{"_id":"3212fa80-a435-11e2-93d9-d4ae52bc57c2","slug":"any-body-can-dance-any-age-raghav-juyal","type":"story","status":"publish","title_hn":"डांस सीखने की कोई उम्र नहीं होतीः राघव जुयाल ","category":{"title":"Television","title_hn":"छोटा पर्दा","slug":"television"}}
डांस सीखने की कोई उम्र नहीं होतीः राघव जुयाल
वेद विलास उनियाल
Updated Sat, 13 Apr 2013 05:55 PM IST
विज्ञापन
स्लो मोशन किंग के नाम से चर्चित राघव जुयाल का कहना है कि डांस अंदर से निकलता है। यह ऐसी अभिव्यक्ति है, जो हर व्यक्ति के जरिए हो सकती है। 'डीआयडी सीजन 3' में उन्होंने अपना स्लो मोशन नृत्य क्या किया, सब उनके दिवाने हो गए।
विज्ञापन
फराह खान ने तो वंडर आफ वंडर कह दिया। लेकिन उनका कहना है उन्हें प्रकृति से बहुत प्यार है, इसीलिए बादलों, चांदनी रातों, झरते पत्ते और बरसती बूंदों से भी उन्होंने नृत्य सीखा है।बेशक विधिवत नृत्य न सीखा हो, पर आज वह युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय है।
विज्ञापन
दुनिया तो हर तरफ भागती हुई दिख रही है, फिर आपका यह स्लो मोशन कैसे?
यही तो मुझे करना है। मुझे अपनी जिंदगी अपनी तरह से जीनी है। नृत्य भी मेरा अपना है। उसमें खुशी और उदासी देखता हूं। हर थीम की अपनी अभिव्यक्ति है। स्लो मोशन को लोग अलग तरह से देख रहे हैं, यही अच्छा लगता है। मेरी धारणा यही है सब भाग रहे हैं, पर थोड़ा रुककर, ठहकर दुनिया देखो। हां रुको नहीं। मेरा नृत्य भी कहीं रुकता नहीं, रेंगता है। पर उसमें कला है।
विज्ञापन
आप मम्मियों को भी नृत्य सिखाना चाहते हैं। क्या सिखाएंगे उन्हें।
सिखाएंगे नहीं, बल्कि उनकी क्षमता और रुचि पर ही उन्हें उनके अनुकूल स्टैप बताएंगे। बहुत जरूरी है यह। हम उनसे यही कहेंगे आप थोड़ा खुलिए। घर से बाहर आइए। पूरा दिन दूसरों को संवारने में ही न लगाइए। जी का डांस इंडिया डांस अब सुपर मॉम्स लेकर आ रहा है। जहां मम्मियां डांस करती नजर आएंगे।
मेरी कोशिश होगी कि मैं उन्हें उनके अऩुकूल अच्छे स्टेप सिखा सकूं। साथ ही यह भी बता सकूं कि उन्हें किस तरह का नृत्य करना चाहिए। एक्सप्रेशन का बड़ा महत्व है। हम उनसे कहेंगे कि आपके अंदर जो फीलिंग है, उसे दिल से कीजिए। कोई भी किसी उम्र में डांस सीख सकता है इसकी कोई उम्र नहीं होती।
नृत्य में आपका आदर्श कौन हैं?
निश्चित रूप से माइकल जैक्सन। बहुत गंभीरता से देखा है उनके नृत्यों को। भारत में प्रभु देवा से प्रभावित हूं। फिल्मों में रितिक रोशन और गोविंदा वास्तव में नृत्य करते हैं।
माधुरी दीक्षित के बाद उन जैसी नृत्य करने वाली अभिनेत्री अभी नहीं दिखी। पहले अभिनेत्रियों में नृत्य कौशल में भाव भंगिमा नजर आती थी। उनकी आंखें बोलती थी। पर अब उसकी जगह ग्लैमर ने ले ली है।
आप नृत्य में किससे प्रेरित हुए है?
मैं प्रकृति के बहुत करीब रहा हूं। मुझे तो यह प्रकृति ही नृत्य करती नजर आई। पढ़ाई को लेकर घर पर डांट खाता था। पर मेरा मन हमेशा कुछ क्रिएटिव करने के लिए रहता था। फुटबाल भी खेलता रहा, म्यूजिक भी सुना। पर मुझे लगा कि डांस में ही आनंद है। डांस में मन का संतोष है।
डांस का आपके लिए क्या मायने है?
डांस अंदर से आता है। वैसे डांस सिखाने सीखने के लिए आज कई माध्यम है, पर सच यही है कि अंदर से कोई आवाज आती है, मन के साथ शरीर भी थिरकने लगता है, अंग अंग नाचने लगता है।
फिल्म में आ रहे हैं क्या?
जरूर रमेश सिप्पी की एक फिल्म में मैं नजर आऊंगा। अभी इस बारे में कुछ कहने से इंकार किया है।
आप सेलिब्रिटी हो गए हैं। आगे क्या करना चाहते हैं?
मैं नहीं कह सकता कि मैं क्या हो गया हूं। पर इतना कहूंगा कि भारत में लोग बहुत जल्दी किसी को स्टार बना देते हैं। यह खुद उस व्यक्ति के लिए ठीक नहीं होता। इससे सीखने का समय निकल जाता है।
स्टारडम की अपनी दूसरी तरह की कीमत होती है, वह उनमें उलझ जाता है। मैं ऐसा स्टार नहीं बनना चाहता। मैं तो ब इन्जाय करना चाहता हूं, दूसरों को भी खुश रखना चाहता हूं। हां इस बहाने लोग मुझे पहचानने भी लगें तो क्या हर्ज है।