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गोरखपुर में हड़कंप: नया सवेरा के सामने बनीं 121 दुकानें हो सकती हैं बंद, बनाने में खर्च हुए 1.25 करोड़ रुपये

Tue, 12 Sep 2023 10:57 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 12 Sep 2023 10:57 AM IST
सार

नौका विहार से लेकर तारामंडल के आसपास नो वेंडिंग जोन में खाने-पीने की सामग्री का ठेला-अस्थायी दुकान लगाकर गुजर-बसर करने वालों के लिए जीडीए ने पहले दिग्विजयनाथ पार्क से सटे खाली क्षेत्र में बने 34 कियॉस्क (टिनशेड दुकानें) बनाए थे। आवंटन की प्रक्रिया जीडीए की ओर से होनी थी।

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121 shops built in front of Naya Savera may be closed in Ramgarhtal
रामगढ़ताल रोड नौकायन के पास बन रही दुकान। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

नया सवेरा के सामने करीब 1.25 करोड़ रुपये से बनाई गई 121 दुकानें अब वहां से हटाईं जा सकती हैं। जीडीए के अफसरों ने दुकानदारों (वेंडर) को दफ्तर बुलाकर दुकानें कहीं और शिफ्ट करने की बात कही है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेंगे। इस फैसले से पहले ही दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। लोगों का कहना है कि इस फैसले से नौका विहार को खूबसूरत बनाने के साथ जरूरतमंदों को आय का साधन उपलब्ध करवाने की योजना धरी की धरी रह सकती है।

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नौका विहार से लेकर तारामंडल के आसपास नो वेंडिंग जोन में खाने-पीने की सामग्री का ठेला-अस्थायी दुकान लगाकर गुजर-बसर करने वालों के लिए जीडीए ने पहले दिग्विजयनाथ पार्क से सटे खाली क्षेत्र में बने 34 कियॉस्क (टिनशेड दुकानें) बनाए थे। आवंटन की प्रक्रिया जीडीए की ओर से होनी थी। इसी बीच कोरोना महामारी की वजह से ये योजनाएं थम गईं। लोगों ने अपने तरीके से दोबारा नौका विहार और तारामंडल बिजली उपकेंद्र के पास सड़क किनारे दुकानें खोल लीं।
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बाद में विभागीय अधिकारियों और रेहड़ी लगाने वालों के बीच यह तय हुआ कि कियाॅस्क के लिए दूसरी जगह आवंटित की जाएगी। उस आवंटन में नौका विहार के आसपास ठेला-खोमचा व अस्थायी दुकान लगाने वालों को आवेदन करना होगा। आवेदन पत्रों के सत्यापन के बाद पूरी तरह से सही पाए जाने वाले पात्र पथ विक्रेताओं को लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा। इसी बीच जीडीए के अधिकारियों ने लेक व्यू का माहौल बदलने के साथ यहां लोगों का फुटपाथ बढ़ाने का फैसला किया।
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तत्कालीन उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने लेक व्यू के आसपास के पूरे इलाके को पूरी तरह तरह व्यवस्थित करने का फैसला किया और जीडीए की संपत्ति से सीधे आम लोगों को जोड़ने का प्रयास किया। इसी क्रम में फुटपाथ फुटकर व्यापारियों के लिए नया सवेरा के सामने करीब 121 दुकानें बनाई गईं थीं। चर्चा है कि अब इन दुकानों को हटाया जाएगा। इसे लेकर दुकानदारों से भी बातचीत की जा चुकी है।
 

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फुटकर व्यापारियों ने कहा, सेटिंग काम नहीं आई

फुटकर व्यापारियों ने बताया कि नेताओं की सेटिंग काम नहीं आ पाई। यहां सिर्फ जरूरतमंदों को दुकानें दी गई थीं। कई बार बड़ी गाड़ियों से लोग दुकानों को लेकर पूछताछ करते थे। लेकिन अधिकारियों ने शीर्ष प्राथमिकता रेहड़ी वाले जरूरतमंदों को दिया। यही बात लोगों को शायद अखर गई होगी।

मुख्यमंत्री की अनुमति से ही बना था, अब हटने को चर्चा
नया सवेरा पर दुकानें मुख्यमंत्री की सहमति से बनाई गई थीं। लेकिन अचानक इसे हटाए जाने की बात होनी लगी। दरअसल, पहले इन वेंडर लोगों की दुकानें पार्क की तरफ की जानी थी। लेकिन वेंडर ने जाकर मुख्यमंत्री से फरियाद लगाई। उन्होंने सबकी सहूलियत देखते हुए उसी हिसाब से दुकानों का निर्माण करवाने का निर्देश दिया था। लेकिन अचानक दुकान हटाए जाने की चर्चा से अब ये लोग चिंतित हैं।

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दो महीने का किराया भी जमा कर चुके हैं
नौका विहार के पास दुकान लगाने वाले ब्रह्मदेव साहनी ने बताया कि सभी लोगों ने दो महीने का किराया भी जीडीए में जमा कर दिया है। एक महीना का चार हजार रुपया किराए के दर पर दो महीने का आठ हजार रुपए जमा किए जा चुके हैं। अब दुकान हटेंगी तो सबको बहुत परेशानी होगी।

दुकानें हटाए जाने को लेकर वेंडर से बात हुई है कि अगर दुकानें शिफ्ट की जाएं तो क्या पार्क के पास इन्हें निर्मित किया जा सकता है। हालांकि अभी कुछ तय नहीं हुआ है। विभाग के पास सीधे कोई निर्देश नहीं आया है। अधिकारियों के माध्यम से दुकानों को यहां से हटाए जाने की बात सामने आई है। वैसे भी ये दुकानें मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही बनीं थीं। -उदय प्रताप सिंह, सचिव, जीडीए
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