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दुखद: मशहूर यक्षगान गायक बलिपा नारायण भागवत का निधन, 84 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

Thu, 16 Feb 2023 11:58 PM IST
मोहम्मद फायक अंसारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: मोहम्मद फायक अंसारी Updated Thu, 16 Feb 2023 11:58 PM IST
सार

बलिपा नारायण भागवत का जन्म 19 मार्च, 1938 को केरल के कासरगोड के पद्रे गांव में हुआ था। बाद में उनका परिवार मारुरु में शिफ्ट हो गया। वह यक्षगान कलाकारों के परिवार से थे। 

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Veteran Yakshagana playback singer and scriptwriter Balipa Narayana Bhagavatha passed away at his residence
बलिपा नारायण भागवत - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मशहूर यक्षगान गायक और पटकथा लेखक बलिपा नारायण भागवत का गुरुवार को कर्नाटक के उनके आवास पर निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों ने उनके निधन की जानकारी दी। अपने पीछे वह तीन पुत्र माधव, शशिधर और शिवशंकर छोड़ गए हैं। तीनों ही यक्षगान पार्श्व गायक हैं। बता दें कि उनकी पत्नी जयलक्ष्मी की मृत्यु उनसे पहले हो गई थी।
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भागवत की फैन फॉलोइंग बड़ी संख्या में थी। अपने गायन की एक अनूठी शैली में उन्होंने महारत हासिल की थी, जिसकी वजह से प्रशंसकों ने इसे 'बालिपा शैली' का नाम दिया था। यह अन्य गायकों की तुलना में काफी अलग थी। शानदार आवाज के धनी भागवत ने 30 से अधिक यक्षगान 'प्रसंग' (लिपियाँ) लिखी हैं।
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बता दें कि उनका जन्म 19 मार्च, 1938 को केरल के कासरगोड के पद्रे गांव में हुआ था। बाद में उनका परिवार मारुरु में शिफ्ट हो गया। वह यक्षगान कलाकारों के परिवार से थे। उन्होंने कतील दुर्गापरमेश्वरी यक्षगान मेले में कई वर्षों तक एक कलाकार के रूप में काम किया था। इसके अलावा उन्होंने यक्षगान के कई प्रसंगों और गीतों की रचना की थी।
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भागवत ने 60 से अधिक वर्षों तक यक्षगान कला की सेवा की। उन्होंने सबसे पहले पद्रे जटादारी मेला की शुरुआत की। वे यक्षगान के 50 से अधिक प्रसंगों को जानते थे, जिनमें से 30 प्रकाशित हो चुके थे। कला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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