जून में बीआरडी मेडिकल कालेज में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए 150 किट मंगाई गई थीं। इनका इस्तेमाल काफी कम हुआ। पिछले साल सिर्फ दो नमूनों की जांच की गई जबकि इस वर्ष अब तक एक नमूने की जांच हुई है। इस दौरान 147 किट एक्सपायर हो गईं।
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हालांकि, मेडिकल कालेज प्रशासन का कहना है कि एक्सपायर हो चुकी किट का वैलिडेशन कराया गया है। जांच के बाद इन्हें उपयोग के योग्य पाया गया और जरूरत के अनुसार इनसे जांच की जा रही है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किट के एक्सपायर होने और जांच की कम संख्या को देखते हुए व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। माइक्रोबायोलाजी विभागाध्यक्ष डाॅ. अमरेश कुमार सिंह के अनुसार, स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण से मिलते-जुलते हैं। ऐसे में मरीज की स्थिति गंभीर होने पर बीमारी की पुष्टि के लिए जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मामलों को देखते हुए आने वाले दिनों में संदिग्ध मरीजों की जांच बढ़ने की संभावना है। डाॅ. सिंह ने बताया कि एक्सपायर हो चुकी किट का वैलिडेशन कराया गया है और जांच के लिए उनकी उपयोगिता की पुष्टि की गई है। आवश्यकता को देखते हुए 200 नई किट की मांग भी भेजी गई है। नई किट मिलने के बाद जांच व्यवस्था को और सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
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