कोरोना का खौफ: गोरखपुर के निजी स्कूल में मुफ्त में भी पढ़ने को राजी नहीं 1400 बच्चे
पिछले वर्ष सभी चरणों में कुल 3400 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जबकि प्रवेश 2000 अभ्यर्थियों ने लिया, सामान्य दिनों में आरटीई के तहत प्रवेश को लेकर जी जान लगा देते हैं अभिभावक
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कोरोना महामारी की पहली लहर में गोरखपुर जिले के निजी स्कूलों में मुफ्त प्रवेश के लिए चयनित जरूरतमंदों के 1400 बच्चों ने प्रवेश लेने से किनारा कर लिया है। इन्हें केवल बेसिक शिक्षा विभाग से जारी आवंटन पत्र को लेकर संबंधित स्कूल में जाकर प्रवेश सुनिश्चित कराना था। जिसके बाद आठवीं तक की पढ़ाई और कॉपी किताब का खर्च सरकार की ओर से उठाया जाना था। मगर महामारी के खौफ से 1400 आवेदकों ने चुने जाने के बाद भी प्रवेश नहीं लिया।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पिछले वर्ष आरटीई के तहत सभी चरणों में कुल मिलाकर 3400 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। जबकि प्रवेश प्रक्रिया 2000 अभ्यर्थियों ने ही पूरी की। इस अधिनियम के तहत निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर कक्षा एक या पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का प्रवेश लेना होता है।
इन बच्चों की पढ़ाई का खर्च शासन की ओर से स्कूलों के खातों में भेजा जाता है। वहीं कॉपी किताब के लिए पांच पांच हजार रूपये अभिभावकों के खाते में प्रेषित किए जाते हैं। आरटीई के तहत प्रवेश के लिए तीन चरणों में ऑनलाइन आवेदन पत्र मंगाए जाते हैं। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद लॉटरी के माध्यम से अर्ह विद्यार्थियों को उनके वार्ड में मौजूद निजी स्कूलों का शासन स्तर से आवंटन होता है।
10 जून तक कर सकते हैं दूसरे चरण के लिए आवेदन
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के निजी स्कूलों में होने वाले दूसरे चरण के निशुल्क प्रवेश की आवेदन समय सीमा को बढ़ाकर 10 जून तक कर दिया है। पहले 25 अप्रैल आखिरी तिथि थी। जिसके लिए 1801 लोगों ने आवेदन किया था। नए कार्यक्रम के मुताबिक 11 और 12 जून को दस्तावेजों का सत्यापन बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कराया जाएगा। 13 जून को लॉटरी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन होगा। 30 जून तक चयनित विद्यालय में प्रवेेश प्रक्रिया को पूरा करने का समय निर्धारित है।
2196 विद्यार्थियों का पहले चरण में हुआ चयन
आरटीई के तहत प्रवेश के लिए पहले चरण में लॉटरी के माध्यम से 2196 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। स्कूल बंद होने की वजह से इनके प्रवेश की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। मगर सामान्य हालात होने पर उन्हें नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय से आवंटन पत्र हासिल कर चयनित स्कूल में जाकर प्रवेश की प्रक्रिया को पूरा करना होगा।