Captain America Explained: दुबला-पतला स्टीव रोजर्स कैसे बना कैप्टन अमेरिका, क्यों फाल्कन को सौंपी अपनी शील्ड
अमेरिकी सुपरहीरो कैप्टन अमेरिका 'द मार्वल्स' के पहले अवेंजर कहे जाते हैं। 14 फरवरी को कैप्टन अमेरिका का नया भाग ‘कैप्टन अमेरिका- ब्रेव न्यू वर्ल्ड’ सिनेमाघरों में रिलीज होने वाला है। हालांकि इस बार एक्टर क्रिस इवांस कैप्टन अमेरिका के रूप में नजर नहीं आएंगे। उनकी जगह एंथनी मैकी लीड रोल में होंगे। आज जानेंगे कैप्टन अमेरिका की पूरी कहानी…
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मार्वल कॉमिक्स और एमसीयू के लोकप्रिय सुपरहीरो कैप्टन अमेरिका पर आधारित फिल्म का नया पार्ट ‘कैप्टन अमेरिका- ब्रेव न्यू वर्ल्ड’ 14 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रहा है। एमसीयू ने अभी तक कैप्टन अमेरिका पर आधारित 7 भाग रिलीज किए हैं। आज यहां जानेंगे स्टीव रोजर्स से कैप्टन अमेरिका बने इस सुपरहीरो के बारे में। सभी सुपरहीरोज में कैप्टन अमेरिका को क्यों जाता है सबसे ताकतवर, आइए जानते हैं आज कैप्टन अमेरिका की पूरी कहानी…
स्टीव रोजर्स कैसे बना कैप्टन अमेरिका?
1940 में स्टीव रोजर्स एक कमजोर और छोटे कद का इंसान रहता है, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कमजोर शरीर के कारण सेना ने अस्वीकार कर दिया था। हालांकि, स्टीव रोजर्स के अंदर एक असाधारण साहस और देशभक्ति की भावना थी। वह अपने दोस्त बकी के साथ सेना में शामिल होना चाहता था, पर हो नहीं पा रहा था। फिर वह डॉक्टर अब्राहम एरिस्किन के एक एक्सपेरिमेंट का हिस्सा बनता है, जिसमें उसे सुपर सोल्जर सीरम नामक एक नए प्रकार का सुपर-स्टेरॉयड दिया जाता है। इस एक्सपेरिमेंट के बाद स्टीव की मांसपेशियां मजबूत हो जाती हैं और शरीर लंबा-चौड़ा हो जाता है। स्टीव रोजर्स कैप्टन अमेरिकी बनने की इस कहानी को एमसीयू की 2011 में आए पहले भाग ‘कैप्टन अमेरिका: द फर्स्ट एवेंजर’ में बताया गया है।
70 सालों तक दबा रहा बर्फ के अंदर
कैप्टन अमेरिका बनने के बाद स्टीव रोजर्स को पता चलता है कि उसके दोस्त बकी बार्न्स और अन्य लोगों को हाइड्रा द्वारा पकड़ लिया गया है, तो वह उन्हें बचाने निकल पड़ता है। वहां उसका सामना रेड स्कल से होता है, जिसका प्लेन न्यूयार्क शहर को तबाह करने का था। लेकिन स्टीव ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए प्लेन को आर्कटिक सागर में गिरा दिया। लोगों को लगा कैप्टन अमेरिकी अब नहीं रहा, लेकिन वह 70 सालों तक बर्फ में धंसा रहा, फिर 21वीं सदी में वह वापस लौटा।
‘अवेंजर्स’ में कैप्टन अमेरिका का योगदान
मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स ने पहली बार सभी सुपरहीरोज को एक साथ लाने का काम 2012 में ‘अवेंजर्स’ फिल्म से किया। इस फिल्म में कैप्टन अमेरिका को बर्फ से जिंदा बाहर निकाला जाता है। 70 साल तक बर्फ में दबे रहने के बाद उन्हें दुनिया को समझने का मौका दिया जाता है। निक फ्यूरी द्वारा शील्ड संगठन के जरिए स्टीव को दोबारा सक्रिय किया जाता है। उन्होंने एवेंजर्स टीम को नेतृत्व करने की भूमिका निभाई। न्यूयॉर्क की लड़ाई के दौरान स्टीव ने टीम को संगठित करने का काम किया था। 2018 में आई ‘अवेंजर्स- इनफिनिटी वॉर’ में स्टीव ने ब्लैक पैंथर के साथ मिलकर थानोस से युद्ध लड़ा। 2019 में आई एवेंजर्स- इंडगेम में पूरी टीम को एकजुट करने में मदद की और थानोस को हराया।
एमसीयू वर्ल्ड में क्यों बदला कैप्टन अमेरिका?
एवेंजर्स एंडगेम में थानोस को हराने के बाद इनफिनिटी स्टोंस को उनके सही स्थानों पर रखना था, इस कारणवश स्टीव को टाइम ट्रैवल में जाना पड़ा। जहां से फिर वापस आने के बजाय स्टीव ने अतीत में जाना चुना, जहां वह 1940 में अपने प्रेमिका के साथ समय बिताते हैं। जब 2023 में स्टीव लौटता है, तो वह बूढ़ा हो जाता है। इस वजह से वह अपनी जिम्मेदारी और शील्ड सैम विल्सन (फाल्कन) को सौंप देता है। 14 फरवरी 2025 को सिनेमाघरों में नए कैप्टन अमेरिका का आगमन होगा। जिस फिल्म का नाम ‘कैप्टन अमेरिकी- ब्रेव न्यू वर्ल्ड’, इसमें फाल्कन (एंथनी मैकी) ही अब कैप्टन अमेरिका के नए अवतार में नजर आएंगे। फाल्कन के पास कैप्टन अमेरिका की शील्ड के साथ एक पंखों वाला नया सूट भी होगा।