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KBC 11: सुधा मूर्ति ने साझा की सफलता की कहानी, सुनकर अमिताभ भी हुए प्रभावित
Sun, 01 Dec 2019 06:52 AM IST
Mishra Mishra
एंटरटेंमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेंमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mishra Mishra
Updated Sun, 01 Dec 2019 06:52 AM IST
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kbc 11
- फोटो : sony
अमिताभ बच्चन के मशहूर शो 'कौन बनेगा करोड़पति' सीजन 11 का आखिरी एपिसोड शुक्रवार को प्रसारित हुआ। अमिताभ का खास अंदाज इस बार भी शो की टीआरपी बढ़ाने में कामयाब रहा। आखिरी एपिसोड में कर्मवीर प्रतियोगी के रूप में इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन सुधा मूर्ति ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी के कई किस्से शेयर किए।
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सुधा ने शो में वो किस्सा बताया जब उन्होंने अपने पति को कंपनी खोलने के लिए बचाए हुए दस हजार रुपये दे दिए। सुधा ने बताया कि उनकी मां ने कहा था कि अपने पति को बिना बताए पैसे बचाने चाहिए ताकि मुश्किल समय में ये काम आ सके। सुधा ने कहा कि जब मेरे पति ने मुझसे कंपनी खोलने के लिए पैसे मांगे तो मैंने बचाए हुए दस हजार रुपये उन्हें दे दिए।
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सुधा ने एक और किस्सा शेयर करते हुए बताया कि साल 1976 में वो एमटेक फाइनल ईयर में थीं, तब उन्हें अमेरिका जाने के लिए स्कॉलरशिप मिली थी। उसी दौरान टेल्को में भी भर्ती निकली थी जिसमें सिर्फ पुरुष ही आवेदन कर सकते थे। इसके बाद सुधा ने जेआरडी टाटा को उनके मुंबई पते पर एक पत्र लिखा। उन्हें इंटरव्यू के बाद ये जॉब मिल गई लेकिन एक दिन उन्होंने अचानक नौकरी छोड़ने का निर्णय कर लिया। इस बात से टाटा भी काफी हैरान रह गए थे। जब सुधा ने जॉब छोड़ने की वजह बताते हुए कहा कि वे अपने पति के साथ इंफोसिस बनाने जा रही हैं तो जेआरडी टाटा ने उनसे कहा- जब तुम अमीर हो जाना तो तुम समाज के लिए कुछ अच्छा करना। सुधा मूर्ति ने खुद को एक कम खर्चीली पत्नी बताते हुए सोशल वर्क में आनंद लेने वाली महिला बताया।
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सुधा मूर्ति में बताया कि वो फिल्म देखने की बेहद शौकीन हैं। वो फिल्म में निर्देशन और एडिटिंग को भी बारीकी से देखती हैं। उन्होंने साल के 365 दिनों में 365 फिल्में देखी हैं।
सुधा मूर्ति ने करीब 33 किताबें लिखी हैं और इंफोसिस फाउंडेशन के जरिए 60 हजार लाइब्रेरी की स्थापना की है। साथ ही स्कूलों का निर्माण भी करवाया है। सुधा मूर्ति जब शो में पहुंचीं तो अमिताभ बच्चन ने खुद उनके पैर छुए। सुधा शो में 25 लाख रुपये जीतने में कामयाब रहीं।
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