आपकी स्किन खराब कर रहे हैं ये ब्यूटी ट्रीटमेंट, कहीं आप भी तो नहीं करवा रहें?
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इस तरह के मास्क में त्वचा को साफ करने वाले चारकोल पार्टिकल्स मौजूद होते हैं। कहा जाता है कि इसका इस्तेमाल करने से त्वचा से सारे ब्लैकहेड्स और डेड स्किन निकल जाती हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट की मानें तो जब आप अपनी त्वचा पर इस मास्क को लगाकर खींचते हैं तो ये आपकी त्वचा से जरूरी तेल और बालों भी खींच ले जाते हैं।
ऑयल पुलिंग
आयुर्वेद में दांतों, जीभ और मुंह के भीतरी हिस्से को स्वस्थ रखने के लिए ऑयल पुलिंग का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें व्यक्ति को तिल, जैतून या नारियल में से कोई तेल मुंह में 10 मिनट तक घुमाने के लिए दिया जाता है। तेल जब पतला हो जाता है तो इसे थूक दिया जाता है। इसके बाद व्यक्ति ब्रश करता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से मुंह में मौजूद सभी बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना हैं कि ऐसा करने से जो तेल शरीर के अंदर जाता है उसे पचाना बहेद मुश्किल होता है। जिसकी वजह से आपको सिरदर्द भी हो सकता है।
पीलिंग जैल में मौजूद केमिकल की वजह से आपकी त्वचा साफ दिखाई देती है। माना जाता है कि ये पीलिंग जैल स्किन को क्लीन करने के साथ उसे पॉलिशिंग का काम भी करते हैं ताकि आपकी त्वचा दमकी हुई लगे। लेकिन डॉक्टरों की मानें तो ऐसे पीलिंग जैल लगाने से त्वचा ओवर सेंसिटिव हो जाती हैं।
माइक्रो-नीडलिंग में चेहरे पर सूईयों का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे स्किन को सांस लेने में आसानी होती है। इस प्रोसेस में माइक्रो-नीडल्स से भरा एक डर्मा रोलर का इस्तेमाल करके स्किन के टेक्सचर और पिग्मेंटेशन को ठीक किया जाता है। डर्मा रोलर एक पेंटब्रश की तरह होता है, जिसमें ब्रिसल्स की जगह सूईयां लगी होती हैं। ये रोलर आपकी स्किन पर चुभन के साथ आपकी स्किन की क्वालिटी बेहतर करता है। लेकिन आपको बता दें कि इस पूरी प्रकिया में कई बार त्वचा पर कई बार घाव भी हो जाते हैं और खून निकल आता है।