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एसएस राजामौली: डांट से बचने के लिए सिनेमा में आए, फिल्मों ने रचा इतिहास; ऐसे राजामौली बने सबसे मंहगे निर्देशक
Sat, 10 Oct 2026 08:30 AM IST
संदेश मेहरा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: संदेश मेहरा
Updated Sat, 10 Oct 2026 08:30 AM IST
सार
SS Rajamouli Birthday: 'बाहुबली', 'आरआरआर', 'मगधीरा' और 'मक्खी' जैसी आइकॉनिक फिल्में देने वाले एसएस राजामौली आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनके बर्थडे पर जानिए उनकी बड़ी फिल्मों और उन फिल्मों के पीछे की कहानी के बारे में।
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एस एस राजामौली
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ऐसा बहुत कम ही होता है कि लोग फिल्मों के निर्देशक को याद रखें। लेकिन एसएस राजामौली ने सिनेमा जगत में कुछ ऐसी फिल्में और कहानियां दी हैं कि हर मूवी लवर उन्हें जानता है और उनकी कला की सराहना करता है। राजामौली के जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनकी कुछ शानदार फिल्में और उनकी मेकिंग के बारे में।
डांट से बचने के लिए करते थे काम
एसएस राजामौली भारतीय सिनेमा के मशहूर फिल्म निर्देशक और स्क्रीनराइटर हैं। उनका पूरा नाम कोडुरी श्रीशैला श्री राजामौली है। उनका जन्म 10 अक्टूबर 1973 को हुआ था। उनके पिता वी. विजेन्द्र प्रसाद साउथ इंडस्ट्री के जाने-माने स्क्रीन राइटर और डायरेक्टर हैं। एसएस राजामौली ने 1990 के दशक के मध्य में फिल्मी दुनिया में अपने करियर की शुरुआत की थी।
एक इंटरव्यू में राजामौली ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया था, 'जब मैं 20 साल की उम्र के आसपास था, तब मुझे यह भी नहीं पता था कि मुझे अपने भविष्य की योजना कैसे बनानी है। मेरे पिता मुझे कुछ न करने के लिए लगातार डांटते रहते थे। उनसे बचने के लिए मैंने फिल्मों में काम करना शुरू किया था। धीरे-धीरे मुझे निर्देशन से प्यार हो गया।'
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डांट से बचने के लिए करते थे काम
एसएस राजामौली भारतीय सिनेमा के मशहूर फिल्म निर्देशक और स्क्रीनराइटर हैं। उनका पूरा नाम कोडुरी श्रीशैला श्री राजामौली है। उनका जन्म 10 अक्टूबर 1973 को हुआ था। उनके पिता वी. विजेन्द्र प्रसाद साउथ इंडस्ट्री के जाने-माने स्क्रीन राइटर और डायरेक्टर हैं। एसएस राजामौली ने 1990 के दशक के मध्य में फिल्मी दुनिया में अपने करियर की शुरुआत की थी।
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एक इंटरव्यू में राजामौली ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया था, 'जब मैं 20 साल की उम्र के आसपास था, तब मुझे यह भी नहीं पता था कि मुझे अपने भविष्य की योजना कैसे बनानी है। मेरे पिता मुझे कुछ न करने के लिए लगातार डांटते रहते थे। उनसे बचने के लिए मैंने फिल्मों में काम करना शुरू किया था। धीरे-धीरे मुझे निर्देशन से प्यार हो गया।'
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एस एस राजामौली
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पहले बनने वाले थे राइटर
राजामौली ने 6 साल तक अपने पिता के साथ रहकर काम सीखा। पिता की तरह राइटर बनने की चाह में उन्होंने कई स्क्रिप्ट्स भी लिखी, लेकिन निर्देशकों से उन्हें अपनी लेखनी के लिए निराशा हाथ लगी।
इसके बाद उन्होंने खुद निर्देशक बनने का सोचा और हैदराबाद निकल आए। चेन्नई में उन्होंने अपने रिश्तेदार के साथ फिल्ममेकिंग सीखी। काम सीखने के बाद राजामौली ने कुछ विज्ञापन और टीवी शोज का भी निर्देशन किया।
राजामौली ने 6 साल तक अपने पिता के साथ रहकर काम सीखा। पिता की तरह राइटर बनने की चाह में उन्होंने कई स्क्रिप्ट्स भी लिखी, लेकिन निर्देशकों से उन्हें अपनी लेखनी के लिए निराशा हाथ लगी।
इसके बाद उन्होंने खुद निर्देशक बनने का सोचा और हैदराबाद निकल आए। चेन्नई में उन्होंने अपने रिश्तेदार के साथ फिल्ममेकिंग सीखी। काम सीखने के बाद राजामौली ने कुछ विज्ञापन और टीवी शोज का भी निर्देशन किया।
एस एस राजामौली की फिल्में
- फोटो : सोशल मीडिया
ऐसे बने भारत के सबसे मंहगे निर्देशक
जब एसएस राजामौली फिल्म लाइन में उतरे तो वहां भी उन्होंने धूम मचा दी। वह मुख्य रूप से तेलुगु सिनेमा में काम करते हैं। राजामौली ने अपने करियर की शुरुआत 'स्टूडेंट नंबर 1' (2001) से की। इसके बाद जूनियर एनटीआर के साथ 'सिम्हाद्रि' (2003) फिल्म का निर्देशन किया।
लेकिन 2009 में आई रामचरण और काजल अग्रवाल की फिल्म 'मगधीरा' ने एसएस राजामौली की अलग पहचान बना दी। इस फिल्म की अलग कहानी और प्रेजेंटेशन के लिए उन्हें काफी सराहना मिली।
साल 2009 में रिलीज हुई राजामौली की फैंटेसी एक्शन फिल्म 'मगधीरा' उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्म बनी थी।
इसके बाद साल 2012 में आई फिल्म 'ईगा' (मक्खी) ने भी अपनी अनोखी कहानी और प्रस्तुति से दर्शकों का ध्यान खींचा। इस फिल्म ने टोरंटो आफ्टर डार्क फिल्म फेस्टिवल में नौ पुरस्कार जीते, जिनमें सबसे मौलिक फिल्म का पुरस्कार भी शामिल था।
राजामौली अपनी भव्य फिल्मों, शानदार एक्शन, दमदार कहानियों और फैंटेसी की दुनिया को बड़े पर्दे पर दिखाने के लिए जाने जाते हैं। वह भारतीय सिनेमा के सबसे सफल और सबसे ज्यादा फीस लेने वाले निर्देशकों में से एक हैं।
जब एसएस राजामौली फिल्म लाइन में उतरे तो वहां भी उन्होंने धूम मचा दी। वह मुख्य रूप से तेलुगु सिनेमा में काम करते हैं। राजामौली ने अपने करियर की शुरुआत 'स्टूडेंट नंबर 1' (2001) से की। इसके बाद जूनियर एनटीआर के साथ 'सिम्हाद्रि' (2003) फिल्म का निर्देशन किया।
लेकिन 2009 में आई रामचरण और काजल अग्रवाल की फिल्म 'मगधीरा' ने एसएस राजामौली की अलग पहचान बना दी। इस फिल्म की अलग कहानी और प्रेजेंटेशन के लिए उन्हें काफी सराहना मिली।
साल 2009 में रिलीज हुई राजामौली की फैंटेसी एक्शन फिल्म 'मगधीरा' उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्म बनी थी।
इसके बाद साल 2012 में आई फिल्म 'ईगा' (मक्खी) ने भी अपनी अनोखी कहानी और प्रस्तुति से दर्शकों का ध्यान खींचा। इस फिल्म ने टोरंटो आफ्टर डार्क फिल्म फेस्टिवल में नौ पुरस्कार जीते, जिनमें सबसे मौलिक फिल्म का पुरस्कार भी शामिल था।
राजामौली अपनी भव्य फिल्मों, शानदार एक्शन, दमदार कहानियों और फैंटेसी की दुनिया को बड़े पर्दे पर दिखाने के लिए जाने जाते हैं। वह भारतीय सिनेमा के सबसे सफल और सबसे ज्यादा फीस लेने वाले निर्देशकों में से एक हैं।
फिल्म 'बाहुबली' के निर्देशक एसएस राजामौली
- फोटो : सोशल मीडिया
बड़ा बजट और रिकॉर्ड तोड़ कमाई
राजामौली ने अब तक 12 फीचर फिल्मों का निर्देशन किया है और उनकी सभी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर सफलता मिली है। उनकी तीन फिल्में 'बाहुबली: द बिगिनिंग' (2015), 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' (2017) और 'आरआरआर' (2022) भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हैं।
इन फिल्मों का बजट भी अपने समय में भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े फिल्म बजट में गिना गया।
राजामौली ने अब तक 12 फीचर फिल्मों का निर्देशन किया है और उनकी सभी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर सफलता मिली है। उनकी तीन फिल्में 'बाहुबली: द बिगिनिंग' (2015), 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' (2017) और 'आरआरआर' (2022) भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हैं।
इन फिल्मों का बजट भी अपने समय में भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े फिल्म बजट में गिना गया।
फिल्म 'बाहुबली 2'
- फोटो : इंस्टाग्राम @actorprabhas
'बाहुबली 2' ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास
राजामौली की फिल्म 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' ने भारतीय सिनेमा में कमाई के कई रिकॉर्ड बनाए। यह 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी थी और इसने उस समय सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म का रिकॉर्ड भी बनाया था।
फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला। इसके लिए 10 करोड़ से ज्यादा टिकट बिके थे। साल 1975 में आई फिल्म 'शोले' के बाद भारत में किसी फिल्म के लिए इतनी बड़ी संख्या में टिकट बिकना एक बड़ी उपलब्धि थी।
राजामौली की 'बाहुबली' फ्रेंचाइजी को भी इंटरनेशनल लेवल पर पहचान मिली। इन फिल्मों को 6 सैटर्न अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेशन मिला, जबकि 'बाहुबली 2' ने सर्वश्रेष्ठ इंटरनेशनल फिल्म का पुरस्कार जीता।
राजामौली की फिल्म 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' ने भारतीय सिनेमा में कमाई के कई रिकॉर्ड बनाए। यह 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी थी और इसने उस समय सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म का रिकॉर्ड भी बनाया था।
फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला। इसके लिए 10 करोड़ से ज्यादा टिकट बिके थे। साल 1975 में आई फिल्म 'शोले' के बाद भारत में किसी फिल्म के लिए इतनी बड़ी संख्या में टिकट बिकना एक बड़ी उपलब्धि थी।
राजामौली की 'बाहुबली' फ्रेंचाइजी को भी इंटरनेशनल लेवल पर पहचान मिली। इन फिल्मों को 6 सैटर्न अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेशन मिला, जबकि 'बाहुबली 2' ने सर्वश्रेष्ठ इंटरनेशनल फिल्म का पुरस्कार जीता।
आरआरआर
- फोटो : एक्स
'आरआरआर' के गाने 'नाटू नाटू' ने दिलाया ऑस्कर
साल 2022 में रिलीज हुई फिल्म 'आरआरआर' ने राजामौली को इंटरनेशनल लेवल पर और बड़ी पहचान दिलाई। फिल्म के गाने 'नाटू नाटू' ने ऑस्कर और गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया। इसके अलावा फिल्म को कई इंटरनेशनल पुरस्कार और सम्मान भी मिले। 'आरआरआर' को क्रिटिक्स चॉइस मूवी अवॉर्ड में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्म का पुरस्कार भी मिला।
राजामौली को अपने करियर में कई नेशनल और इंटरनेशनल अवॉर्ड मिल चुके हैं। इनमें न्यूयॉर्क फिल्म क्रिटिक्स सर्कल अवॉर्ड, क्रिटिक्स चॉइस मूवी अवॉर्ड, दो सैटर्न अवॉर्ड, चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, पांच नंदी पुरस्कार और पांच फिल्मफेयर पुरस्कार शामिल हैं। साल 2016 में भारतीय सरकार ने कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था।
साल 2022 में रिलीज हुई फिल्म 'आरआरआर' ने राजामौली को इंटरनेशनल लेवल पर और बड़ी पहचान दिलाई। फिल्म के गाने 'नाटू नाटू' ने ऑस्कर और गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया। इसके अलावा फिल्म को कई इंटरनेशनल पुरस्कार और सम्मान भी मिले। 'आरआरआर' को क्रिटिक्स चॉइस मूवी अवॉर्ड में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्म का पुरस्कार भी मिला।
राजामौली को अपने करियर में कई नेशनल और इंटरनेशनल अवॉर्ड मिल चुके हैं। इनमें न्यूयॉर्क फिल्म क्रिटिक्स सर्कल अवॉर्ड, क्रिटिक्स चॉइस मूवी अवॉर्ड, दो सैटर्न अवॉर्ड, चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, पांच नंदी पुरस्कार और पांच फिल्मफेयर पुरस्कार शामिल हैं। साल 2016 में भारतीय सरकार ने कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था।
वाराणसी फिल्म
- फोटो : सोशल मीडिया
अगले साल रिलीज होगी राजामौली की बड़ी फिल्म
एसएस राजामौली फिल्म वाराणसी का निर्देशन कर रहे हैं। 'वाराणसी' में महेश बाबू, पृथ्वीराज और प्रियंका चोपड़ा प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म माइथोलॉजी और भारतीय लोककथाओं को टाइम ट्रैवल जैसे साइंस-फिक्शन एलिमेंट्स के साथ मिलाकर एक ग्लोबल एडवेंचर बनाती है।
फिल्म के एक सीक्वेंस में महेश बाबू भगवान राम के किरदार में भी नजर आएंगे। यह पूरा सीक्वंस रामायण पर आधारित होगा। फिल्म को बड़े स्केल पर बनाया जा रहा है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म को 1300 करोड़ के बजट में बनाया जा रहा है।
इसके कुछ फोटोज और वीडियोज भी मेकर्स ने शेयर किए हैं, जिसके बाद फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ गई है। फैंस एक बार फिर राजामौली की बाहुबली और आरआरआर जैसी या उनसे भी बड़ी फिल्म होने की उम्मीद कर रहे हैं। यह फिल्म अप्रैल 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
ये भी पढ़ें- नाना पाटेकर: फोटोग्राफर्स की इस मांग पर मुनव्वर ने किया इनकार, अभिनेता को दे रहे थे श्रद्धांजलि; देखें वीडियो
एसएस राजामौली फिल्म वाराणसी का निर्देशन कर रहे हैं। 'वाराणसी' में महेश बाबू, पृथ्वीराज और प्रियंका चोपड़ा प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म माइथोलॉजी और भारतीय लोककथाओं को टाइम ट्रैवल जैसे साइंस-फिक्शन एलिमेंट्स के साथ मिलाकर एक ग्लोबल एडवेंचर बनाती है।
फिल्म के एक सीक्वेंस में महेश बाबू भगवान राम के किरदार में भी नजर आएंगे। यह पूरा सीक्वंस रामायण पर आधारित होगा। फिल्म को बड़े स्केल पर बनाया जा रहा है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म को 1300 करोड़ के बजट में बनाया जा रहा है।
इसके कुछ फोटोज और वीडियोज भी मेकर्स ने शेयर किए हैं, जिसके बाद फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ गई है। फैंस एक बार फिर राजामौली की बाहुबली और आरआरआर जैसी या उनसे भी बड़ी फिल्म होने की उम्मीद कर रहे हैं। यह फिल्म अप्रैल 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
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