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Mohanlal: 'बारोज' के फिल्म निर्देशन पर बोले मोहनलाल, कहा- मैं आज भी एक बच्चे की तरह का सीखता हूं
Mon, 30 Dec 2024 03:03 PM IST
तनु चतुर्वेदी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: तनु चतुर्वेदी
Updated Mon, 30 Dec 2024 03:03 PM IST
सार
मोहनलाल ने अपनी आगामी फिल्म बारोज और फिल्म निर्देशन को लेकर बात की है। उन्होंने कहा कि वे आज भी एक बच्चे की तरह चीजें सीखते हैं और इसे वे कभी बंद नहीं करेंगे।
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बारोज
- फोटो : यूट्यूब
विस्तार
'बारोज' फिल्म में नजर आने वाले हैं। उन्होंने बच्चों और बचपन को लेकर बात की है। उन्होंने फिल्म निर्देशन को लेकर बात ही है। साथ ही बताया है कि वे खुद को आज भी एक बच्चा मानते हैं, कुछ नया और उत्साहजनक करने की कोशिश रहती है उनकी।
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बारोज
- फोटो : सोशल मीडिया
स्क्रीन की ओर आकर्षित हो रहे हैं बच्चे
मिडे की खबर के अनुसार मोहनलाल ने बताया कि बच्चे तेजी से स्क्रीन की ओर आकर्षित हो रहे हैं, चाहे वह गेम में भाग लेना हो, वीडियो देखना हो या सोशल मीडिया सामग्री को स्क्रॉल करना हो। बाहरी गतिविधियों की कीमत पर आता है जो कभी लोगों के बचपन का अभिन्न अंग हुआ करते थे। बच्चे पेड़ों पर चढ़ते थे, खेतों में खेलते थे, कहानियां सुनाते थे और अपनी रचनात्मकता को उन तरीकों से तलाशते थे जो दुनिया के बारे में उनकी समझ को आकार देते थे। आज, आश्चर्य और जुड़ाव के वे क्षण दुर्लभ होते जा रहे हैं। इसलिए, मैंने सोचा कि हमें बच्चों के लिए कुछ करना चाहिए।"
मिडे की खबर के अनुसार मोहनलाल ने बताया कि बच्चे तेजी से स्क्रीन की ओर आकर्षित हो रहे हैं, चाहे वह गेम में भाग लेना हो, वीडियो देखना हो या सोशल मीडिया सामग्री को स्क्रॉल करना हो। बाहरी गतिविधियों की कीमत पर आता है जो कभी लोगों के बचपन का अभिन्न अंग हुआ करते थे। बच्चे पेड़ों पर चढ़ते थे, खेतों में खेलते थे, कहानियां सुनाते थे और अपनी रचनात्मकता को उन तरीकों से तलाशते थे जो दुनिया के बारे में उनकी समझ को आकार देते थे। आज, आश्चर्य और जुड़ाव के वे क्षण दुर्लभ होते जा रहे हैं। इसलिए, मैंने सोचा कि हमें बच्चों के लिए कुछ करना चाहिए।"
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बारोज
- फोटो : यूट्यूब
एनिमेशन का किया है प्रयोग
स्टोरीलाइन को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने पर मोहनलाल ने कहा, आपको स्पेशल कैमरा, कलर, कपड़े और मेकअप चाहिए होता है। फिल्म बनाने के लिए बहुत सी अलग चीजें होती हैं। यहां कुछ नया है। मुख्य किरदारों को लेकर पानी के अंदर एनिमेटेड गाना भी फिल्माया है। मैंने पिछले 47 साल से काम किया है लेकिन इस बार कुछ नया है। मैं खुद को आज भी एक बच्चा ही मानता हूं और हमेशा कुछ नया और उत्साहजनक काम करने की कोशिश करता हूं।
स्टोरीलाइन को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने पर मोहनलाल ने कहा, आपको स्पेशल कैमरा, कलर, कपड़े और मेकअप चाहिए होता है। फिल्म बनाने के लिए बहुत सी अलग चीजें होती हैं। यहां कुछ नया है। मुख्य किरदारों को लेकर पानी के अंदर एनिमेटेड गाना भी फिल्माया है। मैंने पिछले 47 साल से काम किया है लेकिन इस बार कुछ नया है। मैं खुद को आज भी एक बच्चा ही मानता हूं और हमेशा कुछ नया और उत्साहजनक काम करने की कोशिश करता हूं।
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बारोज
- फोटो : यूट्यूब
फिल्म निर्देशन को लेकर बोले मोहनलाल
उन्होंने बताया कि फिल्म बनाना बहुत ही धैर्य का काम होता है। ये सभी फिल्मों की मांग होती है। फिल्म को बनाने के लिए जुनून और ईमानदारी चाहिए। आपको हमेशा मजबूत होकर काम करने की जरूरत है क्योंकि हर दिन बहुत मुश्किल होता है। पोस्ट प्रोडक्शन का हिस्सा बनना सबसे मुश्किल होता है।
उन्होंने बताया कि फिल्म बनाना बहुत ही धैर्य का काम होता है। ये सभी फिल्मों की मांग होती है। फिल्म को बनाने के लिए जुनून और ईमानदारी चाहिए। आपको हमेशा मजबूत होकर काम करने की जरूरत है क्योंकि हर दिन बहुत मुश्किल होता है। पोस्ट प्रोडक्शन का हिस्सा बनना सबसे मुश्किल होता है।