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देवरिया: जेल में मम्मी-पापा के गुनाहों की सजा भुगत रहे 12 मासूम, देखने भी नहीं आते परिजन

Wed, 25 Aug 2021 04:53 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया। Published by: vivek shukla Updated Wed, 25 Aug 2021 04:53 PM IST
सार

जेल बंद कुछ ऐसे बच्चे भी हैं जो किशोरावस्था में आने का इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि इसके बाद ही खुली हवा में शातिरों की दुनिया से बाहर होकर खुली हवा में सांस लेने का मौका उन्हें मिलेगा। जेल में बंद 12 मासूम में करीब आठ बच्चे पांच साल के अंदर हैं।

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12 innocents facing punishment for crimes of parents in jail
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

'गलती कोई करे और उसकी सजा भुगते कोई।' यह लाइन देवरिया जिले के लाइन जेल में मां के साथ जुर्म की दुनिया में पल रहे बच्चों पर सटीक बैठ रही है। जेल में बंद 12 मासूमों को अपनी गलती का पता नहीं, लेकिन वह मजबूरी में मां के साथ सलाखों के पीछे कैद होकर जिंदगी गुजार रहे हैं। बच्चे अपनी मां के गुनाहों की सजा भुगत रहे हैं।

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हत्या, लूट सहित अन्य अपराधों जैसे शब्दों से अंजान मासूमों अपने मम्मी-पापा के गुनाहों की सजा भुगत रहे हैं। जेल बंद कुछ ऐसे बच्चे भी हैं जो किशोरावस्था में आने का इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि इसके बाद ही खुली हवा में शातिरों की दुनिया से बाहर होकर खुली हवा में सांस लेने का मौका उन्हें मिलेगा। जेल में बंद 12 मासूम में करीब आठ बच्चे पांच साल के अंदर हैं। जिनका बचपन स्कूल और घर के आंगन में नहीं जेल की आंगन में गुजर रहा है।
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बंदी को पैदा हुआ बच्चा, परिजन देखने तक नहीं आए
कुशीनगर जनपद निवासी एक महिला बंदी को एक सप्ताह पहले बच्चा पैदा हुआ है। गर्भवस्था में जेल आने के बाद उसे जेल प्रशासन ने अस्पताल पहुंचाया। जहां बच्चा पैदा हुआ है। परिवारिक विवाद ऐसा है कि परिजन हाल तक पूछने नहीं आए। जेल प्रशासन को पूरी जिम्मेदारी उठा है।

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महिला बंदियों के बच्चों को पैष्टिक आहार

महिला बंदियों के बच्चों को जेल प्रशासन अलग से व्यवस्था करता है। जिन्हें दूध, पौष्टिक आहार और बंदियों को नास्ते में गुड-चना, भोजन में मसूर की दाल, रोटी, हरी सब्जी दी जाती है। इतना ही नहीं टीकाकरण की भी व्यवस्था किया जाता है।

जेलर राजकुमार ने कहा कि जेल में बंद मासूमों को देखभाल के लिए व्यवस्था की गई है। अभी एक महिला बंदी को बच्चा पैदा हुआ था। परिवार के लोग भले नही आए लेकिन जेल प्रशासन ने पूरी व्यवस्था अपने स्तर से किया था। इन्हें पौष्टिक आहार दिया जाता है।
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