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गोरखपुर: गर्भवती व प्रसूता की मौत की सूचना देने पर मिलेंगे 1000 रुपये, मौत के कारणों की होगी समीक्षा

Wed, 29 Sep 2021 03:20 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 29 Sep 2021 03:20 PM IST
सार

मातृ मृत्यु के कारणों को पता लगाने के लिए शासन की पहल, स्वास्थ्य केंद्रों पर टीम गठित कर की जाएगी मौत के कारणों की समीक्षा।

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1000 rupees will be given on giving information about death of pregnant and maternity
गर्भवती महिला। - फोटो : shutterstock

विस्तार

गर्भवती और प्रसूता की मौत के बारे में 24 घंटे के भीतर पहले सूचना देने वाले को सरकार की तरफ से 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। शासन ने यह पहल मातृ मृत्यु के कारणों का पता लगाने और उनकी समीक्षा के लिए की है। यह सूचना टॉल फ्री नंबर 104 पर देनी है। सूचना के आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों पर टीम गठित कर मौत के कारणों की समीक्षा की जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज आनंद ने बताया कि इस संबंध में शासन से पत्र आया है।

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सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देशित किया गया है कि वह हर हाल में 24 घंटे के भीतर मातृ मृत्यु की सूचना दें। इसके तहत गर्भवती मां की मौत के अलावा प्रसव के 42 दिन के भीतर आने वाली मौत शामिल हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार ऐसी मौत को छिपाना आशा कार्यकर्ता के लिए दंडनीय होगा और अनुशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी। मौत की सूचना देने वाले किसी भी कर्मचारी पर कोई दांडिक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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बताया कि मातृ स्वास्थ्य कंसल्टेंट सूर्य प्रकाश को जिम्मेदारी दी गई है कि वह सभी स्वास्थ्य इकाइयों के जरिए मातृ मृत्यु सूचनादाता के तौर पर आशा की भूमिका सुनिश्चित करवाएं। जिले में एक अप्रैल से 31 अगस्त तक 266 मातृ मृत्यु का पूर्वानुमान था, जिसके सापेक्ष सिर्फ 56 मामले रिपोर्ट हुए हैं। जब तक मातृ-मृत्यु के संपूर्ण मामले रिपोर्ट नहीं होते तब तक कारणों की समीक्षा कर इसे रोकना संभव नहीं होगा।
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ऐसे रुकेगी मातृ-मृत्यु

18 वर्ष की उम्र के बाद ही विवाह
- पहला बच्चा शादी के दो साल बाद, दो बच्चों में तीन साल का अंतर
- गर्भावस्था के दौरान मां को पौष्टिक भोजन दिया जाए
- गर्भवती की सभी प्रसव पूर्व जांच हो और टीकाकरण करवाया जाए
- प्रसव पूर्व जांच में ही उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान हो और उसका प्रबंधन हो
- सिर्फ संस्थागत प्रसव ही करवाया जाए
- प्रसव पीड़ा होने पर 102 नंबर एंबुलेंस का उपयोग हो
- प्रसव के 48 घंटे से 72 घंटे तक स्वास्थ्य इकाई में ही प्रसूता को रखा जाए
- जच्चा-बच्चा के पोषण और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए

इन स्थितियों में नहीं मिलेगी प्रोत्साहन राशि
- सूचनादाता के सरकारी कर्मचारी होने पर
- प्रथम सूचनादाता न होने पर
- प्रसव के 42 दिन बाद होने वाली मौतों की सूचना पर 

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