थम नहीं रहा ‘जन नायकन’ का विवाद, सेंसर से लेकर कोर्ट तक काटे चक्कर; जानें क्यों टली थलापति विजय की आखिरी फिल्म
Film Jana Nayagan Controversy Explainer: विजय थलापति की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज में कई मुश्किल आईं, आखिरी में मेकर्स ने इसके रिलीज काे टालने की बात फैंस के साथ शेयर की। आखिरी, किन कारणों से रिलीज नहीं हुई ‘जन नायकन’? क्यों सेंसर से लेकर कोर्ट तक के चक्कर काटने के बावजूद फिल्म को हरी झड़ी नहीं मिली?
विस्तार
कल यानी 9 जनवरी को तमिल अभिनेता विजय थलापति की फिल्म ‘जन नायकन’ रिलीज होने थी लेकिन अब इसकी रिलीज टल गई है। तमिल सिनेमा के इस दिग्गज अभिनेता की आखिरी फिल्म है, इसके बाद वह फिल्मों की बजाय तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय हो जाएंगे। लेकिन ‘जन नायकन’ को लेकर ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि विजय की आखिर फिल्म रिलीज ही नहीं हो सकती है। विस्तार में जानिए, ऐसा किन कारणों से हुआ?
सेंसर ने नहीं मिला सर्टिफिकेट
फिल्म ‘जन नायकन’ जब 18 दिसंबर को सेंसर बोर्ड के पास स्क्रीनिंग के पहुंचीं तो जांच कमेटी ने कुछ सीन पर आपत्ति की। इन पर कट लगाने की बात कही। इस बात के लिए फिल्म के मेकर्स मान गए। सेंसर बोर्ड के सुझाव पर फिल्म में 27 कट लगाए गए। फिल्म में 27 कट लगाने के बाद फिल्म ‘जन नायकन’ दोबारा सेंसर बोर्ड के पास पहुंचीं। फिल्म देखने के बाद सेंसर बोर्ड के रीजनल ऑफिस ने बताया कि जांच कमेटी ने ‘जन नायकन’ को यू\ए 16 प्लस सर्टिफिकेट देने की बात कही है। लेकिन इसके बाद भी फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला। यह सारी घटना 22 दिसंबर को हुई। फिर ‘जन नायकन’ को 5 तारीख को रिव्यू कमेटी के पास भेजा गया। रीजनल ऑफिस ने फिल्म के मेकर्स को सेंसर बोर्ड के मुंबई ऑफिस से कॉन्टैक्ट करने को कहा। लेकिन सूचना में देरी के कारण मेकर्स ऐसा नहीं कर पाए।
कोर्ट पहुंचे फिल्म के मेकर्स, सेंसर ने भी रखा अपना पक्ष
जब सेंसर बोर्ड से किसी तरह का सपोर्ट ‘जन नायकन’ को नहीं मिला तो मेकर्स ने कोर्ट का रुख किया। केवीएन प्रोडक्शन हाउस ने 6 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में फिल्म के मेकर्स ने कहा कि ‘जन नायकन’ की रिलीज में देरी के कारण लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। दरअसल, इस फिल्म के टिकट पहले ही बिक चुके हैं। कोर्ट में ‘जन नायकन’ के मेकर्स ने यह भी बताया कि पहले सेंसर बोर्ड की जांच कमेटी के सभी सदस्यों ने अपने सुझाव बताए थे, जिन पर अमल किया गया। लेकिन बाद में जांच कमेटी के एक सदस्य ने सेंसर बोर्ड के चेयरपर्सन के सामने ‘जन नायकन’ को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, इसके बाद ही फिल्म को लेकर आगे की जांच फिर शुरू की गई। विजय थलापति की आखिरी फिल्म को लेकर मेकर्स को यही उम्मीद थी कि कोर्ट, सेंसर बोर्ड को सर्टिफिकेट देने का निर्देश देंगे। बुधवार यानी 7 जनवरी को इसी मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई में सेंसर बोर्ड ने बताया कि फिल्म को एक शिकायत के बाद रिव्यू कमेटी को भेजा गया था। ‘जन नायकन’ काे लेकर यह बात सामने आई थी कि इसमें अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बात है। इसके अलावा भी फिल्म में कई ऐसी बातें थीं, जिन पर सेंसर को आपत्ति थी। इस केस की अगली सुनवाई 9 जनवरी को होनी है। इसी दिन फिल्म को रिलीज होना था।
टल गई फिल्म की रिलीज
बुधवार रात ही ‘जन नायकन’ के प्रोडक्शन हाउस केवीएन ने फिल्म के पोस्टपोन होने की जानकारी दी। मेकर्स ने कहा, ‘भारी मन से हम अपने दर्शकों के साथ यह अपडेट शेयर कर रहे हैं। फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज कुछ ऐसे कारणों से टाल दी गई है जो हमारे कंट्रोल से बाहर हैं। नई रिलीज डेट जल्द से जल्द साझा की जाएगी।’
‘जन नायकन’ के समर्थन में उतरे साउथ कलाकार
फिल्म ‘जन नायकन’ और थलापति विजय के समर्थन में साउथ के एक्टर्स उतर आए हैं। एक्टर रवि मोहन, डायरेक्टर वेंकट प्रभु, डायरेक्टर कार्तिक सुब्बाराज, डायरेक्टर रत्न कुमार, सिब्बी सत्यराज ने ‘जन नायकन’ के सपोर्ट में रैली करनी की बात कही है। सोशल मीडिया पर थलापति विजय को खुलकर सपोर्ट दिया है।