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‘अलादीन- नाम तो सुना होगा’ को लेकर चर्चा में सिद्धार्थ और अवनीत कौर, बताई दिल की बात
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 17 Sep 2018 03:34 PM IST
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सोनी सब के ‘अलादीन- नाम तो सुना होगा’ के प्रमुख कलाकार सिद्धार्थ निगम (अलादीन) और अवनीत कौर (यास्मीन), बीते दिनों को देश की राजधानी दिल्ली पहुंचने हैं। ‘अलादीन-नाम तो सुना होगा’ अलादीन की एक पारंपरिक कहानी पर आधारित है, जिसमें कंटेम्पररी ट्विस्ट है। सारे कलाकार अपने किरदारों में डूबे नजर आ रहे हैं।
ड्रामा, फेंटेसी और भव्यता से भरपूर ‘अलादीन- नाम तो सुना होगा’ एक ऐसा शो है, जोकि निश्चित रूप से सोनी सब के खुशियां देने के वादे को पूरा कर रहा है। इस शो में प्रमुख किरदार जैसे दुष्ट वज़ीर (आमिर दल्वी), स्वार्थी चाचा (बदरूल इस्लाम) और चाची (गुलफ़ाम खान), यास्मीन के माता-पिता सुल्तान शहनवाज़ (ज्ञान प्रकाश) और सुल्ताना (याशू धीमन) और जिनी (राशूल टंडन) को भी दिखाया गया है।
हाल ही में हमने देखा कि अलादीन ने वह जादुई चिराग ज़फर को देने का फैसला किया और वापस लौटने के दौरान ‘काला चोर’ के रूप में उसकी मुलाकात यास्मीन से होती है। जब वह ज़फर तक पहुंचता है तो उसे लगता है कि यास्मीन से मिलने के दौरान उसके थैले में रखा चिराग उससे बदल गया है। क्या ज़ाफर को अलादीन पर भरोसा होगा? क्या अलादीन, ज़फर के गुस्से से बच पायेगा?
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शहर आने के बारे में अपनी बात रखते हुए, इस शो में अलादीन की भूमिका निभा रहे, सिद्धार्थ निगम ने कहा, ‘‘मेरा जन्म और परवरिश यूपी में हुई। इस राज्य से आने वाला हर शख्स दिल्ली जरूर आता है। हम अपने स्कूल की छुट्टियों में इस शहर में आया करते थे और कलाकार के तौर पर दोबारा आने पर खास होने का अहसास हो रहा है। अपने फैन्स से मिलने का अब और इंतजार नहीं कर सकता और थोड़ा समय निकालकर ‘पराठे वाली गली’ जाने का इंतजार है।’’
इस शो में यास्मीन का किरदार निभा रहीं, अवनीत कौर का कहना है, ‘‘अपने शोज के लिये कभी दिल्ली आना नहीं हुआ। मुझे यह मौका देने के लिये, मैं सोनी सब और ‘अलादीन’ की शुक्रगुजार हूं। यहां मेरे काफी सारे फैन्स हैं और इससे हमारा यहां आना और भी रोचक हो जायेगा। यदि हमें अपने कार्यक्रम में से समय मिला तो मैं छोले कुल्चे और मोमोज खाऊंगी। साथ ही इंडिया गेट भी घूमने जाऊंगी।’’
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ड्रामा, फेंटेसी और भव्यता से भरपूर ‘अलादीन- नाम तो सुना होगा’ एक ऐसा शो है, जोकि निश्चित रूप से सोनी सब के खुशियां देने के वादे को पूरा कर रहा है। इस शो में प्रमुख किरदार जैसे दुष्ट वज़ीर (आमिर दल्वी), स्वार्थी चाचा (बदरूल इस्लाम) और चाची (गुलफ़ाम खान), यास्मीन के माता-पिता सुल्तान शहनवाज़ (ज्ञान प्रकाश) और सुल्ताना (याशू धीमन) और जिनी (राशूल टंडन) को भी दिखाया गया है।
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हाल ही में हमने देखा कि अलादीन ने वह जादुई चिराग ज़फर को देने का फैसला किया और वापस लौटने के दौरान ‘काला चोर’ के रूप में उसकी मुलाकात यास्मीन से होती है। जब वह ज़फर तक पहुंचता है तो उसे लगता है कि यास्मीन से मिलने के दौरान उसके थैले में रखा चिराग उससे बदल गया है। क्या ज़ाफर को अलादीन पर भरोसा होगा? क्या अलादीन, ज़फर के गुस्से से बच पायेगा?
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शहर आने के बारे में अपनी बात रखते हुए, इस शो में अलादीन की भूमिका निभा रहे, सिद्धार्थ निगम ने कहा, ‘‘मेरा जन्म और परवरिश यूपी में हुई। इस राज्य से आने वाला हर शख्स दिल्ली जरूर आता है। हम अपने स्कूल की छुट्टियों में इस शहर में आया करते थे और कलाकार के तौर पर दोबारा आने पर खास होने का अहसास हो रहा है। अपने फैन्स से मिलने का अब और इंतजार नहीं कर सकता और थोड़ा समय निकालकर ‘पराठे वाली गली’ जाने का इंतजार है।’’
इस शो में यास्मीन का किरदार निभा रहीं, अवनीत कौर का कहना है, ‘‘अपने शोज के लिये कभी दिल्ली आना नहीं हुआ। मुझे यह मौका देने के लिये, मैं सोनी सब और ‘अलादीन’ की शुक्रगुजार हूं। यहां मेरे काफी सारे फैन्स हैं और इससे हमारा यहां आना और भी रोचक हो जायेगा। यदि हमें अपने कार्यक्रम में से समय मिला तो मैं छोले कुल्चे और मोमोज खाऊंगी। साथ ही इंडिया गेट भी घूमने जाऊंगी।’’